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स्टेट पी.सी.एस.

  • 16 Aug 2022
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उत्तर प्रदेश Switch to English

10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने की रणनीति

चर्चा में क्यों?

14 अगस्त, 2022 को एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 10 खरब डॉलर करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सेक्टरवार रणनीति बनाकर काम करना शुरू कर दिया गया है।

प्रमुख बिंदु 

  • इसके तहत प्रदेश में आयात होने वाले 95 उत्पादों को चिह्नित किया गया है। इनका उत्पादन प्रदेश में ही करने की योजना बनाई गई है।
  • गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एमएसएमई विभाग को प्रदेश में आयात होने वाले उत्पादों को चिह्नित करने के निर्देश दिये थे।
  • वित्त वर्ष 2021-22 में यूपी के ड्राई पोर्ट (रेल या सड़क परिवहन से बंदरगाह का जुड़ना) से 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के 95 उत्पाद आयात हुए हैं। इसमें 10 हज़ार करोड़ रुपए से लेकर सौ करोड़ रुपए तक के 48 उत्पादों का आयात किया गया है।
  • प्रदेश में आयात होने वाले शीर्ष-10 उत्पादों में पहले स्थान पर इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के 10,200 करोड़ रुपए के ट्रांसफार्मर, जेनरेटर, मिक्सर ग्राइंडर, सेमी कंडक्टर चिप, प्रोसेसर और मेमोरीज आदि उत्पाद हैं। दूसरे स्थान पर 6592 करोड़ रुपए के मछली का तेल, कैस्टर ऑयल, सोयाबीन का तेल व अन्य खाद्य तेल हैं।
  • तीसरे स्थान पर 6315 करोड़ रुपए के न्यूक्लियर रिएक्टर, बॉयलर्स और बड़े प्लांट में उपयोग होने वाली मशीनरी, चौथे स्थान पर 4906 करोड़ रुपए के प्लास्टिक पैलेट्स और पाँचवें स्थान पर 2817 करोड़ रुपए के एल्यूमीनियम, आयरन, स्टील और कॉपर के उत्पाद हैं।
  • छठे स्थान पर 1592 करोड़ रुपए के ऑर्गेनिक केमिकल्स, सातवें स्थान पर 1590 करोड़ रुपए के सर्जिकल उपकरण, आठवें स्थान पर 1515 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के आभूषण व रत्न, नौवें स्थान पर 1207 करोड़ रुपए के पेपर बोर्ड, कार्ड बोर्ड, केमिकल के बने हार्ड बोर्ड और दसवें स्थान पर 1106 करोड़ रुपए के निकिल व निकिल स्क्रैप मेटल्स का आयात होता है।

बिहार Switch to English

रोहतास में तीन जवानों को किया गया सम्मानित

चर्चा में क्यों?

15 अगस्त, 2022 को बिहार के रोहतास पुलिस लाइन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में रोहतास पुलिस के तीन जवानों को राष्ट्रपति पुलिस सराहनीय सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • रोहतास ज़िले के एसपी आशीष भारती एवं डीएम धर्मेंद्र कुमार द्वारा तीनों जवानों-सिपाही दीपक कुमार पोद्दार, व्यास प्रसाद और बसंत कुमार को यह सम्मान पत्र दिया गया।
  • इस अवसर पर एसपी ने बताया कि रोहतास पुलिस द्वारा 6 योग्य पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से 3 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस सराहनीय सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।
  • विदित हो कि 76वें स्वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति पुलिस मेडल की घोषणा की गई है। उनमें रोहतास के तीन पुलिस कांस्टेबल के नाम शामिल किये गए हैं। जिन पुलिस जवानों को राष्ट्रपति मेडल मिला है उनमें डेहरी पुलिस लाइन के जवान दीपक कुमार पोद्दार एवं रोहतास ज़िला पुलिस के दो जवान व्यास प्रसाद और बसंत कुमार शामिल हैं।
  • एसपी ने बताया कि राष्ट्रपति पुलिस सराहनीय सेवा पदक सर्वोच्च पुलिस पुरस्कारों में से एक है। यह उन पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को दिया जाता है जो अपने सेवा का कम से कम 18 साल पूरा कर चुके हों तथा इनका पूरा सेवा काल सरहानीय रहा हो।
  • उल्लेखनीय है कि सिपाही दीपक कुमार पोद्दार वर्ष 2000 से, व्यास प्रसाद वर्ष 1999 से एवं बसंत कुमार वर्ष 2000 से पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। 

