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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा की भी ज़रूरत है। टिप्पणी करें। डिजिटल सुरक्षा के लिये क्या उपाय किये जा सकते हैं?

    23 Sep, 2017 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था

    उत्तर :

    उत्तर की रूपरेखा –

    • विभिन्न उदाहरणों के साथ डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता को समझाएँ।
    • भारत में डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उपाय सुझाएँ।
    • निष्कर्ष

    ई-गवर्नेंस पर अत्यधिक ज़ोर, सूचना प्रौद्योगिकी, सोशल मीडिया, डिजिटल हस्तांतरण, ऑनलाइन शिक्षा, प्रशिक्षण पोर्टल आदि भारत के डिजिटल रूपांतरण को प्रदर्शित करते हैं। सरकार के डिजिटल इंडिया प्लेटफॉर्म को इस संबंध में उल्लिखित किया जा सकता है।

    भारत के डिजिटल रूपांतरण के मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल रूप से सुरक्षित भारत की स्थापना है। भारत साइबर सुरक्षा के मामले में अभी पीछे है। लाखों डेबिट कार्डों का डेटा चुराकर धनराशि चोरी होने की घटनाएँ हो चुकी हैं, जिसके कारण ऑनलाइन वित्तीय हस्तांतरण पर प्रश्नचिह्न लगा है। रैनसमवेयर वायरस के ज़रिये निजी दस्तावेज़ों के बदले फिरौती मांगे जाने की घटनाएँ भी हुई हैं। इसी प्रकार सोशल मीडिया पर अफवाहों, ट्रोलिंग आदि के कारण सामाजिक तनाव एवं अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।

    डिजिटल रूप से सुरक्षित भारत के निर्माण के लिये आवश्यक कदम-

    • अधिक कठोर साइबर नीति एवं विनियामक फ्रेमवर्क की स्थापना।
    • भारत सरकार को डेटा की सुरक्षा के लिये सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी एवं व्यवहार की मदद लेनी चाहिये।
    • केंद्र सरकार के द्वारा डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी संचालित किये जाने चाहिये। 
    • साइबर एवं डिजिटल अपराधों के मामले में समुचित एवं कठोर सज़ा के लिये उपयुक्त प्राधिकरण की स्थापना की जानी चाहिये।
    • साइबर सुरक्षा से सबंधित देश की सबसे प्रमुख एजेंसी CERT-IN को और अधिक मज़बूत बनाया जाना चाहिये।
    • सोशल मीडिया को विनियमित करने के लिये उपयुक्त व्यवस्था की जानी चाहिये क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आईटी एक्ट की धारा 66A को रद्द किये जाने के बाद से कोई अन्य व्यवस्था मौजूद नहीं है।

    निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि डिजिटल भारत की स्थापना एक सराहनीय पहल है, किंतु इसके साथ डिजिटल इंडिया की सुरक्षा पर भी गंभीरता से ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।

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