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पी.सी.एस.



राजस्थान

राजस्थान पी.सी.एस. मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

  • 02 Feb 2026
  • 209 min read

RPSC RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी की सही शुरुआत आधिकारिक सिलेबस को स्पष्ट रूप से समझने से होती है। जनवरी 2026 में अपडेट किया गया RAS मेन्स सिलेबस कुल चार प्रश्नपत्रों में विभाजित है, जिनमें सामान्य अध्ययन, राजस्थान-विशेष विषय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, राजनीति विज्ञान, नैतिकता, विधि तथा भाषा कौशल से जुड़े विषय शामिल हैं।

नीचे RAS मेन्स का पूरा विषयवार सिलेबस प्रस्तुत किया गया है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि आप अपनी तैयारी को सुव्यवस्थित कर सकें, अधिक वेटेज वाले टॉपिक्स पर फोकस कर सकें और नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार एक मज़बूत उत्तर-लेखन रणनीति विकसित कर सकें।

परीक्षा की योजना और पाठ्यक्रम: 

  • मुख्य परीक्षा में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या वर्ष में भरी जाने वाली कुल रिक्तियों की अनुमानित संख्या का 15 गुना होगी।
  • लिखित परीक्षा में चार पेपर होंगे जो वर्णनात्मक/विश्लेषणात्मक प्रकृति के होंगे। सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेज़ी का स्तर सीनियर सेकेंडरी स्तर का होगा। प्रत्येक पेपर के लिये 3 घंटे का समय दिया जाएगा।

मुख्य परीक्षा के लिये नवीनतम सिलेबस नीचे प्रस्तुत किया गया है।

प्रश्न पत्र- ।: सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन

इकाई ।- इतिहास

खंड अ- राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परंपरा और धरोहर

  • प्रागैतिहासिक संस्कृति, विभिन्न ऐतिहासिक स्थल एवं उनका महत्त्व राजस्थान के विभिन्न शासकों की राजनैतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियाँ (18वीं शताब्दी तक)
  • राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्था एवं बदलता स्वरूप।
  • 19वीं एवं 20वीं शताब्दी 1857 का विद्रोह, कृषक एवं जनजातीय आंदोलन, राजनैतिक जागरण, जन आंदोलन एवं राजस्थान का एकीकरण।
  • कला एवं संस्कृति- प्रदर्शन एवं ललित कला, हस्तशिल्प, स्थापत्य एवं स्मारक, लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक कलाएं एवं लोक आख्यान।
  • मेले एवं त्योहार।
  • जनजातियाँ एवं उनकी परंपराएँ।
  • विरासत राजस्थान की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर एवं प्रमुख पर्यटन स्थल।
  • राजस्थानी भाषा एवं प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ।
  • धार्मिक मान्यताएँ, संत एवं लोक देवी-देवता।

खंड ब- भारतीय इतिहास एवं संस्कृति

  • भारतीय धरोहरः सिंधु सभ्यता से लेकर ब्रिटिश काल तक की भारत की ललित कलाएँ, प्रदर्शन कलाएँ, वास्तुकला एवं साहित्य।
  • प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के धार्मिक आंदोलन और दर्शन।
  • ब्रिटिश नीतियाँ एवं उनके प्रभाव देश का राजनैतिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक एकीकरण।
  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन- इसके विभिन्न चरण व धाराएँ, प्रमुख योगदानकर्त्ता।
  • 19वीं तथा 20वीं शताब्दी में सामाजिक- धार्मिक सुधार आंदोलन एवं बौद्धिक जागरण।
  • स्वातंत्र्योत्तर भारत- देशी रियासतों का विलय तथा राज्यों का भाषायी आधार पर पुनर्गठन, विज्ञान एवं तकनीक का विकास, महिला सशक्तीकरण एवं महिला सुधार आंदोलन।

खंड स- आधुनिक विश्व का इतिहास (1991 ईस्वी तक)

  • पुनर्जागरण व धर्म सुधार।
  • अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम, फ्रांसीसी क्रांति, औद्योगिक क्रांति एवं रूसी क्रांति।
  • जर्मनी में नाजीवाद एवं इटली में फासीवाद।
  • विश्व युद्धों का प्रभाव।
  • शीत युद्ध के दौरान विश्व।