राजस्थान Switch to English

राजस्थान के नागरिक सुरक्षा विभाग के दो अधिकारियों को महामहिम राष्ट्रपति का नागरिक सुरक्षा पदक दिये जाने की घोषणा

चर्चा में क्यों?

14 अगस्त, 2022 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नागरिक सुरक्षा विभाग के दो अधिकारियों को भारत सरकार द्वारा महामहिम राष्ट्रपति का नागरिक सुरक्षा पदक दिये जाने की घोषणा की गई।

प्रमुख बिंदु 

  • जिन दो अधिकारियों को महामहिम राष्ट्रपति के नागरिक सुरक्षा पदक दिये जाने की घोषणा की गई है, उनमें अलवर ज़िले के कलेक्टर और नियंत्रक नागरिक सुरक्षा जितेंद्र कुमार सोनी तथा जगदीश प्रसाद रावत, उप-नियंत्रक (सेवानिवृत्त) शामिल हैं।
  • जितेंद्र कुमार सोनी ने झालावाड़, जालोर व नागौर ज़िले के कलेक्टर रहते विभिन्न आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा कार्यों में उत्कृष्ट कार्य किये हैं। इन्हें जालोर कलेक्टर रहते अपनी जाने की परवाह किये बिना, बाढ़ में फँसे 8 लोगों को जीवित निकालने पर पूर्व में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रपति महोदय का ‘जीवन रक्षक पदक’से नवाजा जा चुका है।
  • इसके साथ ही इन्हें भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा महाविद्यालय नागपुर में वर्ष 2016 में सर्वश्रेष्ठ नियंत्रक नागरिक सुरक्षा का अवार्ड भी प्रदान किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा कार्यों में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिये भारत सरकार द्वारा 15 अगस्त, 2022 के अवसर पर इन्हें ‘राष्ट्रपति महोदय के नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक’दिये जाने की घोषणा की गई है।
  • इसी प्रकार जगदीश प्रसाद रावत को नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन में सराहनीय व उत्कृष्ट सेवाओं के लिये 15 अगस्त 2022 के अवसर पर ‘राष्ट्रपति महोदय के नागरिक सुरक्षा विशिष्ट सेवा पदक’दिये जाने की घोषणा की गई है।

मध्य प्रदेश Switch to English

इंदौर के यशवंत सागर को मिला रामसर साइट का दर्जा

चर्चा में क्यों?

13 अगस्त, 2022 को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पाँच राज्यों के 11 जल-स्थलों को रामसर साइट का दर्जा दिया गया, जिसमें मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले का यशवंत सागर भी शामिल है।

