मध्य प्रदेश Switch to English
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की शिक्षा में कार्यकारी भाषा के रूप में हिंदी को प्रोत्साहन: IIT इंदौर
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर (IIT-इंदौर) ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की शिक्षा में हिंदी को कार्यकारी भाषा के रूप में प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल की है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: उच्च शिक्षा में तकनीकी हिंदी को बढ़ावा देना तथा हिंदी-माध्यम पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिये भाषायी अवरोधों को समाप्त करना।
- आयोजन: यह विचार IIT इंदौर द्वारा आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय तकनीकी हिंदी संगोष्ठी अभ्युदय-3 के दौरान प्रमुख रूप से रेखांकित किया गया।
- क्रियान्वयन: IIT इंदौर में प्रथम वर्ष की कुछ कक्षाएँ हिंदी में संचालित की जा रही हैं, कक्षा-चर्चाओं में वैज्ञानिक अवधारणाओं की व्याख्या हिंदी के माध्यम से की जाती है तथा शोध-सार आधिकारिक हिंदी भाषा मानकों के अनुरूप संकलित किये जा रहे हैं।
- नेतृत्व: IIT-इंदौर के निदेशक के अनुसार, यह पहल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को जनभाषाओं से जोड़ने के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप है तथा समावेशन एवं भाषायी विविधता को सुदृढ़ करती है।
- परिणाम: अभ्युदय-3 का एक प्रमुख निष्कर्ष “स्मारिका” का विमोचन रहा, जिसमें विज्ञान, अभियांत्रिकी एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी से संबंधित हिंदी में लिखे गये 26 समीक्षित शोध-पत्र संकलित हैं।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: यह पहल NEP 2020 के उस प्रावधान के प्रत्यक्ष अनुरूप है, जो गहन चिंतन तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु भारतीय भाषाओं में शिक्षण को बढ़ावा देने पर बल देता है।
- सरकारी सहयोग: केंद्रीय बजट 2025-26 में प्रारंभ की गई भारतीय भाषा पुस्तक योजना (BBPS) उच्च शिक्षा के लिये भारतीय भाषाओं में डिजिटल पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर, इन प्रयासों को सहयोग प्रदान करती है।
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
कैंसर उपचार अवसंरचना हेतु NTPC–GCRI समझौता ज्ञापन (MoA)
चर्चा में क्यों?
NTPC पश्चिमी क्षेत्र ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत रेडियोथेरेपी सेवाओं के उन्नयन के लिये गुजरात कैंसर एवं अनुसंधान संस्थान (GCRI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किये।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: अहमदाबाद स्थित सिद्धपुर सैटेलाइट सेंटर में उच्च-ऊर्जा लिनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) की खरीद और स्थापना के माध्यम से रेडियोथेरेपी सेवाओं को सुदृढ़ करना।
- वित्तपोषण: क्षमता उन्नयन के लिये NTPC ने अपनी CSR पहल के अंतर्गत ₹23.16 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
- प्रौद्योगिकी उन्नयन: इस सहायता से उन्नत और परिष्कृत रेडियोथेरेपी उपकरणों की खरीद व स्थापना संभव होगी, जिससे आधुनिक कैंसर उपचार क्षमताओं में सुधार होगा।
- CSR फोकस: यह पहल समावेशी विकास के प्रति NTPC की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा सार्थक CSR हस्तक्षेपों के माध्यम से महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य अवसंरचना को मज़बूत करते हुए सतत विकास लक्ष्य–3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण) में योगदान देती है।
- क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र: GCRI को सुदृढ़ करने से रोगियों के आउट-ऑफ-पॉकेट व्यय (OOPE) में कमी आएगी।
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