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प्रिलिम्स फैक्ट्स

रैपिड फायर

इज़रायल द्वारा सोमालीलैंड को मान्यता

स्रोत: द हिंदू

इज़रायल पहला देश बन गया है जिसने सोमालीलैंड (जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त राज्य नहीं है) को स्वतंत्र राज्य के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता दी है, जिसका क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और महाशक्ति प्रतिस्पर्द्धा पर प्रभाव पड़ सकता है।

  • इज़राइल का कहना है कि यह मान्यता अब्राहम एकॉर्ड की भावना में दी गई है, क्योंकि इज़राइल गैर-पारंपरिक साझेदारों के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा है।

सोमालीलैंड

  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पहले यह ब्रिटिश सोमालीलैंड प्रोटेक्टरेट था और वर्ष 1920 में औपचारिक रूप से यह एक ब्रिटिश कॉलोनी बन गया। वर्ष 1960 में सोमालीलैंड राज्य के रूप में स्वतंत्रता प्राप्त की और बाद में स्वेच्छा से इतालवी सोमालीलैंड के साथ विलय कर सोमालिया का निर्माण किया।
    • वर्ष 1991 में सियाद बर्रे के शासन के पतन और विशेष रूप से सोमालीलैंड में प्रभावशाली इसाक कबीले के खिलाफ बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघनों के बाद, सोमालीलैंड ने स्वतंत्रता की घोषणा की।
    • हर्गिसा को अपनी राजधानी मानने वाला यह क्षेत्र पूर्ण स्वायत्तता के साथ कार्य करता है। इसकी अपनी मुद्रा, पासपोर्ट और पुलिस बल है, लेकिन इसके बावजूद इसे अभी तक अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त नहीं हो सकी है।
  • सोमालीलैंड अफ्रीका के हॉर्न (Horn of Africa) क्षेत्र में स्थित है, जो पूर्वी अफ्रीका का एक प्रायद्वीप है, जो अदन की खाड़ी, सोमाली सागर तथा गार्डाफुई चैनल तक विस्तृत है। इस क्षेत्र में जिबूती, इरिट्रिया, इथियोपिया और सोमालिया शामिल हैं।
    • यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्त्वपूर्ण समुद्री नौवहन मार्गों पर दृष्टि रखता है, जहाँ जिबूती और इरिट्रिया के निकट स्थित बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है।
  • सुरक्षा एवं सैन्य आयाम: सोमालीलैंड इज़रायल को एक रणनीतिक अवसर प्रदान करता है, जो खुफिया जानकारी, रसद और हैती विरोधी अभियानों के लिये एक संभावित अग्रिम अड्डा होने के साथ-साथ फिलिस्तीनियों के पुनर्वास के लिये एक संभावित स्थान भी हो सकता है। संयुक्त अरब अमीरात बरबेरा (बंदरगाह शहर) में एक सैन्य बंदरगाह और हवाई पट्टी संचालित करता है।

और पढ़ें: सोमालिया में अफ्रीकी संघ का समर्थन और स्थिरीकरण मिशन


रैपिड फायर

भारत द्वारा प्रमुख रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर

स्रोत: टीएच

भारत ने आधुनिक सशस्त्र बल के हथियारों तथा उन्नत नौसैनिक टॉरपीडो को शामिल करने हेतु 4,666 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर किये हैं, जिससे परिचालन क्षमता सुदृढ़ होगी और स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

  • भारतीय सेना और नौसेना की पुरानी राइफलों को बदलने के लिए भारत फोर्ज लिमिटेड और पीएलआर सिस्टम्स (PLR Systems) से 4.25 लाख से अधिक क्लोज़ क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन खरीदी जाएंगी।
    • ये कार्बाइन अपने कॉम्पैक्ट डिज़ाइन और उच्च फायरिंग रेट के कारण शहरी व संकीर्ण क्षेत्रों में युद्ध के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। 
    • इनकी खरीद से न केवल सेना की मारक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों को सफल बनाते हुए स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और MSME सेक्टर को भी नई मज़बूती प्रदान करेगी।
  • कलवरी-श्रेणी (प्रोजेक्ट-75) की पनडुब्बियों के लिये WASS सबमरीन सिस्टम्स (इटली) से 48 हैवीवेट टॉरपीडो खरीदे जाएंगे। इनकी डिलीवरी 2028 से 2030 के बीच निर्धारित है, जिससे भारत की अंडरवॉटर वारफेयर क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
    • प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियाँ भारतीय नौसेना की वे अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन हैं, जो हिंद महासागर में अंडरवॉटर वारफेयर, गुप्त निगरानी और समुद्री प्रभुत्व सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में, रक्षा मंत्रालय ने 1.82 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत अधिग्रहण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किये हैं, जो रक्षा आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है

और पढ़ें: भारत का रक्षा आधुनिकीकरण: चुनौतियाँ और अवसर


रैपिड फायर

नागरिक उड्डयन हेतु ध्रुव-न्यू जेनरेशन (NG)