प्रमुख बिंदु 

  • इसके साथ ही मध्य प्रदेश में अब चार रामसर साइट हो गई हैं। 3 अगस्त, 2022 को इंदौर ज़िले के सिरपुर तालाब को तथा 26 जुलाई, 2022 को शिवपुरी ज़िले के माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित सांख्य सागर झील को रामसर साइट का दर्जा मिला था, जबकि भोपाल की बड़ी झील (बड़ा तालाब/भोज ताल) पहले से ही रामसर साइट घोषित है।
  • केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा नामित किये गए 11 नए रामसर साइट्स में तमिलनाडु की चार, ओडिशा की तीन, जम्मू-कश्मीर की दो और मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र के एक-एक स्थल शामिल हैं। इनको मिलाकर भारत में अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के रामसर साइट्स की संख्या 75 हो गई हैं। ये आर्द्रभूमियाँ स्थल देश में 13,26,678 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हैं।
  • उल्लेखनीय है कि 1971 में ईरान के रामसर में रामसर संधि पत्र पर हस्ताक्षर के अनुबंध करने वाले पक्षों में से भारत एक है। भारत ने 1 फरवरी, 1982 को इस पर हस्ताक्षर किये। विश्व में हो रहे जलवायु असंतुलन और परिवर्तन के दौर में रामसर साइट की भूमिका विश्व के पर्यावरण सुधार में अति महत्त्वपूर्ण है।
  • 1982 से 2013 के दौरान, रामसर स्थलों की सूची में कुल 26 स्थलों को जोड़ा गया, हालाँकि, इस दौरान 2014 से 2022 तक, देश ने रामसर स्थलों की सूची में 49 नई आर्द्रभूमियाँ जोड़ी जा चुकी हैं।
  • इस वर्ष (2022) के दौरान ही कुल 28 स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया गया है। रामसर प्रमाण पत्र में अंकित स्थल की तिथि के आधार पर इस वर्ष (2022) के लिये 19 स्थल और पिछले वर्ष (2021) के लिये 14 स्थल हैं।
  • तमिलनाडु में अधिकतम रामसर स्थलों की संख्या (14), इसके पश्चात उत्तर प्रदेश में रामसर के 10 स्थल हैं।

मध्य प्रदेश Switch to English

आज़ादी की ‘गुमनाम नायिका’ सरस्वती राजामणि पर 10 साल की बेटियों ने लिखी पुस्तक

चर्चा में क्यों?

13 अगस्त, 2022 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 साल की दो बेटियों देवयानी और शिवरंजनी के साथ पौध-रोपण कर उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘सरस्वती राजामणि- एक भूली-बिसरी जासूस’ का विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु

  • ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’में देवयानी और शिवरंजनी अपनी पुस्तक के जरिये भारत की सबसे कम उम्र की महिला जासूस सरस्वती राजामणि से परिचय करा रही हैं। देवयानी और शिवरंजनी जुड़वाँ बहनें हैं।
  • इन्होंने महज 10 साल की उम्र में आज़ाद हिन्द फौज की जासूस सरस्वती राजामणि पर सचित्र पुस्तक लिखी है। देवयानी और शिवरंजनी का कहना है ‘इस वक्त जब देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हमें उन लोगों को भी याद करना चाहिये, जिनके बारे में ज्यादा लिखा-पढ़ा नहीं गया है, जो हमारे गुमनाम नायक/नायिका हैं, स्वतंत्रता दिलाने में जिनका महत्त्वपूर्ण योगदान है, लेकिन हमें उसकी जानकारी नहीं है।
  • उल्लेखनीय है कि साल 2021 में इन बच्चियों की पहली पुस्तक ‘सूर्य नमस्कार’प्रकाशित हो चुकी है, जिसे देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा था।
  • सरस्वती राजामणि आज़ाद हिन्द फौज की जासूस और बेहद कम उम्र की गुमनाम क्रांतिकारी थी। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को बहुत प्रभावित किया था।
  • सरस्वती राजामणि का जन्म बर्मा के एक संपन्न और देशभक्त परिवार में हुआ था। वे जब 16 साल की थीं, तब नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भाषण से इतनी प्रभावित हुईं कि अपने सारे गहने आज़ाद हिन्द फौज को दान कर दिये थे।
  • राजामणि का हौसला और जज्बा देखकर नेताजी ने उन्हें फौज का हिस्सा बना लिया। राजामणि ने अपनी दोस्त दुर्गा के साथ मिलकर ब्रिटिश कैंप की जासूसी की और कई महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ आज़ाद हिन्द फौज को दीं। इस दौरान कई अवसरों पर उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया लेकिन वह अपने ही देश में सम्मान न पा सकीं।
  • देवयानी और शिवरंजनी कहती हैं कि एक युवा भारतीय को सरस्वती राजामणि का जीवन देशभक्ति, समर्पण, बहादुरी, वफादारी और बिना किसी डर के अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देता है।       

हरियाणा Switch to English

हरियाणा सरकार ने 10 गाँवों को मिलाकर नई नगर परिषद, पटौदी-मंडी बनाने की घोषणा की

चर्चा में क्यों?

