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हरियाणा स्टेट पी.सी.एस.

  • 28 Dec 2021
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मुख्यमंत्री ने किया एकीकृत पैक हाउस एवं फसल समूह केंद्र का उद्घाटन

चर्चा में क्यों? 

27 दिसंबर, 2021 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल ज़िला के तरावड़ी में किसान समृद्धि शिविर और करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार एकीकृत पैक हाउस एवं फसल समूह केंद्र का उद्घाटन किया। इसमें किसानों द्वारा उत्पादित सब्जियाँ लंबे तक स्टोर की जा सकेंगी, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकेगा। 

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैक हाउस में सब्जियों की धुलाई, छँटाई, सफाई, पैकिंग तथा कोल्ड स्टोरेज की सुविधा है, जिससे सब्जियाँ लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती हैं। इससे किसानों के साथ-साथ खेतों में काम करने वाले मज़दूरों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। 
  • तरावड़ी के इस पैक हाउस के निर्माण से 272 किसानों के समूह ‘किसान उत्पाद संघ’ द्वारा करीब 600-700 एकड़ में उगाई जाने वाली सब्जियों की स्टोरेज में सहायता मिलेगी।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद से कृषि विविधीकरण और किसानों को प्रोत्साहित करने में यह पैक हाउस महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। 
  • प्रदेश का यह 7वाँ पैक हाउस है, जिसके लिये सरकार ने साढ़े 5 करोड़ रुपए का ऋण दिया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ रुपए की सब्सिडी मिल जाएगी। हरियाणा सरकार द्वारा छोटे किसानों को प्रोत्साहित करने के लिये भी इस प्रकार के ऋण दिये जा रहे हैं, जिन पर भारी सब्सिडी दी जाती है। 
  • उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार के 50 और पैक हाउस एवं फसल समूह केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। राज्य के किसानों को इस तरह के पैक हाउस बनाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिये 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जिससे उन्हें और अधिक सशक्त होने में सहायता मिलती है।
  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा प्रगतिशील किसान सम्मान योजना तथा सेम एवं कलर ग्रस्त भूमि सुधार योजना पोर्टल का शुभारंभ भी किया, जिस पर किसान स्वयं को पंजीकृत कर लाभ उठा सकते हैं।

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अंबाला के नग्गल में होगी उत्तर भारत की पहली राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की ब्रांच की स्थापना

चर्चा में क्यों?

26 दिसंबर, 2021 को हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला के नग्गल में उत्तर भारत की पहली राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की ब्रांच की स्थापना की जाएगी। उत्तर भारत में यह अपनी तरह की पहली ब्रांच होगी, जहाँ कई गंभीर, नए रोग एवं वायरस की जाँच और उनके आँकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा।  