स्रोत: HT

हाल ही में, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बेंगलुरु में ध्रुव-न्यू जेनरेशन (NG) की पहली उड़ान का संचालन किया, यह उपलब्धि नागरिक और अंतर्राष्टीय निर्यात बाज़ार में HAL के औपचारिक प्रवेश का एक महत्त्वपूर्ण संकेत है।

  • स्थिति निर्धारण: ध्रुव सिविल NG को विदेशी ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टरों के मुकाबले एक किफायती और स्वदेशी विकल्प के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्ण जीवनचक्र समर्थन (Lifecycle Support) है।
  • लॉजिस्टिक्स: HAL ने पावर-बाय-ऑवर और परफॉर्मेंस-बेस्ड लॉजिस्टिक्स जैसे एकीकृत सहायता मॉडल के माध्यम से बेड़े की उच्च उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।
  • डिज़ाइन: ध्रुव NG एक 5.5 टन श्रेणी का स्वदेशी ट्विन-इंजन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर है, जिसे ध्रुव ALH Mk-III सिविल प्लेटफॉर्म के आधार पर विकसित किया गया है। यह दिन-रात और किसी भी मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में निरंतर संचालन करने की क्षमता रखता है।
  • क्षमता: स्वदेशी 'शक्ति' इंजनों से लैस यह हेलीकॉप्टर 'श्रेणी-ए' (Class-A) प्रदर्शन और AS4-अनुपालन प्रणालियों से युक्त है। अपनी इन उन्नत विशेषताओं के कारण यह ONGC के अपतटीय (Offshore) अभियानों जैसी चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिये पूरी तरह उपयुक्त है।
  • प्रमाणन: HAL ने स्वदेशी रूप से निर्मित शक्ति सिविल इंजन के लिये नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से टाइप प्रमाणन (राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार) और वर्ष 2023 में यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) से प्रतिबंधित प्रमाणन प्राप्त किया।
  • महत्त्व: 3.75 लाख से अधिक उड़ान घंटों के सफल ट्रैक रिकॉर्ड वाले ध्रुव प्लेटफॉर्म पर आधारित, ध्रुव NG 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सिद्ध करता है। यह न केवल विदेशी आयात पर निर्भरता घटाता है, बल्कि देश के स्वदेशी नागरिक हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम के लिये एक मज़बूत आधार स्तंभ भी है।

और पढ़ें: भारत का विमानन उद्योग


प्रारंभिक परीक्षा

इंडियाAI मिशन और AI इकोसिस्टम

स्रोत: पी. आई. बी.

भारत इंडियाAI मिशन के माध्यम से अपना AI इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। इसके लिये ₹10,300 करोड़ का बजट रखा गया है और 38,000 ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) तैनात किये गए हैं। इसका उद्देश्य स्वदेशी कंप्यूटिंग अवसंरचना, स्टार्टअप्स, कौशल विकास, डेटा सेट्स तथा ज़िम्मेदार AI शासन को मज़बूत करना है।

इंडियाAI मिशन क्या है?

  • परिचय: इंडियाAI मिशन भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका दृष्टिकोण है: “भारत में AI बनाना और AI को भारत के लिये कारगर बनाना”
  • कार्यान्वयन: इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक स्वतंत्र व्यावसायिक विभाग, इंडियाAI द्वारा लागू किया गया है, ताकि एक व्यापक AI इकोसिस्टम बनाया जा सके जो इनोवेशन को बढ़ावा दे, स्टार्टअप्स को सपोर्ट करे, डेटा एक्सेस को बेहतर बनाए और जनकल्याण के लिये AI के ज़िम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करे।
  • उद्देश्य: संप्रभु स्वदेशी AI क्षमता बनाना, AI तक समावेशी और किफायती पहुँच को बढ़ावा देना, विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करना, सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिये AI को विकास इंजन के रूप में उपयोग करना।
  • मुख्य घटक: 38,000 GPUs के माध्यम से उच्च-स्तरीय कंप्यूटिंग का विस्तार, भारतजेन AI जैसे भारतीय फाउंडेशन मॉडल का विकास, AIKosh के माध्यम से राष्ट्रीय डेटा सेट्स का निर्माण, AI स्टार्टअप्स और भारत-विशिष्ट अनुप्रयोगों का समर्थन।

Seven_Pillars_of_India_AI_Mission

भारत में AI इकोसिस्टम

  • विस्तार और रोज़गार: भारत का प्रौद्योगिकी और AI क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसका राजस्व 280 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने तथा 60 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार प्रदान करने का अनुमान है।
    • स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के 2025 ग्लोबल AI वाइब्रेंसी टूल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रतिस्पर्द्धा में वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है।
  • नवाचार का आधार: देश में 1,800 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र हैं, जिनमें 500 से अधिक AI-केंद्रित केंद्र शामिल हैं, साथ ही लगभग 1.8 लाख स्टार्टअप भी हैं।
  • स्टार्टअप में AI का महत्त्व: पिछले वर्ष लॉन्च हुए लगभग 89% स्टार्टअप ने अपने उत्पादों या सेवाओं में AI को एकीकृत किया है।
  • उद्यम उपयोग: भारत ने नैसकॉम AI एडॉप्शन इंडेक्स में 4 में से 2.45 अंक प्राप्त किये हैं, जिसमें 87% उद्यम सक्रिय रूप से AI समाधानों का उपयोग कर रहे हैं।
  • क्षेत्रीय एवं परिपक्वता प्रोफ़ाइल: औद्योगिक एवं ऑटोमोटिव, खुदरा, BFSI और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में AI को अपनाने की दर सबसे अधिक है, जो AI मूल्य में लगभग 60% का योगदान करते हैं, जबकि 26% कंपनियों ने बड़े पैमाने पर AI परिपक्वता हासिल कर ली है।

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित प्रमुख सरकारी पहलें क्या हैं?