14 अगस्त, 2022 को हरियाणा सरकार ने पटौदी नगर पालिका तथा हेलीमंडी नगर पालिका (राजस्व संपदा जाटौली) तथा आसपास के 10 गाँवों को मिलाकर नगर परिषद, पटौदी-मंडी बनाने की घोषणा की है। इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।

प्रमुख बिंदु

  • जारी अधिसूचना के अनुसार गाँव नरहेड़ा, जनौला, रामपुर, छावन, मिल्कपुर, मिर्जापुर, मुबारकपुर, देवलावास, हेड़ाहेडी तथा खानपुर इस नए नगर परिषद, पटौदी-मंडी का हिस्सा होंगे।
  • पटौदी-मंडी नगर परिषद बनाने पर पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने कहा कि आखिरकार आजादी के 75 वर्ष बाद गुलामी के प्रतीक हेली शब्द से मुक्ति मिली है। लोगों का कहना था कि हेली एक अंग्रेज गवर्नर था। उसके नाम से नगर का नाम उचित नहीं है। अब नए नगर परिषद का गठन होने से यह विवाद समाप्त हो गया है।
  • नई सीमाओं की जानकारी उत्तर-बिंदु ‘ए’जो कि नगरपालिका, हेलीमंडी (राजस्व संपदा जाटौली), ग्राम लुहारी तथा फरीदपुर का त्रि-मिलन है, से आरंभ होकर पूर्व की तरफ नगरपालिका हेलीमंडी (राजस्व संपदा जाटौली) की उतरी सीमा के साथ तथा ग्राम फरीदपुर, महचाना तथा खंडेवला की संयुत्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘बी’तक होगी जो कि नगरपालिका, हेलीमंडी, ग्राम खंडेवला तथा रामपुर की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • इसके उपरांत बिंदु ‘बी’से पूर्व दक्षिण की तरफ ग्राम रामपुर की उतरी सीमा के साथ तथा ग्राम खंडेवला, जाटौला तथा जोड़ी की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘सी’ तक होगी जो कि ग्राम रामपुर, जोड़ी तथा जनौला की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘सी’से पूर्व की तरफ ग्राम जनौला की उतरी सीमा के साथ तथा ग्राम जोड़ी तथा घोषगढ़ की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘डी’तक होगी जो कि ग्राम जनौला, घोषगढ तथा नरहेड़ा की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘डी’से पूर्व की तरफ ग्राम नरहेड़ा की उत्तरी सीमा के साथ तथा ग्राम घोषगढ़ तथा नरहेड़ा की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘ई’तक होगी जो कि ग्राम नरहेड़ा, घोषगढ़ और भौड़ा कला की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • पूर्व-बिंदु ‘ई’से दक्षिण की तरफ ग्राम नरहेड़ा की पूर्व सीमा के साथ तथा ग्राम भौड़ाकला तथा ऊँचा माजरा की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘एफ’तक होगी जो कि ग्राम नरहेड़ा, ऊँचा माजरा तथा बाँस पदम्का की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘एफ’से पश्चिम की तरफ ग्राम नरहेड़ा की दक्षिण सीमा के साथ तथा ग्राम बाँस पदम्का, बिड़ खुर्द की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘जी’तक जो कि ग्राम नरहेड़ा, बिड खुर्द तथा नगरपालिका, पटौदी की राजस्व सीमाओं का त्रि- मिलन है।
  • बिंदु ‘जी’से दक्षिण की तरफ नगरपालिका, पटौदी की पूर्व सीमा के साथ तथा ग्राम बिड खुर्द तथा बास पदम्का की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘एच’तक जो कि नगरपालिका पटौदी, ग्राम बाँस पदम्का तथा मुमताजपुर की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • दक्षिण-बिंदु ‘एच’से पश्चिम उतर की तरफ नगरपालिका, पटौदी की दक्षिण सीमा के साथ तथा ग्राम मुमताजपुर तथा लोहाका की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘आई’ तक जो कि नगरपालिका पटौदी, ग्राम लोहाका तथा हेड़ाहेड़ी की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘आई’से दक्षिण की तरफ ग्राम हेड़ाहेड़ी के पूर्व-दक्षिण सीमा के साथ तथा ग्राम लोहाका, मुमताजपुर तथा हांसाका की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘जे’तक जोकि ग्राम हेड़ाहेड़ी, खानपुर तथा हांसाका की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘जे’से दक्षिण-पश्चिम की तरफ ग्राम खानपुर की पूर्व-पश्चिम सीमाओं के साथ तथा ग्राम हांसाका, नानूकलां, गोरियावास तथा खोड़ की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘के’तक जो कि ग्राम हेड़ाहेड़ी, खानपुर तथा खोड़ की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • पश्चिम-बिंदु ‘के’से पश्चिम की ओर ग्राम हेड़ाहेड़ी तथा नगरपालिका, पटौदी की दक्षिण सीमाओं के साथ ग्राम खोड़ की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ‘एल’तक जो कि नगरपालिका, पटौदी, ग्राम छावन तथा खोड़ की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘एल’से पश्चिम की तरफ ग्राम छावन के दक्षिण सीमा के साथ तथा ग्राम खोड़ तथा रणसिका की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘एम’तक जो कि ग्राम छावन रणसिका तथा मिलकपुर की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘एम’से उतर की तरफ ग्राम मिलकपुर की पश्चिम सीमा के साथ तथा ग्राम रणसिका, इंछापुरी तथा शाहपुरजाट की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘एन’तक जो कि ग्राम मिलकपुर, शाहपुरजाट तथा नगरपालिका हेलीमंडी (राजस्व संपदा जाटौली) की राजस्व सीमाओं का त्रि-मिलन है।
  • बिंदु ‘एन’से उत्तर की तरफ नगरपालिका हेलीमंडी की पश्चिम सीमा के साथ तथा ग्राम शाहपुरजाट, मुजफरा, राजपुरा, लुहारी की संयुक्त राजस्व सीमाओं के साथ-साथ बिंदु ‘ए’तक जो कि प्रारंभिक बिंदु है।

