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भारत-नीदरलैंड ग्रीन हाइड्रोजन साझेदारी

  • 11 Feb 2026
  • 11 min read

स्रोत: पीआईबी 

भारत और नीदरलैंड ने 'भारत-नीदरलैंड हाइड्रोजन फेलोशिप प्रोग्राम' शुरू करके और ग्रीन हाइड्रोजन अनुसंधान तथा शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिये एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करके स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को और मज़बूत किया है।

  • हाइड्रोजन फेलोशिप प्रोग्राम: यह फेलोशिप प्रोग्राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा लॉन्च किया गया है, जिसके साथ योजना दिशा-निर्देश और प्रस्ताव आमंत्रण भी जारी किये गए हैं। यह एक राष्ट्रीय क्षमता निर्माण पहल है, जो भारतीय डॉक्टोरल, पोस्टडॉक्टोरल और फैकल्टी शोधकर्त्ताओं के लिये खुला है।
  • उद्देश्य: भारत की हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों में तैनाती की तत्परता बढ़ाना, विशेष रूप से सिस्टम इंटीग्रेशन, सुरक्षा, तकनीकी-आर्थिक विश्लेषण, जीवन चक्र मूल्यांकन और स्वदेशीकरण मार्गों पर ध्यान केंद्रित करना, खासकर उन क्षेत्रों के लिये जहाँ उत्सर्जन कम करना कठिन है।
  • MoU ढाँचा: ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय और 19 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) के बीच यह समझौता संकाय तथा छात्रों के आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान एवं ग्रीन एनर्जी एवं हाइड्रोजन में ज्ञान साझा करने की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें स्वचालित वित्तीय प्रतिबद्धताएँ शामिल नहीं हैं।
  • नीति समन्वय: यह पहल भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, ऊर्जा स्वतंत्रता 2047 विज़न और नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्यों के साथ संगत है, जो वैश्विक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के लिये अनुसंधान सहयोग, नवाचार तथा मानव संसाधन को मज़बूत करती है।

और पढ़ें: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन

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