प्रमुख बिंदु 

  • गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि इसकी स्थापना के लिये 2.03 करोड़ रुपए की लागत से ज़मीन की रजिस्ट्री स्वास्थ्य विभाग के नाम कर दी गई है और अब भविष्य में एनसीडीसी ब्रांच की स्थापना का कार्य तेज़ी से हो सकेगा।
  • उन्होंने कहा कि यह आधुनिक उपकरणों से लैस अत्याधुनिक लैब होगी, जिसमें नई बीमारियों की पहचान, उनके विश्लेषण एवं रोकथाम के तरीकों पर कार्य किया जा सकेगा। नीपा वायरस, जीका वायरस, रेबीज, जूनाटिक रोग, कोविड-19, ओमीक्रॉन, हेपेटाइटिस के अलावा अन्य गंभीर वायरस की जाँच और सभी प्रकार के नए टेस्ट यहाँ इस लैब में हो पाएंगे।
  • उन्होंने बताया कि यह अपने आप में एक अलग ब्रांच होगी और इसकी स्थापना में राज्य व केंद्र सरकार की संयुक्त तौर पर भूमिका है। एनसीडीसी में एकीकृत रोग निगरानी व शोध कार्यों को बढ़ावा, पर्यावरणीय बदलाव पर अध्ययन, प्रयोगशाला में गुणवत्ता एवं क्षमता का निर्माण इत्यादि गतिविधियों पर प्रमुखता से काम किया जाएगा। 
  • यह केंद्र विभिन्न वैक्सीन, दवाइयों व अन्य नैदानिक किट की उपलब्धता के लिये कार्य करेगा। महामारी वैज्ञानिकों, सूक्ष्म जीव वैज्ञानिकों व प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिये एक अच्छे प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर भी इसे विकसित किया जाएगा। यहाँ पर एनसीडीसी की देखरेख स्टाफ एवं अन्य कई नियुक्तियाँ भी की जाएंगी, ताकि कार्य बेहतर प्रकार से हो सके।
  • राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र दिल्ली की जॉइंट डायरेक्टर डा. शिखा वरधान और अंबाला के सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि तीन चरणों में एनसीडीसी ब्रांच का निर्माण पूरा किया जाएगा। पहले और दूसरे चरण में बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा, जिसके बाद तीसरे चरण में लैब की स्थापना होगी। 
  • यहाँ पर करोड़ों रुपए की लागत से आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिनमें बॉयो सेफ्टी केबिनेट, इन्क्यूबेटर, नॉन रेफ्रिजरेट सेंट्रीफ्यूज, कोल्ड सेंट्रीफ्यूज, रियल टाइम पीसीआर मशीन, ड्राइ ब्लॉक इनक्यूबेटर, रेफ्रिजरेटर, ऑटोक्लेव, हॉट एयर ओवन, डीप फ्रीजर, ट्रेनिंग माइक्रोस्कोप, लाइट माइक्रोस्कोप कम्पाउंड, एलीसा रीडर विद वॉशर, माइक्रोपिपटीस्ट ऑफ ऑल साइज, मिली-क्यू वॉटर प्योरीफायर एवं अन्य उपकरण होंगे।
  • महामारी विज्ञान के साथ राज्य निगरानी इकाई, आपातकालीन संचालन केंद्र (ईओसी), बीएसएल 2 सुविधा के साथ माइक्रोबायोलॉजी (वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, जूनोटिक रोगजनकों और परजीवी विज्ञान) और कीट विज्ञान आदि की जाँच होगी।

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नीति आयोग स्वास्थ्य सूचकांक 2021 में हरियाणा

चर्चा में क्यों?

27 दिसंबर, 2021 को सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग ने 2019-20 के लिये अपने स्वास्थ्य सूचकांक का चौथा संस्करण जारी किया, जिसमें समग्र स्वास्थ्य प्रदर्शन के आधार पर राज्यों की रैंकिंग की गई। इसमें बड़े राज्यों में समग्र स्वास्थ्य प्रदर्शन के मामले में हरियाणा 11वें स्थान पर है, वहीं केरल शीर्ष पर है। 

प्रमुख बिंदु 

  • रिपोर्ट को तीन भागों में बाँटा गया था- बड़े राज्य, छोटे राज्य और केंद्रशासित प्रदेश। छोटे राज्यों में मिज़ोरम सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा जबकि नागालैंड सबसे नीचे रहा।
  • नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रशासित प्रदेशों में चंडीगढ़ शीर्ष पर है, उसके बाद दादरा और नगर हवेली दूसरे नंबर पर तथा दिल्ली तीसरे नंबर पर है।
  • बड़े राज्यों में समग्र स्वास्थ्य प्रदर्शन के मामले में हरियाणा 49.26 स्कोर के साथ 19 राज्यों में 11वें स्थान पर है। वहीं  केरल 82.20 स्कोर के साथ पहले, तमिलनाडु 72.42 स्कोर के साथ दुसरे एवं तेलंगाना 69.96 स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
  • नीति आयोग का स्वास्थ्य सूचकांक एक भारित समग्र स्कोर है, जिसमें स्वास्थ्य प्रदर्शन के प्रमुख पहलुओं को शामिल करते हुए 24 संकेतक हैं।

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