झारखंड Switch to English

मुख्यमंत्री ने पुलिस पदाधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया

चर्चा में क्यों?

15 अगस्त, 2022 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के पुलिस पदाधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने मुरारी लाल मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय), राँची एवं हवलदार महेंद्र प्रसाद, (विशेष शाखा), राँची को विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
  • शहीद, सहायक अवर निरीक्षक बनुआ उराँव, पुलिस अवर निरीक्षक प्रकाश कुमार रजक, समादेष्टा (सीआरपीएफ), कुणाल को वीरता के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदक/पुलिस पदक प्रदान किया गया।
  • पुलिस उपाधीक्षक रांची/पुलिस उपाधीक्षक मुसाबनी चंद्रशेखर आज़ाद, पुलिस निरीक्षक श्याम किशोर महतो को अनुसंधान में उत्कृष्टता हेतु केंद्रीय गृहमंत्री पदक प्रदान किया गया।
  • अवर निरीक्षक तोवियस तोपनो, अवर निरीक्षक चंद्रभूषण सिंह, सहायक अवर निरीक्षक विजय कुमार राम, सहायक अवर निरीक्षक विजय कुमार यादव, सहायक अवर निरीक्षक मनींद्र कुमार, हवलदार संजय कुमार श्रेष्ठ, हवलदार धर्मेंद्र कुमार, हवलदार विनय मांझी, हवलदार अजीत कुमार, हवलदार संजय कुमार यादव, हवलदार मुमताज खां, चालक आरक्षी राघवेंद्र नारायण चौबे तथा पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार राम को सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक प्रदान किया गया।
  • इसी प्रकार पुलिस निरीक्षक हुलास पूर्ति, पुलिस निरीक्षक देवकी सागा, पुलिस अवर निरीक्षक पंकज उराँव, सहायक अवर निरीक्षक राजीव रंजन, सहायक अवर निरीक्षक राजेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सोमनाथ पांड्या, हवलदार बालेश्वर यादव हवलदार प्रदुमन गुप्ता, हवलदार जितेंद्र कुमार सिंह और हवलदार अरुण कुमार सिंह को सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक प्रदान किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पुलिस पदक किसी भी पुलिस अधिकारी को राष्ट्र के लिये की जाने वाली उसकी सेवा के लिये दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के तीन उत्कृष्ट स्वावलंबी गौठानों को किया सम्मानित

चर्चा में क्यों?

