राजस्थान Switch to English
राष्ट्रव्यापी कृषि क्षेत्रीय सम्मेलनों की शुरुआत जयपुर से हुई
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने घोषणा की है कि केंद्र–राज्य समन्वय को सुदृढ़ करने और कृषि विकास को तीव्र करने के लिये जयपुर से शुरू करते हुए देशभर में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों की एक शृंखला आयोजित की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय देश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों की एक शृंखला आयोजित करेगा।
- प्रारंभ स्थल: इस शृंखला का पहला सम्मेलन 7 अप्रैल, 2026 को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होगा।
- घोषणा: इस पहल की घोषणा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की।
- उद्देश्य:
- कृषि क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना।
- विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना।
- कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के लिये क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियाँ तैयार करना।
- क्षेत्रीय कवरेज: स्थानीय कृषि चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए ये सम्मेलन क्षेत्रवार आयोजित किये जाएंगे।
- पश्चिमी क्षेत्र सम्मेलन: जयपुर (राजस्थान) – 7 अप्रैल, 2026
- उत्तरी क्षेत्र सम्मेलन: लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – 17 अप्रैल, 2026
- पूर्वी क्षेत्र सम्मेलन: भुवनेश्वर (ओडिशा) – 24 अप्रैल, 2026
- मुख्य फोकस क्षेत्र: आत्मनिर्भर दलहन मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, प्राकृतिक कृषि मिशन और डिजिटल कृषि मिशन।
|
और पढ़ें: आत्मनिर्भर दलहन मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, प्राकृतिक कृषि मिशन। |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
विश्व की सबसे बड़ी और भारत की पहली डिजिटल जनगणना शुरू
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने जनगणना 2027 के चरण-I — हाउसलिस्टिंग एवं आवास जनगणना (HLO) की शुरुआत कर दी है, जो डिजिटल डेटा संग्रहण और स्व-गणना की शुरुआत के साथ विश्व की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया का आरंभ है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: जनगणना 2027 भारत की देशव्यापी जनसंख्या गणना प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य नीतिगत योजना और शासन के लिये जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक आँकड़ों का संग्रह करना है।
- यह देश की 16वीं जनगणना है तथा स्वतंत्रता के बाद आयोजित होने वाली 8वीं जनगणना है।
- डिजिटल जनगणना: जनगणना 2027 भारत की पहली जनगणना होगी, जिसमें डिजिटल डेटा संग्रहण और ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी।
- पहली बार गणनाकर्त्ता स्मार्टफोन पर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा एकत्रित और प्रस्तुत करेंगे।
- स्व-गणना सुविधा:
- नागरिक एक सुरक्षित वेब पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
- विवरण जमा करने के बाद सत्यापन हेतु एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) उत्पन्न होगी, जिसे गणनाकर्त्ता के दौरे के समय उपयोग किया जाएगा।
- शुरुआत: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनगणना 2027 के लिये स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने वाली पहली नागरिक बन गईं।
- पहले ही दिन लगभग 55,000 परिवारों ने इस सुविधा का लाभ उठाया।
- भाषाएँ: स्व-गणना सुविधा 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे यह प्रक्रिया देशभर के लोगों के लिये सुलभ बनती है।
- प्रारंभिक क्रियान्वयन क्षेत्र: यह प्रक्रिया प्रारंभ में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिज़ोरम, ओडिशा, सिक्किम तथा नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के क्षेत्रों में शुरू की गई।
- चरण-I – हाउसलिस्टिंग एवं आवास जनगणना:
- यह 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच आयोजित की जा रही है।
- प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश इस अवधि में 30 दिनों का निरंतर क्षेत्रीय कार्य करेगा।
- पहली बार घर-घर सर्वेक्षण शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि स्व-गणना के लिये प्रदान की जाएगी।
- संग्रहित जानकारी: चरण-I के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित विवरण 33 अधिसूचित प्रश्नों के माध्यम से एकत्र किये जाएंगे।
- कानूनी ढाँचा: जनगणना के दौरान एकत्रित आँकड़े जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत संरक्षित होते हैं, जो व्यक्तिगत जानकारी की कड़ी गोपनीयता सुनिश्चित करता है।
|
और पढ़ें: जनगणना अधिनियम, 1948, जनगणना 2027 शुभंकर |


%20(1).gif)











.jpg)


