हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • भारतीय संविधान में उल्लिखित केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों पर प्रकाश डालते हुए बताएँ कि जीएसटी ने इन संबंधों को किस प्रकार पुनः परिभाषित किया है?

    12 Oct, 2018 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था

    उत्तर :

    भूमिका में:-

    केंद्र-राज्य संबंधों के विभिन्न आयामों में वित्तीय आयाम के परिचय के साथ उत्तर प्रारंभ करें। 

    विषय-वस्तु में:-

    वित्तीय संघवाद और संविधान में इससे संबंधित उपबंधों की चर्चा करें, जैसे :

    • संविधान के भाग 12 में अनुच्छेद 264 से 293 तक केंद्र-राज्यों के वित्तीय संबंधों पर चर्चा की गई है। 
    • अनुच्छेद 265 के अनुसार, कोई भी कर कानून के प्राधिकार से ही लागू किया जाएगा।
    • अनुच्छेद 266 में संचित निधि और अनुच्छेद 267 में आकस्मिक निधि का प्रावधान है। 
    • अनुच्छेद 275 केंद्र द्वारा राज्यों को दिये जाने वाले अनुदान का प्रावधान करता है।
    • अनुच्छेद 280 में वित्त आयोग का उपबंध है। 
    • अनुच्छेद 292 और 293 केंद्र और राज्यों द्वारा लिये जाने वाले ऋणों का प्रावधान करते हैं। 
    • अप्रत्यक्ष करों के संदर्भ में संविधान ने केंद्र को वस्तुओं के उत्पादन तथा राज्यों को वस्तुओं की बिक्री पर कर लगाने का अधिकार दिया है। 
    • अंतर्राज्य बिक्री के संदर्भ में केंद्र कर लगाएगा और उद्गम राज्य करों की वसूली करेगा। सेवा कर के संदर्भ में समस्त शक्ति केंद्र के पास है। 
    • आयात और निर्यात पर लगने वाले अप्रत्यक्ष करों के संदर्भ में भी केंद्र को ही समस्त शक्ति प्राप्त है। 

    जीएसटी के लागू होने से इन अधिकारों तथा संबंधों का स्वरूप परिवर्तित होगा। इसे निम्नलिखित रूप से समझा जा सकता है, जैसे :

    • केंद्र और राज्य स्तर पर प्रचलित विभिन्न अप्रत्यक्ष कर जीएसटी के अंतर्गत सम्मिलित हो जाएंगे। इससे राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का ह्रास होगा।
    • संवैधानिक संस्था के रूप में जीएसटी परिषद की स्थापना होगी, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में सभी राज्यों के वित्त मंत्री जीएसटी दरों का निर्धारण करेंगे।
    • जीएसटी काउंसिल के कारण राज्य करों की दर निर्धारण के अपने संवैधानिक आधार को खो देंगे। यद्यपि जीएसटी संशोधन कानून में राज्यों को सीमित स्वायत्तता प्रदान की गई है। 
    • अप्रत्यक्ष कर से शासन में केंद्रीकरण की प्रवृत्ति बढ़ेगी, जो वित्तीय संघवाद के मूल्यों के विपरीत है। 
    • कुछ विशेष उत्पादों पर राज्यों को कर लगाने का अधिकार था जैसे- नशीले पदार्थ, फास्ट फूड आदि। जीएसटी के लागू होने के पश्चात् राज्यों का यह अधिकार छिन जाएगा। 

    अंत में प्रश्नानुसार संक्षिप्त, संतुलित एवं सारगर्भित निष्कर्ष प्रस्तुत करें।

    नोट: निर्धारित शब्द-सीमा में विश्लेषित करके लिखें।

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close