इकाई ।। - अर्थव्यवस्था

खंड अ- भारत की अर्थव्यवस्था

  • आर्थिक संवृद्धि और विकास- अवधारणा और माप। आय दृष्टिकोण, मानव विकास सूचकांक और अन्य संबंधित सूचकांक। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय क्षरण।
  • कृषिः उत्पादकता और प्रगति। भूमि सुधार। कृषि वित्त तथा विपणन। खाद्य सुरक्षा, खाद्य प्रसंस्करण। मुख्य नीतिगत पहल ।
  • औद्योगिक नीति और सुधार। वैश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण औद्योगिक वित्त। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम महत्त्व और नीतिगत पहल।
  • सेवा क्षेत्र और आधारभूत संरचनाः ऊर्जा, परिवहन और संचार
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और भुगतान संतुलन। विदेशी सहायता और निवेश
  • सार्वजनिक वित्त संघीय बजटः आय और व्यय के स्त्रोत, बजट घाटा और सार्वजिनक ऋण भारत के राजकोषीय नीति व सुधार। केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध और वित्त आयोग।
  • भारतीय रिज़र्व बैंक और मौद्रिक प्रबंधन। भारत के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के सुधार।
  • सामाजिक क्षेत्रः शिक्षा और स्वास्थ्य। गरीबी और बेरोज़गारी। भारत में श्रम की रोज़गार योग्यता को बढ़ाने वाली योजनाएँ। समाज के कमज़ोर और उपेक्षित वर्गों के कल्याण की योजनाएँ।
  • वैश्विक आर्थिक मुद्दे

खंड ब - वैश्विक अर्थव्यवस्था

  • विश्व व्यापार संगठन, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिका।

खंड स- राजस्थान की अर्थव्यवस्था

  • राजस्थान के आर्थिक संवृद्धि संकेतक राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय और समावेशी संवृद्धि। विकसित राजस्थान 2047। हरित संवृद्धि तथा पर्यावरणीय संधारणीयता। संधारणीय विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राजस्थान की स्थिति।
  • राज्य बजट- राजकोषीय प्रबंधन और बजट घाटा
  • कृषि विकासः उत्पादन और उत्पादकता। जल संसाधन और सिंचाई। पशुपालन और सहायक गतिविधियाँ। कृषि विपणन । कृषकों के कल्याण की सरकारी योजनाएँ।
  • ग्रामीण विकास और ग्रामीण आधारभूत संरचना। पंचायतीराज संस्थाएँ और राज्य वित्त आयोग।
  • औद्योगिक विकास के लिये संस्थागत तंत्र। निवेश प्रोत्साहन नीति। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों का महत्त्व और उनके विकास के लिये नीतिगत पहल। राज्य में पेट्रोलियम और तेल संसाधन।
  • आधारभूत संरचना का विकास ऊर्जा और परिवहन। सार्वजनिक व निजी सहभागिता परियोजनाएँ। बाहरी सहायता से वित्तपोषित राज्य परियोजनाएँ
  • मानव संसाधन विकास स्वास्थ्य और शिक्षा। बेरोज़गारी और गरीबी। रोज़गार सृजन और गरीबी निवारण योजनाएँ।
  • सुशासन और सार्वजनिक सेवाओं को प्रभावी रूप से प्रदान करने के लिये डिजीटल रूपांतरण
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यकों/दिव्यांगजनों, निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के कल्याण के लिये राज्य सरकार की मुख्य योजनाएँ।

इकाई ।।।- समाजशास्त्र, प्रबंधन, लेखांकन एवं अंकेक्षण

खंड अ- समाजशास्त्र

भारतीय समाज में समाजशास्त्रीय चिंतन :

  • जाति एवं वर्ग की अवधारणा, भारतीय समाज में जाति एवं वर्ग के बदलते आयाम।
  • समकालीन भारतीय समाज एवं संस्कृति में परिवर्तन धर्मनिरपेक्षीकरण, शहरीकरण, आधुनिकीकरण और वैश्वीकरण।
  • भारतीय सामाजिक व्यवस्था से संबंधित अवधारणाएँ कर्म का सिद्धांत, धर्म, पुरुषार्थ और आश्रम व्यवस्था।
  • वर्तमान भारतीय समाज में परिवार एवं विवाह, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजन से संबंधित मुद्दे।
  • भारतीय समाज पर साइबर अपराध और सोशल मीडिया का प्रभाव।
  • भारतीय समाज के समक्ष चुनौतियाँ एवं मुद्दे दहेज़, तलाक, भ्रष्टाचार, गरीबी, वेश्यावृत्ति, बेरोज़गारी और नशाखोरी।
  • भारतीय समाज के कमज़ोर वर्गों से संबंधित समस्याएँ (मुख्यतः राजस्थान के संबंध में) : महिलाएँ, सीमांत समूह, दलित, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और उनके लिये कल्याणकारी योजनाएँ।

खंड ब- प्रबंधन

  • सामान्य प्रबंध: प्रबंधकीय अवधारणा, प्रबंधकीय कौशल एवं स्तर, प्रबंध के कार्य, एमबीओ (MBO), निर्णय प्रक्रिया तकनीक व मॉडल।
  • संगठनात्मक व्यवहारः प्रकृति व क्षेत्र, अनुभूति, अभिप्रेरणा- संकल्पना एवं विचारधाराएँ, समूह गत्यात्मकता एवं दल निर्माण, संगठानात्मक जलवायु एवं संस्कृति।
  • विपणन प्रबंधः अवधारणा एवं क्षेत्र, विपणन मिश्रण- उत्पाद, कीमत, संवर्द्धन, भौतिक वितरण, सेवा एवं डिजिटल विपणन।
  • मानव संसाधन प्रबंधः संकल्पना एवं क्षेत्र, मानव संसाधन नियोजन, भर्ती, चयन, पदस्थापन एवं प्रशिक्षण, निष्पादन मूल्यांकन प्रणालियाँ, मानव संसाधन की आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
  • रणनीति प्रबंधनः संकल्पना एवं क्षेत्र, व्यावसायिक वातावरण व स्वॉट (SWOT) विश्लेषण, रणनीति निरूपण एवं क्रियान्वयन, रणनीति नियंत्रण एवं मूल्यांकन

