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स्टेट पी.सी.एस.

  • 28 Sep 2023
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उत्तर प्रदेश Switch to English

स्मार्ट सिटी में उत्तर प्रदेश को मिला तीसरा स्थान

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को इंदौर में स्मार्ट सिटी पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में तीसरे स्थान पर आने पर पुरस्कृत किया।

प्रमुख बिंदु

  • सरकार ने 25 अगस्त को भारत स्मार्ट सिटी पुरस्कार प्रतियोगिता (आईएसएसी) की घोषणा की थी। देश की सौ स्मार्ट सिटी के बीच विभिन्न श्रेणियों में यह प्रतियोगिता थी।
  • समारोह में प्रदेश सरकार की ओर से प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग अमृत अभिजात व स्मार्ट सिटी मिशन निदेशक धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने पुरस्कार ग्रहण किया।
  • स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के 10 शहर आगरा, अलीगढ़, बरेली, झाँसी, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी शामिल हैं।
  • सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट सिटी के मामले में उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष तीन राज्यों में चुना गया है। इसके अलावा आगरा को देश का तीसरा सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट शहर चुना गया है।
  • इंडिया स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव 2023 में उत्तर प्रदेश को विभिन्न श्रेणियों में 10 पुरस्कार हासिल हुए हैं।
  • नॉर्थ ज़ोन में वाराणसी को सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट सिटी में नंबर वन पायदान पर रखते हुए पुरस्कृत किया गया है। प्रदेश के अन्य शहरों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया है।
    • 10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में वाराणसी स्मार्ट सिटी को प्रथम स्थान
    • कानपुर को पालिका स्पोर्ट स्टेडियम के आधुनिकीकरण कार्य के लिये तीसरा 
    • इकॉनमी श्रेणी में रोज़गार ट्रेनिंग सेंटर कार्य के लिये लखनऊ को तृतीय स्थान। लखनऊ स्मार्ट सिटी स्वच्छता जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर काम कर रही है, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कुशल शहरी गतिशीलता, स्मार्ट प्रशासन आदि शामिल हैं।
  • स्मार्ट सिटी मिशन 25 जून, 2015 को लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य नागरिकों को मुख्य बुनियादी ढाँचा, स्वच्छ और जीवन की सभ्य गुणवत्ता प्रदान करना है।

  


बिहार Switch to English

बिहार के 174 प्रखंडों में खुलेगा दीदी अधिकार केंद्र

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को बिहार में जीविका के परियोजना प्रबंधक नीरज कुमार ने बताया कि बिहार के 174 प्रखंडों में दीदी अधिकार केंद्र खोले जाएंगे। अधिकार दीदी जीविका समूह में से ही चयनित एक दीदी होंगी।

प्रमुख बिंदु

  • नीरज कुमार ने बताया कि अस्पतालों में खुले हेल्प डेस्क की तरह ही ब्लॉक में दीदी अधिकार केंद्र खोले जाएंगे। लोग ब्लॉककर्मियों के पास जाने से पहले अधिकार दीदी से मिलेंगे। वह ब्लॉक पर जिस कार्य के लिये आए हैं, उसकी जानकारी देंगे, इसके बाद अधिकार दीदी उन्हें संबंधित कर्मियों से समन्वय कराएंगी।
  • कई लोग अधिकारियों और कर्मियों तक नहीं पहुँच पाते, इसके कारण उनका काम नहीं हो पाता है। कुछ लोगों को यह भी पता नहीं होता है कि उनका काम कहाँ होगा। ऐसे लोगों को अधिकार दीदी से मदद मिलेगी।
  • यह केंद्र प्रखंड परिसर में ही होगा। चल रहे कार्यों की निगरानी एवं दलालों पर नज़र अधिकार दीदी ही रखेंगी। वहीं, अधिकार दीदी के कार्य पर क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की नज़र रहेगी।

 


राजस्थान Switch to English

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राजस्थान के दो गाँवों को मिले रजत और कांस्य पदक