15 अगस्त, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में आर्थिक गतिविधियों के कुशल संचालन एवं उत्कृष्ट कार्य के लिये प्रदेश के तीन स्वावलंबी गौठानों को सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु 

  • दुर्ग ज़िले के पाटन विकासखंड के केसरा गौठान, रायपुर ज़िले के आरंग विकासखंड के चटौद गौठान और कांकेर ज़िले के कोयलीबेड़ा के डोंडे, हरनगढ़ गौठान को सम्मानित किया गया।
  • मुख्यमंत्री ने इन तीनों गौठानों को 50-50 हज़ार रुपए की प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
  • इन तीनों गौठानों के गौठान समिति के अध्यक्ष क्रमश: कनक सोनी, तिलक वर्मा और विष्णु साहू ने अपने-अपने गौठानों की तरफ से यह सम्मान ग्रहण किया।
  • केसरा गौठान में स्वसहायता समूह के जरिये पशुपालकों से 4900 क्विंटल गोबर खरीदकर उससे 1700 क्विंटल कंपोस्ट तैयार कर विक्रय किया गया है। केसरा गौठान में आर्थिक गतिविधियों के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा मुर्गीपालन, बकरीपालन, मछलीपालन, बाड़ी विकास एवं तेल पेराई मशीन जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
  • चटौद गौठान समिति में पशुपालकों से अब तक 5500 क्विंटल गोबर खरीदकर 2200 क्विंटल कंपोस्ट तैयार कर विक्रय किया गया है। गौठान में सीता महिला संगठन मुर्गीपालन, मछलीपालन, बकरीपालन, बाड़ी विकास के साथ मशरूम उत्पादन, पापड़, आचार, बड़ी, वाशिंग पावडर आदि का उत्पादन कर रही है। सीता महिला समूह गौमूत्र खरीदी कर कीटनाशक नीमास्त्र और ब्रम्हास्त्र बना रही है, जो जैविक खेती के लिये रसायनमुक्त कीटनाशक हैं।
  • डोंडे, हरनगढ़ गौठान में समूह के माध्यम से पशुपालकों से 6200 क्विंटल गोबर की खरीदी कर 2900 क्विंटल कंपोस्ट तैयार किया गया है। गौठान में स्वसहायता समूह की महिलाएँ मछलीपालन, बाड़ी विकास, मशरूम उत्पादन, दीया निर्माण जैसी आयमूलक गतिविधियाँ संचालित कर रही हैं। गौठान द्वारा वर्मी कंपोस्ट विक्रय और गोबर क्रय का कार्य भी किया जा रहा है।
  • कार्यक्रम में सुराजी गाँव के अंतर्गत राज्य स्तरीय गोधन न्याय सेल में योजना के संचालन, क्रियान्वयन और समन्वय में उत्कृष्ट कार्य के लिये चार अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
  • इन अधिकारियों में कृषि विभाग के संयुक्त संचालक रामलखन खरे, ओएसडी डॉ. मौसम मेहरा, सहायक संचालक चंदन राय और चिप्स (CHIPS) के वरिष्ठ सलाहकार नीलेश सोनी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन्हें प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ Switch to English

साहित्यकार लीलाधर मंडलोई को मिला वसुंधरा सम्मान

चर्चा में क्यों?

