राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स
वर्ल्ड फूड प्राइज़ 2026
- 31 Mar 2026
- 16 min read
चर्चा में क्यों?
नीदरलैंड्स के हूब लेलीवेल्ड को वैश्विक खाद्य सुरक्षा विज्ञान में उनके अग्रणी कार्य के लिये 2026 के वर्ल्ड फूड प्राइज़ पुरस्कार विजेता के रूप में नामित किया गया है, जिसने पूरे विश्व में खाद्य जनित बीमारियों के लाखों मामलों को रोकने तथा खाद्य हानि और अपशिष्ट को कम करने में सहायता की है।
मुख्य बिंदु:
- विजेता: हूब लेलीवेल्ड को 2026 का वर्ल्ड फूड प्राइज़ प्रदान किया गया है, जो खाद्य सुरक्षा और वैश्विक मानकों के क्षेत्र में उनके आजीवन योगदान की मान्यता है।
- लेलीवेल्ड ने 113 से अधिक देशों में फैले एक स्वैच्छिक आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसके माध्यम से विज्ञान-आधारित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानक, नियम और प्रक्रियाएँ विकसित की गईं, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षित खाद्य आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित हो सकी।
- उन्हें कीव स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई और अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिये डच शाही परिवार द्वारा ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑरेंज-नासाउ’ की उपाधि भी दी गई।
- संगठन: उन्होंने वर्ष 2004 में ग्लोबल हार्मोनाइजेशन इनिशिएटिव (GHI) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा नियमों में समन्वय स्थापित करना, व्यापार को सुगम बनाना और सुरक्षित भोजन की आपूर्ति में बाधा बनने वाली अनावश्यक रुकावटों को कम करना है, विशेषकर कमज़ोर वर्गों के लिये।
- उनके कार्य ने आधुनिक स्वच्छ उत्पादन विधियों एवं तकनीकों को विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाई, जिससे अत्यधिक परिरक्षकों पर निर्भरता कम हुई, खाद्य गुणवत्ता में सुधार हुआ और खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ बढ़ी।
- वर्ल्ड फूड प्राइज़:
- इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1986 में नोबेल पुरस्कार विजेता नॉर्मन बोरलॉग द्वारा की गई थी।
- इस पुरस्कार के विजेताओं को कृषि, पोषण, खाद्य प्रौद्योगिकी और भूख उन्मूलन के क्षेत्र में नवाचारों के लिये प्रतिवर्ष 5 लाख अमेरिकी डॉलर प्रदान किये जाते हैं।
- इसका पहला पुरस्कार 1987 में एम. एस. स्वामीनाथन को दिया गया था, जिन्हें भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है।
- वर्ष 2025 का वर्ल्ड फूड प्राइज़ मारियांगेला हंग्रिया को प्रदान किया गया था।