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भारतीय अर्थव्यवस्था

कृषि निर्यात में बढ़ोतरी

  • 06 Feb 2021
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) के अनुसार, कृषि निर्यात में अप्रैल-दिसंबर 2020 की अवधि के दौरान 9.8% की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रमुख बिंदु

अप्रैल-दिसंबर 2020 का डेटा:

  • कुल माल निर्यात में 15.5% गिरावट दर्ज की गई।
  • कृषि निर्यात में इसी अवधि के दौरान 9.8% की वृद्धि हुई है।
    • भारत में निर्मित सभी सामानों को कुल व्यापारिक निर्यात में शामिल किया जाता है, जबकि कृषि निर्यात में केवल कृषि उत्पाद शामिल होते हैं।

कृषि निर्यात में वृद्धि के कारण:

  • बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय कीमतें:
    • मांगों का सामान्यीकरण:
      • अधिकांश देशों में मई 2020 के बाद अपनी अर्थव्यवस्थाओं को खोलने (कोविड-19 के समय लगे लॉकडाउन से) की मांग बढ़ने लगी और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही थी। अर्थव्यवस्थाओं के खोलने के बाद उत्‍पादों की पूर्ति कम पड़ने लगी। इस स्थिति ने भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात को अवसर में बदल दिया।
      • भारतीय कृषि उत्पादों में प्रमुखतः  गैर-बासमती चावल, चीनी, तिलहन भोजन, कपास, गेहूँ और अन्य अनाज (मुख्य रूप से मक्का) आदि का निर्यात किया गया।
      • खाद्य और कृषि संगठन (Agricultural Organization- FAO) ने जनवरी 2021 में अपना नवीनतम खाद्य मूल्य सूचकांक (Food Price Index- FPI) जारी किया, जिसमें दिखाया गया कि एफपीआई 78 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है।
    • चीन द्वारा वस्तुओं का भंडारण:
      • चीन (China) के भंडारण से वस्तुओं की वैश्विक कीमतों में वृद्धि हुई।
      • इसने भूराजनीतिक तनावों के बीच रणनीतिक खाद्य भंडार बनाने के लिये मक्का, गेहूँ, सोयाबीन, चीनी, दूध पाउडर जैसी वस्तुओं के आयात को बढ़ा दिया था।
  • अनेक देशों में शुष्क मौसम:
    • वर्तमान निर्यात पुनरुद्धार (Revival) अर्जेंटीना, ब्राज़ील, यूक्रेन, थाईलैंड और वियतनाम जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में शुष्क मौसम की स्थिति का परिणाम है।
    • रूस (दुनिया का सबसे बड़ा गेहूँ निर्यातक) और अर्जेंटीना (विश्व का एक प्रमुख खाद्य उत्पादक और खाद्य निर्यातक देश) ने उच्च घरेलू खाद्य मुद्रास्फीति के जवाब में अनाज नौवहन (Shipment) पर करों का अस्थायी निलंबन कर दिया।
  • भारत में अनुकूल मानसून स्थिति:
    • दूसरी ओर भारत को मौसम संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा था। वर्ष 2019 और वर्ष 2020 दोनों में सर्दियों की समय पर शुरुआत के साथ-साथ वर्षा हुई।
  • कृषि कार्य को लॉकडाउन में छूट:
    • किसानों की रबी की फसल अच्छी हुई क्योंकि सरकार द्वारा कृषि संबंधी गतिविधियों को लॉकडाउन प्रतिबंध से मुक्त रखा गया था।
  • बढ़ रहे निर्यात का महत्त्व:
    • कृषि निर्यात का बढ़ना जारी रहता है तो मार्च 2021 में होने वाली अगली रबी की फसल की कीमत बढ़ाने में मदद मिल सकती है जिससे कृषि अंसतोष को शांत करने में मदद मिलेगी।
    • भारत को इसके द्वारा USD 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
    • यह किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने के महत्त्वालक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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