खंड स- लेखांकन एवं अंकेक्षण

  • लेखांकन का सैद्धान्तिक आधारः सामान्यतः मान्य लेखा सिद्धांत (GAAPs) एवं आधारभूत लेखांकन अवधारणाएँ
  • लेखांकन मानकः लेखांकन मानकों का आधारभूत ज्ञान
  • कंपनी के वित्तीय विवरण; वित्तीय विवरणों के विश्लेषण की तकनीकें; रोकड़ प्रवाह विवरण, सामाजिक लेखांकन एवं उत्तरदायित्व लेखांकन का आधारभूत ज्ञान।
  • कंप्यूटरीकृत लेखांकनः विशेषताएँ एवं सॉफ्टवेयर पैकेज।
  • वस्तु एवं सेवा कर का आधारभूत ज्ञान।
  • अंकेक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, अंकेक्षण कार्यक्रम, सामाजिक, निष्पादन एवं दक्षता अंकेक्षण का आधारभूत ज्ञान, सरकारी अंकेक्षण का प्रारंभिक ज्ञान।

प्रश्न पत्र- ।।: सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन

इकाई ।- प्रशासकीय नीतिशास्त्र

  • नीतिशास्त्र एवं मानवीय मूल्य- महापुरुषों, समाज सुधारकों तथा प्रशासकों के जीवन से प्राप्त शिक्षा।
  • परिवार, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं का मानवीय मूल्यों को विकसित करने में योगदान।
  • नैतिक संप्रत्यय- ऋत एवं ऋण। कर्मवाद से प्रेरण, कर्त्तव्य की अवधारणा, शुभ एवं सद्गुण की अवधारणा।
  • निजी एवं सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र की भूमिका, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और असंलिप्तता का दार्शनिक आधार।
  • उदार समाजः पारदर्शिता, मीडिया और नौकरशाही।
  • भगवद् गीता का नीतिशास्त्र एवं प्रशासन में इसकी भूमिका।
  • गांधी का नीतिशास्त्र ।
  • भारतीय एवं विश्व के नैतिक चिंतकों एवं दार्शनिकों का योगदान।
  • प्रशासन में नैतिक चिंता, द्वंद्व एवं चुनौतियाँ, प्रशासनिक निर्णय में कृत्रिम बौद्धिकता बनाम अंतर्विवेक।
  • नैतिक निर्णय प्रक्रियाः सामाजिक न्याय, मानवीय चिंता, शासन में जवाबदेही उपकरण परक बौद्धिकता बनाम मूल्य परक बौद्धिकता।
  • उपरोक्त विषयों पर आधारित अ-तथ्यपरक केस अध्ययन।

इकाई ।। - सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

  • दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान; परमाणु संरचना; धातु, अधातु एवं उपधातु, धातुकर्म सिद्धांत और विधियाँ, महत्त्वपूर्ण अयस्क और मिश्र धातु; अम्ल, क्षार और लवण, pH और बफर की अवधारणा; महत्त्वपूर्ण औषधियाँ (संश्लेषित और प्राकृतिक), एंटीऑक्सिडेंट, परिरक्षक, कीटनाशी, पीड़कनाशी, कवकनाशी, शाकनाशी, उर्वरक, योजक और मधुरक; कार्बन एवं इसके यौगिक तथा उनके घरेलू एवं औद्योगिक अनुप्रयोग; ईंधन; ऑक्टेन रेटिंग; रेडियोधर्मिता-अवधारणाएँ और अनुप्रयोग; हरित रसायन एवं उसके अनुप्रयोग।
  • दैनिक जीवन में भौतिकी; गति, कार्य, शक्ति एवं उर्जा; गुरुत्वाकर्षण; प्रकाश एवं उसके गुण; ऊष्मा; स्थैतिक एवं धारा वैद्युतिकी; चुंबकत्व, वैद्युत चुंबकत्वः ध्वनि तथा विद्युत चुंबकीय तरंगें; चिकित्सीय निदान में भौतिकी के अनुप्रयोग; नाभिकीय विखंडन और संलयन; विकिरण सुरक्षा।
  • कोशिका; पादप भाग- उनके कार्य एवं उपयोग; पादप पोषण एवं वृद्धि नियामक- कृषि एवं बागवानी के विशेष संदर्भ में; पौधों में लैंगिक एवं अलैंगिक प्रजनन। मानव शरीर क्रिया विज्ञान की मूलभूत अवधारणाएँ- पाचन, श्वसन, परिसंचरण, उत्सर्जन, प्रजनन, तंत्रिका तंत्र। आहार एवं पोषण; प्रतिरक्षा; रोग; जन स्वास्थ्य हेतु पहल; लाभकारी एवं हानिकारक सूक्ष्मजीव; किण्वन तकनीकी; जैवप्रौद्योगिकी एवं आनुवंशिक इंजीनियरिंग-बुनियादी अवधारणाएँ और उनके अनुप्रयोग; आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों (GMOs) के नैतिक, कानूनी और सामाजिक मुद्दे (ELSI); नूतन प्रगतियाँ- टीके, CRISPR, mRNA तकनीक, कृत्रिम अंग।
  • आधारभूत कंप्यूटर विज्ञान; नेटवर्किंग; एनालॉग और डिजिटल दूरसंचार; आवृत्ति स्पेक्ट्रम; मोबाईल टेलीफोनी; सूचना और संचार प्रौद्योगिकी में नूतन विकास- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग; बिग डेटा; क्लाउड एवं ऐज कंप्यूटिंग; इंटरनेट ऑफ थिंग्स; ब्लॉकचैन और डिजीटल करेंसी; वर्चुअल और ऑगमेंटेड रिएलिटी; ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया।
  • भारतीय वैज्ञानिकों का विज्ञान और प्रौद्योगिकी में योगदान; मुख्य भारतीय वैज्ञानिक संस्थान; वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति रोबोटिक्स, नैनो प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि; भारत और राजस्थान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित सरकार की नीतियाँ; डिजीटल इंडिया पहल; साईबर सुरक्षा एवं डेटा गोपनीयता।
  • अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी- भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम; उपग्रह एवं उनके अनुप्रयोग; विभिन्न प्रक्षेपण यान; सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग); रक्षा अनुसंधान एवं स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ; भारतीय मिसाइल कार्यक्रम; ड्रोन तकनीक; रासायनिक और जैविक हथियार।