  • भारतजेन AI: भारत का पहला सरकारी वित्त पोषित मल्टीमॉडल बहुभाषी लार्ज लैंग्वेज मॉडल, जो टेक्स्ट, स्पीच और इमेज-आधारित AI अनुप्रयोगों के लिये 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है।
  • सर्वम AI (सॉवरेन LLM इकोसिस्टम): सुरक्षित और कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण के लिये एक स्वदेशी जनरेटिव AI पहल, जिसमें स्मार्ट आधार सेवाएँ भी शामिल हैं।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिये उत्कृष्टता केंद्र (COE): स्वास्थ्य सेवा, कृषि, सतत शहर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार केंद्र, जो बड़े पैमाने पर लागू होने योग्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधान विकसित करने के लिये हैं।
  • भाषिनी: एक AI-संचालित बहुभाषी मंच जो 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में अनुवाद और वाक् सेवाएँ प्रदान करता है, जिससे नागरिक भाषा या साक्षरता संबंधी बाधाओं की परवाह किये बिना डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच सकते हैं।
  • AI सक्षमता ढाँचा: एक वैश्विक रूप से मानकीकृत क्षमता-विकास कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को प्रभावी नीति-निर्माण और भविष्य-उन्मुख शासन के लिये आवश्यक AI दक्षताओं से सुसज्जित करना है।
  • इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: फरवरी 2026 में इस समिट की मेज़बानी करेगा, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय AI क्षमताओं को प्रदर्शित करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। प्रमुख फ्लैगशिप पहलें निम्नलिखित हैं:
    • AI पिच फेस्ट (UDAAN): AI स्टार्टअप्स के लिये वैश्विक मंच, जहाँ नवाचार प्रस्तुत किये  जाएंगे, विशेष रूप से महिला नेतृत्व वाली उद्यमियों और विभिन्न क्षमताओं वाले चेंजमेकर्स पर केंद्रित।
    • वैश्विक नवाचार चुनौतियाँ: युवाओं, महिलाओं और अन्य नवप्रवर्तकों के लिये खुली चुनौतियाँ, जो वास्तविक विश्व की सार्वजनिक क्षेत्र की समस्याओं के लिये AI-आधारित समाधान को बढ़ावा देती हैं।
    • अनुसंधान संगोष्ठी: भारत, ग्लोबल साउथ और विश्व के प्रमुख AI शोधकर्त्ताओं के लिये  अंतर्राष्ट्रीय मंच, जो अनुसंधान प्रस्तुत करने, विधियों का आदान-प्रदान तथा वैश्विक सहयोग को सक्षम बनाता है।
    • AI एक्सपो: नैतिक और ज़िम्मेदार AI पर केंद्रित प्रदर्शनी, जिसमें भारत तथा 30 से अधिक देशों से 300 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे।

Artificial_Intelligence

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. मिशन के तहत GPUs क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) वह उच्च कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान करते हैं जो AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिये आवश्यक है। भारत ने 38,000 GPUs का उपयोग कर किफायती और सुलभ AI कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध कराए हैं।

2. मिशन AI स्टार्टअप्स का कैसे समर्थन करता है?
इंडियाएआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग स्तंभ के माध्यम से, स्टार्टअप्स को वित्तपोषण, मार्गदर्शन और वैश्विक विस्तार समर्थन (जिसमें यूरोप-केंद्रित कार्यक्रम शामिल हैं) प्रदान किया जाता है।

3. इंडियाएआई  मिशन कौशल विकास को कैसे बढ़ावा देता है?
इंडियाएआई फ्यूचर स्किल्स के तहत, पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक छात्रों को फेलोशिप दी जाती है तथा टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में AI लैब्स स्थापित की जाती हैं।

4. भाषिनी क्या है?
भाषिनी एक AI-संचालित बहुभाषी मंच है, जो अनुवाद और भाषण सेवाएँ प्रदान करता है तथा भारतीय भाषाओं में डिजिटल समावेशन को बढ़ाता है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रश्न 1. विकास की वर्तमान स्थिति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), निम्नलिखित में से किस कार्य को प्रभावी रूप से कर सकती है? (2020)

  1. औद्योगिक इकाइयों में विद्युत की खपत कम करना 
  2.   सार्थक लघु कहानियों और गीतों की रचना 
  3.   रोगों का निदान 
  4.   टेक्स्ट-से-स्पीच (Text-to-Speech) में परिवर्तन 
  5.   विद्युत ऊर्जा का बेतार संचरण

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1, 2, 3 और 5
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 4 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर: (b)


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