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अडानी पोर्ट्स द्वारा भारत का पहला 'पोर्ट ऑफ रिफ्यूज' तंत्र लॉन्च किया गया
- 31 Mar 2026
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चर्चा में क्यों?
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये भारत के पहले ‘पोर्ट ऑफ रिफ्यूज (PoR)’ तंत्र को संचालित किया है।
मुख्य बिंदु:
- भारत का पहला पोर्ट ऑफ रिफ्यूज (PoR): APSEZ ने देश का पहला पोर्ट ऑफ रिफ्यूज (PoR) शुरू किया है, जिससे समुद्री आपात स्थितियों के प्रबंधन और संकटग्रस्त जहाजों की सहायता के लिये एक व्यवस्थित ढाँचा स्थापित हुआ है।
- अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, पोर्ट ऑफ रिफ्यूज (PoR) वह निर्धारित स्थान होता है, जहाँ कठिनाइयों का सामना कर रहे जहाज़ शरण ले सकते हैं, अपनी स्थिति को स्थिर कर सकते हैं, मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं और पर्यावरणीय क्षति को कम कर सकते हैं।
- ट्व-पोर्ट मॉडल: यह PoR ढाँचा प्रारंभ में पश्चिमी तट पर दिघी बंदरगाह और पूर्वी तट पर गोपालपुर बंदरगाह के माध्यम से संचालित होगा, जिससे भारत के तटों पर रणनीतिक कवरेज सुनिश्चित होगा।
- वैश्विक सहयोग: यह पहल SMIT साल्वेज और मरीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (MERC) के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से समर्थित है, जो समुद्री बचाव तथा आपात प्रतिक्रिया में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाएँ: यह तंत्र समुद्री घटनाओं के दौरान समन्वित सेवाएँ जैसे बचाव कार्य, अग्निशमन, मलबा हटाना, प्रदूषण नियंत्रण और माल की स्थिरता सुनिश्चित करने में सक्षम होगा।
- APSEZ: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड भारत का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह संचालक है तथा अडानी समूह का हिस्सा है, जो पूरे देश में कई बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना का संचालन करता है।