इकाई ।।।- पृथ्वी विज्ञान (भूगोल एवं भू-विज्ञान)

खंड अ-विश्व

  • पृथ्वी की आंतरिक संरचना एवं भू-वैज्ञानिक समय सारिणी।
  • प्रमुख भौतिक भू-आकृतियाँ पर्वत, पठार, मैदान, मरूस्थलः प्रकार तथा वितरण
  • भूकंप एवं ज्वालामुखी प्रकार, वितरण एवं उनका प्रभाव।
  • जलवायु - सूर्याभिताप, वायुमण्डलीय परिसंचरण, आर्द्रता तथा वर्षण
  • प्रमुख पर्यावरण संबंधी मुद्दे।

खंड ब-भारत

  • भारत का भू-आकृतिक विभाजन।
  • अपवाह प्रतिरूप तथा प्रमुख नदियाँ।
  • जलवायु : मानसून, जलवायु विशेषताएँ, वर्षा का वितरण एवं जलवायु प्रदेश।
  • प्राकृतिक संसाधन: प्रकार एवं उपयोग; जल, प्राकृतिक वनस्पति, मृदा, खनिज तथा ऊर्जा संसाधन
  • जनसंख्या : वृद्धि, वितरण, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता, नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्या।

खंड स-राजस्थान

  • भौतिक विभाग
  • प्रमुख नदियाँ एवं झीलें।
  • जलवायु विशेषताएँ एवं उनका वर्गीकरण।
  • प्राकृतिक वनस्पति, वन्यजीव तथा जैव विविधता।
  • मृदा संसाधन
  • कृषि- प्रमुख फसलें उत्पादन व वितरण।
  • खनिज संसाधन : प्रकार, वितरण एवं उनका औद्योगिक उपयोग।
  • जनसांख्यिकी विशेषताएँ
  • जनजातियाँ ।
  • यूनेस्को की भू-पार्क एवं भू-धरोहर स्थल संकल्पना: राजस्थान में संभावनाएँ।
  • पर्यटन

प्रश्न पत्र III: सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन

इकाई ।: भारतीय राज व्यवस्था, शासन, भारत एवं अंतर्राष्ट्रीय मामले और समसामयिक मामले

भारतीय के संविधान की उत्पत्ति, संरचना और प्रमुख सिद्धांत

  • संविधान सभा, प्रभाव स्त्रोत, दार्शनिक आधार, मौलिक अधिकार, राज्य के नीति-निदेशक तत्त्व तथा मौलिक कर्त्तव्य
  • आधारभूत लक्षण सिद्धांत, संशोधन प्रक्रिया और प्रमुख संवैधानिक परिवर्तन
  • नवीन संवैधानिक विकास एवं न्यायिक निर्णय, संवैधानिक नैतिकता और रूपांतरकारी संवैधानिकता

संस्थागत रूपरेखा एवं शासन तंत्र

  • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और संसद
  • भारत में संघवाद की उभरती प्रवृत्तियाँ
  • उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनर्विलोकन, न्यायिक सक्रियता, आभासी न्यायालय, ई-कोर्ट्स और ई-समिति