14 अगस्त, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित 22वें वसुंधरा सम्मान समारोह में सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं पत्रकार लीलाधर मंडलोई को वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्मान समारोह कार्यक्रम में लीलाधर मंडलोई को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह तथा सम्मान निधि देकर सम्मानित किया।
  • उल्लेखनीय है कि वसुंधरा सम्मान स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे की स्मृति में प्रदान किया जाता है। स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे की 46वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वसुंधरा सम्मान का यह निरंतर 22वाँ आयोजन है।
  • कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ लोक जागरण की मासिक पत्रिका कृति वसुंधरा एवं चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के द्वारा संयुत्त रूप से किया गया।
  • मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे को याद करते हुए कहा कि वे ग्रामीण पत्रकारिता के पुरोधा थे। उन्होंने समाज सुधार के क्षेत्र में बहुत कार्य किया। वे बलि प्रथा के घोर विरोधी थे। उन्होंने अपने गाँव के मंदिर में भी बलि प्रथा बंद करा दी थी।
  • गौरतलब है कि साहित्यकार लीलाधर मंडलोई का जन्म वर्ष 1954 में अविभाजित मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िला के गुढ़ी नामक गाँव में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा भोपाल और रायपुर में हुई।
  • लीलाधर मंडलोई दूरदर्शन और आकाशवाणी के महानिदेशक के अलावा प्रसार भारती बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।
  • मंडलोई मूलत: कवि हैं। उनकी कविताओं में छत्तीसगढ़ की बोली की मिठास और वहाँ के जनजीवन का सजीव चित्रण है। वह लोककथा, लोकगीत, यात्रावृत्तांत, डायरी, मीडिया, पत्रकारिता तथा आलोचना लेखन की ओर प्रवृत्त हैं।

उत्तराखंड Switch to English

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से नवाजा

चर्चा में क्यों?

15 अगस्त, 2022 को स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट कार्यों के लिये मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से नवाजा।

प्रमुख बिंदु 

  • पुलिस उप महानिरीक्षक सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस., उपनिरीक्षक रेखा दानू, कृपाल सिंह एवं मुख्य आरक्षी वेद प्रकाश भट्ट को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया। 
  • भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में यूकेएसएसएससी परीक्षा धांधली की जाँच कर रही एसटीएफ की टीम को भी मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया।
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह, उप निरीक्षक दिलवर सिंह, नरोत्तम बिष्ट, उमेश कुमार एवं विपिन बहुगुणा को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।
  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

उत्तराखंड Switch to English

13 वीर नारियों और 12 सैन्य अधिकारियों को वीरता पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

13 अगस्त, 2022 को उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने 13 वीर नारियों और 12 पूर्व सैनिक व सैन्य अधिकारियों/वर्तमान सैन्य अधिकारियों को वीरता पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस दौरान राज्यपाल ने छात्रों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और जवानों, छात्रों, बलिदानी सैनिकों के स्वजन व पूर्व सैनिकों से बातचीत की।
  • राज्यपाल ने कहा कि वीरांगनाओं का राष्ट्र निर्माण के लिये जो समर्पण है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सबसे बड़े सौभाग्य की बात यह है कि ये कार्यक्रम ऐसे स्थान पर हो रहा है, जहाँ से देश को पहला परमवीर चक्र विजेता सोमनाथ शर्मा जैसा वीर मिला।
  • राज्यपाल ने सब एरिया मुख्यालय के अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि उत्तराखंड सैनिक कल्याण बोर्ड की भाँति वह भी पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और बलिदानियों के स्वजनों की जानकारी एकत्र कर डाटाबेस तैयार कर सकते हैं। उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रदेश के सैनिकों व वीर नारियों के लिये विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
  • वीर नारियों के रूप में सुनीता बिष्ट, शांति देवी, चित्रा देवी, लक्ष्मी तोमर, रामप्यारी, उर्मिला देवी, अंजू देवी, पार्वती देवी, विमला देवी, लता देवी, सुजाता थापा, किरन, अनिता देवी को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • पूर्व सैनिक व सैन्य अधिकारीयों मे प्रमोद चंद्र भारद्वाज, मेजर जनरल शमशेर सिंह, कोमोडोर ए के सिन्हा, आनरेरी कैप्टन खुसिंग गुरुंग, दल बहादुर लिंबू, देवी प्रसाद, सूबेदार बाग सिंह और सूबेदार मेजर वीर बहादुर पुन (सम्मान उनके दामाद लाल बहादुर ने ग्रहण किया) को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

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