रैपिड फायर
सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम, 2026
- 12 Feb 2026
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इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत वर्ष 2021 में अधिसूचित नियमों में संशोधन करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।
- 20 फरवरी, 2026 से प्रभावी यह नया ढाँचा कृत्रिम (सिंथेटिक) मीडिया तथा आपत्तिजनक सामग्री/कंटेंट हटाने से संबंधित मानकों को अधिक सख्त बनाता है।
- सामग्री हटाने की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी: अब सोशल मीडिया मंचों को किसी न्यायालय अथवा ‘समुचित सरकार’ द्वारा अवैध घोषित की गई सामग्री को 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा, जबकि पूर्व में यह समय-सीमा 24 से 36 घंटे के बीच थी।
- संवेदनशील सामग्री, विशेषकर बिना सहमति के प्रकाशित अश्लील/आपत्तिजनक चित्र/वीडियो तथा डीपफेक सामग्री, को शिकायत प्राप्त होने के 2 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य किया गया है।
- ‘कृत्रिम’ सामग्री की परिभाषा: नियमों के अनुसार, सिंथेटिक सामग्री से आशय ऐसी ऑडियो-विज़ुअल सूचना से है, जिसे एल्गोरिद्मिक प्रक्रियाओं के माध्यम से निर्मित अथवा परिवर्तित किया गया हो और जो “किसी सामान्य व्यक्ति या वास्तविक घटना से अभेद्य प्रतीत” होती हो।
- एक विशेष छूट उन छोटे सुधारों के लिये प्रदान की गई है जो स्वचालित रूप से स्मार्टफोन कैमरों द्वारा किये जाते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि दैनिक फोटो सुधारों को दंडित नहीं किया जाता है।
- अनिवार्य प्रकटीकरण एवं लेबलिंग: नियमों के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा सृजित छवियों को ‘स्पष्ट एवं प्रमुख रूप से’ चिह्नित करना अनिवार्य होगा।
- प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि कोई सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा सृजित है, तो उसके संबंध में उपयोगकर्त्ताओं से अनिवार्य रूप से प्रकटीकरण प्राप्त किया जाए।
- विशेष रूप से बिना सहमति के बनाए गए डीपफेक के मामलों में यदि कोई उपयोगकर्त्ता इस प्रकार का प्रकटीकरण करने में विफल रहता है, तो प्लेटफॉर्म पर यह दायित्व होगा कि वह या तो उक्त सामग्री को स्पष्ट रूप से चिह्नित करे अथवा उसे हटाए।
- सेफ हार्बर संरक्षण का ह्रास: इन नियमों का पालन न करने की स्थिति में मध्यस्थों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के अंतर्गत प्राप्त ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण अर्थात तृतीय-पक्ष सामग्री के लिये विधिक दायित्व से प्रतिरक्षा के खोने का जोखिम रहेगा।
- जो मध्यस्थ उल्लंघनकारी सिंथेटिक सामग्री को जानबूझकर अनुमति देते हैं, उसका प्रचार-प्रसार करते हैं अथवा उस पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, उन्हें ‘समुचित सावधानी’ का पालन न करने वाला माना जाएगा।
- राज्यों के लिये प्रशासनिक अनुकूलनशीलता: राज्य सरकारें सामग्री हटाने के आदेश जारी करने हेतु एक से अधिक अधिकृत अधिकारियों को नामित कर सकेंगी।