भारतीय राजनीति की गत्यात्मकता

  • भारत के लोकतंत्र में दलीय प्रणाली के विकास द्वारा चिह्नित समकालीन बदलाव, उभरता क्षेत्रवाद और गठबंधन पुनर्संयोजन
  • पहचान-आधारित राजनीति से मुद्दा केंद्रित एवं समावेशी राजनीति की ओर परिवर्तन, साथ ही लैंगिक भागीदारी में वृद्धि, कृत्रिम बुद्धिमता-सक्षम राजनीतिक लामबंदी के सामाजिक-राजनीतिक निहितार्थ
  • मतदान व्यवहार, निर्वाचन सुधार और भारत की निर्वाचन प्रक्रिया की कार्यप्रणाली
  • भारतीय राजनीति में विकसित समकालीन प्रतिमान
  • आंतरिक सुरक्षाः खतरे, सुरक्षा बलों एवं एजेंसियों का अधिदेश और भूमिका तथा आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन की चुनौतियाँ

राजस्थान में राज्य राजनीति और शासन

  • राजनीतिक सहभागिता के प्रतिमान, नेतृत्व एवं मतदान व्यवहार
  • राज्य में राजनीतिक दलों की भूमिका और गठबंधन की राजनीति
  • पंचायती राज एवं नगरीय स्थानीय स्वशासन-संरचना, मुद्दे और चुनौतियाँ
  • राजस्थान की राजनीति में नवीन आयाम और चुनौतियाँ
  • राजस्थान में सार्वजनिक नीति का रूपांकनः संस्थाएँ, प्रक्रियाएँ, हितधारक और कार्यान्वयन संबंधी बाधाएँ
  • प्रमुख ई-शासन उपक्रमः उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ

भारत और अंतर्राष्ट्रीय मामले

  • शीत युद्ध के बाद के परिवर्तन, अमेरिका का प्राधान्य, बहुध्रुवीयता, वैश्विक राजनीतिक अर्थव्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद
  • भारतीय विदेश नीति के निर्धारक तत्त्व एवं विशेषताएँ, प्रमुख वैश्विक शक्तियों एवं पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध, प्रवासी भारतीय समुदाय और सांस्कृतिक कूटनीति
  • क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका- UN, WTO, EU, ASEAN, BRICS, G-20, QUAD, I2U2, AUKUS, DAKSHIN
  • जलवायु एवं हरित कूटनीति में भारत का नेतृत्व (COP शिखर सम्मेलन, ISA, Mission LiFE) 
  • भारत की विदेश नीति में समकालीन रणनीतिक उपक्रम

समसामयिक मामले एवं मुद्दे 

  • महत्त्वपूर्ण समसामयिक घटनाएँ, मुद्दे और प्रमुख हस्तियाँ
  • राजस्थान की प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाएँ और सरकारी पहल
  • पुरस्कार, प्रमुख साहित्यिक योगदान तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) में महत्त्वपूर्ण प्रगति
  • भारत और राजस्थान की खेल नीतियाँ, प्रमुख संस्थान तथा महत्त्वपूर्ण खेल आयोजन और उपलब्धियाँ
  • स्वास्थ्य, आरोग्यता एवं तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका

इकाई ।।- लोक प्रशासन की अवधारणाएँ, मुद्दे एवं गत्यात्मकता

  • लोक प्रशासनः विचारधाराएँ एवं सिद्धांत
    • लोक प्रशासनः - अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र एवं महत्त्व, लोक प्रशासन का एक अनुशासन के रूप में उद्भव, विकासशील एवं विकसित समाजों में इसकी भूमिका, नव लोक प्रशासन, नव लोक प्रबंध, सुशासन, नव लोक सेवा।
    • विचारधाराएँ एवं उपागमः- वैज्ञानिक प्रबंध, मानव संबंध, व्यवहारवादी, संरचनात्मक प्रकार्यात्मक, पारिस्थितिकीय उपागम।
    • संगठन के सिद्धांतः पदसोपान, आदेश की एकता, नियंत्रण का क्षेत्र, प्रत्यायोजन, केंद्रीकरण एवं विकेंद्रीकरण, समन्वय, प्राधिकार एवं उत्तरदायित्व, जवाबदेही।
    • प्रशासनिक व्यवहार - नेतृत्व, संचार, मनोबल।
  • संघ सरकार एवं प्रशासनिक संस्थाएँ
    • प्रशासनिक संस्थाएँ:- संघ लोक सेवा आयोग, भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, वित्त आयोग, लोकपाल, नीति आयोग।
    • कार्मिक प्रशासनः - भर्ती, प्रशिक्षण, पदोन्नति, सिविल सेवाओं में तटस्थता और अनामता, आचरण संहिता।
    • प्रशासन के मुद्देः- संघ राज्य संबंध, मंत्री- लोक सेवक संबंध, सामान्यज्ञ-विशेषज्ञ, प्रशासनिक सुधार, सामाजिक अंकेक्षण।
    • प्रशासन पर नियंत्रणः विधायी, कार्यकारी और न्यायिक
  • तुलनात्मक लोक प्रशासन
    • यू.एस.ए., यू.के, फ्राँस और चीन के प्रशासनिक तंत्र की विशेषताएँ।
  • राज्य एवं ज़िला प्रशासन
    • राज्य प्रशासनः- राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, राज्य सचिवालय, मुख्य सचिव, निदेशालयों की भूमिका, पुलिस प्रशासन, राजस्व मंडल, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त।
    • ज़िला प्रशासनः- ज़िलाधीश, कानून और व्यवस्था प्रशासन, राजस्व प्रशासन, विकास प्रशासन।

