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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • एक देश के रूप में विश्व में भुखमरी तथा कुपोषण से पीड़ित सर्वाधिक लोग भारत में ही निवास करते हैं किंतु वर्तमान समय में अतिपोषण की समस्या अपेक्षाकृत अधिक तेजी़ से उभर रही है। इस कथन पर विचार करते हुए समस्या के कारणों एवं इनके समाधान पर प्रकाश डालें।

    26 Dec, 2017 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था

    उत्तर :

    उत्तर कि रूपरेखा:

    • भारत में अतिपोषण की वर्तमान स्थिति को बताएँ।
    • अतिपोषण के लिये उत्तरदायी कारकों को बताएँ।
    • अतिपोषण से बचने के लिये उपायों की चर्चा करें।

    लंबे समय से भूखमरी और कुपोषण की समस्या से जूझने के बाद आज अतिपोषण की समस्या भी भारत को व्यापक रूप से प्रभावित कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण - 4 के आंकड़ों के अनुसार शहरी महिलाओं में लगभग 15.5% महिलाओं का बॉडी-मास इंडेक्स (BMI) सामान्य से कम है जबकि 31% महिलाओं का BMI सामान्य से अधिक है। पुरुषों के संदर्भ में भी ये आँकड़े क्रमशः 15% तथा 26% है। ये तथ्य यह बताते हैं कि भारत अतिपोषण की समस्या से जूझ रहा है। गैर संक्रामक रोगों की बढ़ती संख्या भी इसी तथ्य को दर्शाती है क्योंकि अतिपोषण गैर संक्रामक रोगों का बड़ा कारण है।

    अतिपोषण के कारणः

    1. भारत में अतिपोषण का एक बड़ा कारण शहरों में व्यस्त तथा अनियमित जीवन शैली से जुड़ा हुआ है। अनियमित भोजन शैली ये कैलोरी की मात्रा की उचित खपत नहीं हो पाती तथा अतिपोषण की समस्या बढ़ती है। 
    2. वर्तमान में हरित क्रांति के द्वारा अनाजों के उत्पादन में बल दिये जाने के कारण आज ज्यादातर भारतीय गेहूँ और चावल जैसे अनाजों का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, जबकि दूध, फलों और सब्जियों का कम सेवन करते हैं। इससे अतिपोषण की समस्या बढ़ती है।
    3. इसके अलावा वनस्पति तेलों, जो वसा का बड़ा स्रोत है, का बढ़ता प्रयोग अतिपोषण की समस्याओं को बढ़ाता है।
    4.  इसके अलावा समस्या का एक कारण लोगों में जागरूकता का अभाव है। समाज का एक तबका अभी भी मोटापे को अच्छे स्वास्थ्य से जोड़ता है।
    5. साथ ही बढ़ती समृद्धि के कारण वाहनों तथा सुविधाओं के प्रयोग से मनुष्य में व्यायाम की प्रवृत्ति का ह्रास हुआ है, जिससे अतिपोषण को बढ़ावा मिला है।

    उपाय
    उपाय के रूप में लोगों को अतिपोषण के बारे में जागरूक किये जाने की आवश्यकता है ताकि लोग मोटापे तथा अतिपोषण की समस्या को समझ पाएँ तथा इससे बचने की जीवन शैली विकसित करें। अनाज के आधार पर पोषण युक्त खाद्य पदार्थों का प्रयोग के लिये बढ़ावा देने की आवश्यकता है। साथ ही साथ लोगों को व्यायाम, पैदल चलना, योग जैसी गतिविधियों के लिये भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। 

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