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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    भारत द्वारा हाल ही में घोषित नवीन विदेश व्यापार नीति, 2023 की प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए देश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास पर इसके संभावित प्रभावों को बताइये? (250 शब्द)

    12 Apr, 2023 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था

    उत्तर :

    हल करने का दृष्टिकोण:

    • विदेश व्यापार नीति (FTP) की संक्षिप्त व्याख्या करते हुए अपना उत्तर प्रारंभ कीजिये।
    • इसकी प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए देश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा कीजिये।
    • तदनुसार निष्कर्ष दीजिये।

    परिचय:

    विदेश व्यापार नीति (2023) को निर्यात को सुगम बनाने वाली योजनाओं के आलोक में व्यापार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये लाया गया है।

    इस नीति का मुख्य दृष्टिकोण 4 स्तंभों पर आधारित है जैसे: (i) छूट को प्रोत्साहन देना (ii) सहयोग के माध्यम से निर्यात प्रोत्साहन देना (iii) व्यापार करने की सुलभता, लेनदेन लागत में कमी और ई- पहल एवं (iv) उभरते क्षेत्र - ई-कॉमर्स, निर्यात हब के रूप में जिलों का विकास करना और SCOMET नीति को सुव्यवस्थित करना।

    मुख्य भाग:

    इस नीति की मुख्य विशेषताएँ:

    • निर्यात लक्ष्य:
      • FTP 2023 द्वारा वर्ष 2030 तक USD 2 ट्रिलियन का निर्यात लक्ष्य रखा गया है जिसमें 1 ट्रिलियन USD की वस्तुओं का और 1 ट्रिलियन USD की सेवाओं का निर्यात शामिल है।
    • पुनः इंजीनियरिंग प्रक्रिया और स्वचालन:
      • यह नीति निर्यात संवर्द्धन और विकास को प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था से एक ऐसी व्यवस्था में परिवर्तित करने पर बल देती है जो प्रौद्योगिकी इंटरफेस एवं सहयोग के सिद्धांतों के आधार पर सुविधा प्रदान करती है।
    • निर्यातकों को मान्यता देना:
      • इसमें अधिक निर्यातक फर्मों को 4 और 5-स्टार रेटिंग हासिल करने में सक्षम बनाने पर बल दिया गया है जिससे निर्यात बाज़ारों में बेहतर ब्रांडिंग के अवसर पैदा हो सकें। 'ईच वन टीच वन' (Each One Teach One) पहल के समान, 2-स्टार और उससे ऊपर की स्थिति वाले इच्छुक व्यक्तियों को एक मॉडल पाठ्यक्रम के आधार पर व्यापार से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।
    • ज़िला स्तर पर निर्यात को बढ़ावा देना:
      • FTP का उद्देश्य राज्य सरकारों के साथ साझेदारी का निर्माण करना और ज़िला स्तर पर निर्यात को बढ़ावा देने तथा ज़मीनी स्तर पर व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में तेज़ी लाने हेतु ज़िलों को निर्यात हब (DEH) पहल के रूप में आगे ले जाना है।
    • SCOMET नीति को प्रभावी बनाना:
      • इसके द्वारा भारत की "निर्यात नियंत्रण" व्यवस्था पर अधिक बल दिया गया है क्योंकि निर्यात नियंत्रण व्यवस्था वाले देशों के साथ इसका मज़बूत व्यापार एकीकरण सुनिश्चित हो रहा है।
        • SCOMET वस्तुएँ ("विशेष रसायन, पदार्थ, उपकरण और प्रौद्योगिकियाँ") जिनमें, नागरिक और सामूहिक विनाश के हथियारों के रूप में उपयोग की क्षमता होती है उन्हें दोहरे उपयोग की वस्तुएँ माना जाता है।
    • ई-कॉमर्स निर्यात को सुगम बनाना:
      • FTP 2023 में भुगतान समाधान, बहीखाता पद्धति, वापसी नीति और निर्यात पात्रता जैसे संबंधित घटकों के साथ-साथ ई-कॉमर्स केंद्र बनाने का लक्ष्य और रोडमैप शामिल है।
    • EPCG योजना के तहत सुविधा:
      • EPCG योजना जो निर्यात उत्पादों हेतु शून्य सीमा शुल्क पर पूंजीगत वस्तुओं के आयात की अनुमति देती है, को और अधिक युक्तिसंगत बनाया जा रहा है।
        • इसके अलावा प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान पार्क (Prime Minister Mega Integrated Textile Region and Apparel Park- PM MITRA) योजना को EPCG की सामान्य सेवा प्रदाता (Common Service Provider- CSP) योजना के तहत लाभ हेतु पात्र अतिरिक्त योजना के रूप में जोड़ा गया है।
    • अग्रिम प्राधिकरण योजना के तहत सुविधा:
      • अग्रिम प्राधिकरण योजना निर्यात वस्तुओं के निर्माण के लिये कच्चे माल पर शुल्क मुक्त आयात की सुविधा प्रदान करती है।
        • हाल ही में परिधान और वस्त्र क्षेत्र के निर्यात के लिये विशेष अग्रिम प्राधिकरण योजना का विस्तार किया गया है।
    • एमनेस्टी योजना:
      • एमनेस्टी योजना के तहत पंजीकरण के लिये एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा और निर्यातकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिये छह महीने की विंडो उपलब्ध होगी। इसमें प्राधिकरणों के निर्यात दायित्त्व में चूक से संबंधित सभी लंबित मामले शामिल होंगे।

    अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास पर इस नीति के प्रभाव:

    • निर्यात में वृद्धि:
      • निर्यात प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निर्यात ऋण के विस्तार से, निर्यातकों को अपना उत्पादन और निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी जिससे भारत के समग्र निर्यात में वृद्धि हो सकती है।
      • इसके अतिरिक्त उच्च निर्यात से भारत का व्यापार संतुलन सकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकता है।
    • विदेशी मुद्रा में वृद्धि:
      • इस नीति का भारत के आर्थिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। निर्यात में वृद्धि से विदेशी मुद्रा में वृद्धि हो सकती है जिससे भारत के विदेशी भंडार का विस्तार हो सकता है।
    • रोज़गार के अवसर सृजित होना:
      • निर्यात में वृद्धि से रोज़गार के अवसर सृजित हो सकते हैं जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान मिल सकता है।

    निष्कर्ष:

    भारत की विदेश व्यापार नीति, 2023 में निर्यात और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देकर भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता है। हालाँकि इन परिणामों को प्राप्त करने के लिये इस नीति का प्रभावी कार्यान्वयन और इसकी निगरानी करना महत्त्वपूर्ण होगा। वैश्विक आर्थिक स्थितियों और अन्य निर्यातक देशों से प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में भी चुनौतियाँ हो सकती हैं। इसलिये सरकार को इसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिये इस नीति का लगातार मूल्यांकन करने और अद्यतन करने की आवश्यकता हो सकती है।

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