ईकाई ।।।- व्यवहार एवं विधि

खंड अ- व्यवहार

  • बुद्धिः संज्ञानात्मक बुद्धि, सामाजिक एवं भावनात्मक बुद्धि, सांस्कृतिक बुद्धि, प्रशंसात्मक बुद्धि और आध्यात्मिक बुद्धि; कार्यस्थल पर उनका महत्त्व और उनका समावेश (अंतर्विनिष्टि)।
  • नेतृत्व प्रोफाइलः सिद्धांत, प्रकार और शैलियाँ; कार्यस्थल पर उनकी चुनौतियाँ और प्रभावशीलता; भविष्य के नेता; उनके अवसर और चुनौतियाँ।
  • कार्यस्थल पर संचारः संचार के मॉडल और नेटवर्क और उनकी प्रभावशीलता; संचार की बाधाएँ और विकृतियाँ; इलेक्ट्रॉनिक तथा विनाशकारी संचार - साइबरस्लैकिंग, साइबरलोफिंग, मूनलाइटिंग आदि।
  • कार्यस्थल पर उत्कर्ष- गुण और शक्तियाँ, RAISEC मॉडल और व्यक्ति-अनुकूल वातावरण।
  • कार्यस्थल पर बर्नआउट, तनाव और उससे निपटानः व्यावसायिक तनाव; स्रोत और उससे निपटने की शैलियाँ; व्यक्तित्व और तनाव कार्यस्थल पर लैंगिक मुद्दे।

खंड ब- विधि

  • समकालीन विधिक मुद्दे-
    • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
      • धारा 1-20
    • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
      • धारा 1
      • धारा 2-परिभाषाएँः संचार उपकरण, कंप्यूटर, कंप्यूटर तंत्र, कंप्यूटर साधन, कंप्यूटर प्रणाली, साइबर कैफे, साइबर सुरक्षा, डाटा, अंकीय चिह्न, इलैक्ट्रॉनिक अभिलेख, इलैक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, सूचना, प्राइवेट कुंजी, लोक कुंजी
      • धारा 65, 66, 66(B-F), 67, 67 (A-C), 71-78
  • बौद्धिक संपदा अधिकार- संकल्पना, प्रकार एवं प्रयोजन
  • स्त्रियों एवं बालकों के विरूद्ध अपराध-
    • घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005:
      • धाराएँ 1-29, 31
    • महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013:
      • धाराएँ 1-9, 11-20
    • लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012:
      • धाराएँ 1-15
  • माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007:
    • धाराएँ 1-25
  • राजस्थान में महत्त्वपूर्ण भूमि विधियाँ-
    • राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955:
      • धारा 1
      • धारा 5- परिभाषाएँ कृषि वर्ष, कृषि, कृषक, सहायक कलेक्टर, बोर्ड, कलेक्टर, आयुक्त, फसल, ग्रोवधारक, ग्रोवभूमि, होल्डिंग, इजारा या ठेका, सुधार, भूमि, स्वयं काश्त भूमि, भूमिधारी, भूमिविहीन व्यक्ति, अधिवासित भूमि, चारागाह भूमि, रेन्ट, राजस्व, राजस्व अपीलीय प्राधिकारी, राजस्व न्यायालय, राजस्व अधिकारी, सायर, बंदोबस्त, उपखंड अधिकारी, उप किरायेदार, तहसीलदार, किरायेदार, अतिचारी, नालबट
      • धाराएँ 14-17A, 31-37, 38-54A, 206-232, 239-242
  • राजस्थान भू राजस्व अधिनियम, 1956
    • धारा-1
    • धारा-2
    • धारा-3 निर्वचनः भू-अभिलेख अधिकारी, नगरपालिका, नजुल भूमि, पंचायत सर्किल, राजस्व अपील प्राधिकारी, बंदोबस्त प्राधिकारी, गाँव।
    • धाराएँ - 4-36, 40A, 74-87, 106-137, 142-183
  • भारतीय न्याय संहिता, 2023
    • धारा-1
    • धारा-2 परिभाषाएँः बालक, न्यायालय, दस्तावेज़, लैंगिक, सदभावपूर्वक, सरकार, न्यायाधीश, व्यक्ति, लोक, लोकसेवक, मूल्यवान प्रतिभूति
    • धाराएँ 189-191, 194-197, 270, 294-296
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
    • धारा-1
    • धारा-2 परिभाषाएँ : श्रव्य दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधन, ज़मानत, ज़मानतीय एवं अज़मानतीय अपराध, ज़मानत-पत्र, बंध पत्र, आरोप, संज्ञेय अपराध, परिवाद, इलेक्ट्रॉनिक संसूचना, जाँच, अन्वेषण, असंज्ञेय अपराध, उपखंड, समन मामला, वारंट मामला।
    • धाराएँ - 3 (2) (क), (ख), 14-17, 41-43, 126-129, 148, 149, 152, 163-167, 173, 174, 187, 194-196

प्रश्न पत्र - IV: General Hindi and General English

इकाई ।: सामान्य हिंदी

सामान्य हिंदी: कुल अंक 90, इस प्रश्न पत्र का उद्देश्य अभ्यर्थी की भाषा-विषयक क्षमता तथा उसके विचारों की सही, स्पष्ट एवं प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति की परख करना है।

भाग अ- (अंक 30)

  • उपसर्ग एवं प्रत्यय शब्दों में से उपसर्ग एवं प्रत्यय पृथक करना
  • समश्रुत भिन्नार्थक शब्द का वाक्यों में प्रयोग द्वारा अर्थ स्पष्ट करना
  • शब्द शुद्धि
  • वाक्य शुद्धि
  • मुहावरे - मुहावरों का प्रयोग से अर्थ स्पष्ट
  • कहावत / लोकोक्ति प्रयोग से अर्थ स्पष्ट
  • पारिभाषिक शब्दावली- प्रशासन से संबंधित अंग्रेज़ी शब्दों के समानार्थ हिंदी पारिभाषिक शब्द

भाग ब- (अंक 30)

  • संक्षिप्तीकरण  - गद्यावतरण का लगभग एक-तिहाई शब्दों में संक्षिप्तीकरण (गद्यावतरण की शब्द सीमा लगभग 150 शब्द)
  • पल्लवन - किसी सूक्ति, काव्य पंक्ति, प्रसिद्ध कथन आदि का भाव विस्तार (शब्द सीमा-लगभग 100 शब्द)
  • अनुवाद - दिये हुए अंग्रेज़ी अनुच्छेद का हिंदी में अनुवाद  (शब्द सीमा-लगभग 50 शब्द) ।

भाग स- (अंक 30)

  • पत्र-लेखन: सामान्य कार्यालयी पत्र, कार्यालय आदेश, अर्द्धशासकीय पत्र, अनुस्मारक, प्रतिवेदन (रिपोर्ट)
  • प्रारूप-लेखन: अधिसूचना, निविदा सूचना, परिपत्र, प्रेस विज्ञप्ति, कार्यालय ज्ञापन

इकाई ।। General English (Total marks 70)

Part A- Grammar & Usage (20 Marks)

  • Preposition
  • The same word used as different part of speech
  • Phrasal Verbs & Idioms (application)
  • One Word Substitute (application)
  • Words often Confused or Misused (application)

Part B- Comprehension, Translation & Precis Writing (30 Marks)

  • Comprehension of an Unseen Passage (300 Words approximately)
  • 05 Questions based on the passage and Precis Writing (of the same passage) approximately 100 words.
  • Translation of five sentences from Hindi to English.

Part C- Composition & Letter Writing (20 Marks)

  • Elaboration of a given theme (Any 1 out of 3, approximately 150 words).
  • Writing: Official Letter/Demi-Official/ Official Memorandum/Report Writing (approximately 150 words).

इकाई ।।। - निबंध (कुल अंक 40)

प्रश्न पत्र के निबंध भाग में छः विषयगत क्षेत्र होंगे। अभ्यर्थियों को लगभग 600 शब्दों का एक निबंध हिंदी अथवा अंग्रेज़ी भाषा में लिखना होगा। निबंध के विषय निम्नलिखित छः विषयों पर आधारित होंगे-

  1. भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत
  2. समाज, शासन और सार्वजनिक मामले
  3. विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और सतत विकास
  4. अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग और वाणिज्य
  5. समसामयिक घटनाएँ, आपदाएँ और राष्ट्रीय विकास पहल
  6. राजस्थान के संदर्भ में पर्यटन, संस्कृति तथा समसामयिक मुद्दे

अभ्यर्थियों को इन विषयगत क्षेत्रों से संबंधित किसी एक विषय पर निबंध लेखन करना होगा। अभ्यर्थियों से अपेक्षित है कि वे निर्दिष्ट विषय से पूर्णतः संबंधित रहें, अपने विचारों को सुसंगत तरीके से व्यवस्थित करें और सटीकता तथा संक्षिप्तता के साथ प्रस्तुत करें। विचारों की स्पष्टता, संरचना की सुसंगतता और अभिव्यक्ति की प्रभावशीलता के आधार पर अंक प्रदान किये जाएंगे।

यह RAS मुख्य परीक्षा का पूरा सिलेबस है, जिसे पेपर-वाइज़ और यूनिट-वाइज़ स्पष्टता के लिये व्यवस्थित किया गया है। इसका उपयोग अपनी तैयारी की योजना बनाने, टॉपिक कवरेज ट्रैक करने और नियमित पुनरावृत्ति के साथ उत्तर-लेखन पर फोकस करने के लिये करें। परीक्षा में बेहतर अंक सुनिश्चित करने के लिये राजस्थान-विशेष खंडों के साथ-साथ मुख्य सामान्य अध्ययन विषयों की भी गहराई से तैयारी करें।

संबंधित संसाधन 

RPSC RAS परीक्षा पैटर्न 

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RPSC RAS पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र

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RPSC RAS परीक्षा रणनीति 

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राजस्थान राज्य सामान्य ज्ञान (GK)

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मासिक करेंट अफेयर्स (CA) संग्रह

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. RAS मुख्य परीक्षा में कितने प्रश्नपत्र होते हैं?
+

RAS मुख्य परीक्षा में कुल 4 प्रश्नपत्र होते हैं:
प्रश्नपत्र I: सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन
प्रश्नपत्र II: सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन
प्रश्नपत्र III: सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन
प्रश्नपत्र IV: सामान्य हिंदी एवं सामान्य अंग्रेज़ी

2. RAS मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र I में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?
+

प्रश्नपत्र I में निम्न विषय होते हैं:
• इतिहास (राजस्थान, भारत एवं आधुनिक विश्व)
• अर्थशास्त्र (भारत, विश्व एवं राजस्थान)
• समाजशास्त्र
• प्रबंधन
• लेखांकन एवं अंकेक्षण

3. RAS मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र II के सिलेबस में क्या शामिल है? +

प्रश्नपत्र II में निम्न विषय शामिल हैं:
• प्रशासनिक नैतिकता
• सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
• पृथ्वी विज्ञान (भूगोल एवं भूविज्ञान) — विश्व, भारत एवं राजस्थान के संदर्भ में

4. RAS मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र III में कौन-से टॉपिक्स आते हैं? +

प्रश्नपत्र III में शामिल हैं:
• भारतीय राजनीति, शासन व्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं समसामयिक घटनाएँ
• लोक प्रशासन की अवधारणाएँ एवं गतिशीलता
• व्यवहार एवं विधि

5. क्या RAS मुख्य परीक्षा के सिलेबस में राजस्थान-विशेष विषय शामिल हैं? +

हाँ। राजस्थान से संबंधित विषय कई प्रश्नपत्रों में शामिल हैं, जैसे—राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति, राजस्थान की अर्थव्यवस्था, राजस्थान का भूगोल, राज्य की शासन व्यवस्था एवं नीतियाँ तथा पर्यटन से जुड़े विषय।

6. क्या RAS मुख्य परीक्षा में नैतिकता (Ethics) शामिल है?
+

हाँ। प्रशासनिक नैतिकता प्रश्नपत्र II का एक समर्पित भाग है, जिसमें मूल्य, सत्यनिष्ठा, प्रशासनिक दुविधाएँ एवं केस स्टडी शामिल हैं।

7. RAS मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र IV में क्या शामिल है? +

प्रश्नपत्र IV में भाषा कौशल का परीक्षण किया जाता है, जिसमें शामिल हैं:
सामान्य हिंदी: व्याकरण, शुद्धि, अनुवाद, पत्र/रिपोर्ट लेखन आदि
सामान्य अंग्रेज़ी: व्याकरण, बोधगम्यता, अनुवाद, प्रेसी, लेखन कौशल
निबंध लेखन: दिये गए विषयों पर एक निबंध

8. क्या RAS मुख्य परीक्षा का निबंध हिंदी या अंग्रेज़ी में लिखा जा सकता है?
+

हाँ। अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी या अंग्रेज़ी, किसी भी भाषा में निबंध लिख सकते हैं।

9. RAS मुख्य परीक्षा के निबंध के विषय किन थीम्स पर आधारित होते हैं?
+

निबंध के विषय सामान्यतः निम्न थीम्स पर आधारित होते हैं:
• संस्कृति एवं विरासत
• समाज एवं शासन
• विज्ञान, पर्यावरण एवं सतत विकास
• अर्थव्यवस्था एवं विकास
• समसामयिक घटनाएँ एवं आपदाएँ
• पर्यटन एवं राजस्थान से जुड़े समकालीन मुद्दे

10. क्या समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs) RAS मुख्य परीक्षा के सिलेबस का हिस्सा हैं?+

हाँ। समसामयिक घटनाएँ एवं मुद्दे प्रश्नपत्र III में शामिल हैं, जिनमें सरकारी योजनाएँ, खेल आयोजन, पुरस्कार एवं प्रमुख व्यक्तित्व भी आते हैं।

11. क्या सिलेबस में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा AI से जुड़े विषय शामिल हैं?
+

हाँ। प्रश्नपत्र II में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शामिल है, जिसमें AI, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी तथा हालिया तकनीकी विकास शामिल हैं।

12. क्या RAS मुख्य परीक्षा के सिलेबस में विधि (Law) शामिल है?
+

हाँ। प्रश्नपत्र III में विधि से संबंधित विषय शामिल हैं, जैसे—RTI अधिनियम, IT अधिनियम, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध तथा राजस्थान के महत्त्वपूर्ण भूमि कानून और उनसे संबंधित प्रावधान।

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