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राजस्थान के दो गाँवों मीनल और नौरंगाबाद को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा पर्यटन के माध्यम से ग्रामीणों की सांस्कृतिक विरासत और सतत् विकास को बढ़ावा देने एवं संरक्षण के लिये ग्रामीण पर्यटन ग्राम पुरस्कार में रजत और कांस्य पुरस्कार प्रदान किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • नई दिल्ली के भारत मंडपम् कन्वेंशन सेंटर में पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में देश के 35 ग्रामीण पर्यटन गाँव में से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले के मीनल गाँव को रजत और अलवर ज़िले के नौरंगाबाद गाँव को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
  • केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव राकेश कुमार वर्मा से राजस्थान पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक पवन कुमार जैन ने पुरस्कार प्राप्त किये।
  • उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार और ग्रामीण पर्यटन और ग्रामीण होम-स्टे के लिये केंद्रीय नोडल एजेंसी द्वारा बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
  • प्रतियोगिता में 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 795 ग्रामों द्वारा आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से 35 ग्रामों को स्वर्ण श्रेणी में नामांकित किया गया। इन 35 ग्रामों में से शीर्ष 5 ग्रामों को स्वर्ण श्रेणी में, 10 ग्रामों को रजत श्रेणी में और 20 ग्रामों को कांस्य श्रेणी में पुरस्कृत किया गया।


राजस्थान Switch to English

जीएसटी के राजस्व में वृद्धि के लिये ‘मुख्यमंत्री जीएसटी बिल पुरस्कार योजना-2023’ लागू

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को राजस्थान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में जीएसटी के राजस्व में वृद्धि के लिये ‘मुख्यमंत्री जीएसटी बिल पुरस्कार योजना-2023’ लागू की गई है। योजना 1 अक्तूबर से 31 मार्च, 2024 तक की अवधि में जारी हुए बिल एवं इन्वॉइस पर लागू होगी।

प्रमुख बिंदु

  • योजना में उपभोक्ताओं द्वारा राज्य में जीएसटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड व्यापारियों से क्रय की गई कर योग्य वस्तुओं और सेवाओं के संबंध में प्राप्त बिलों को राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध ऑनलाईन पोर्टल अथवा ऐप पर अपलोड करने के उपरांत लॉटरी द्वारा चयनित बिलों पर नगद पुरस्कार के रूप में देय होगी।
  • यह योजना राज्य स्तर पर बिल पुरस्कार की भारत की सबसे बड़ी योजना होगी, जिसमें 1 करोड़ रुपए तक का बंपर पुरस्कार दिया जाएगा तथा प्रतिमाह कुल 45 लाख रुपए तक के पुरस्कार चयनित व्यापारियों को दिये जाएंगे।
  • मासिक पुरस्कार में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: 10 लाख रुपए, 5 लाख रुपए तथा 50 हज़ार रुपए प्रदान किये जाएंगे।
  • वार्षिक बंपर पुरस्कार में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: 1 करोड़ रुपए, 25 लाख रुपए तथा 15 लाख रुपए प्रदान किये जाएंगे।
  • प्रत्येक ज़िले को समुचित प्रतिनिधित्व देने के लिये अतिरिक्त रूप में 50 ज़िले 50 पुरस्कार का प्रावधान है। कुल 1 हज़ार सांत्वना पुरस्कार भी दिये जाएंगे।
  • मासिक पुरस्कार हेतु उपभोक्ता माह समाप्ति के बाद 10 दिनों के भीतर बिल अपलोड कर सकेगा।


राजस्थान Switch to English

उपराष्ट्रपति ने किया बाड़मेर के गुड़ामालानी में आईसीएआर के क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बाड़मेर ज़िले के गुड़ामालानी में आईसीएआर के क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में मोटे अनाज के बारे में जागरूकता बढ़ी है। वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय ‘श्री अन्न वर्ष’घोषित किया गया है, यह देश के लिये एक बड़ी उपलब्धि है।
    उन्होंने कहा कि आज जो केंद्र यहाँ खुल रहा है, उसका असर केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश और विदेश पर भी पड़ेगा।


मध्य प्रदेश Switch to English

पर्यटन मंत्रालय की बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश ने जीते दो अवॉर्ड

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय की बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल करते हुए दो अवॉर्ड जीते हैं। प्रदेश के ग्राम मडला और खोखरा 2023 के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँव के रूप में चुने गए हैं।

प्रमुख बिंदु

  • नई दिल्ली के भारत मंडपम् कन्वेंशन सेंटर में पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में पन्ना ज़िले के मडला ग्राम को स्वर्ण श्रेणी में और सीधी ज़िले के खोखरा ग्राम को कांस्य श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
  • सम्मान समारोह में सचिव, पर्यटन, भारत सरकार सुश्री वी. विद्यावती द्वारा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से अपर प्रबंध संचालक विवेक श्रोत्रिय और संचालक कौशल डॉ. मनोज कुमार सिंह ने पुरस्कार ग्रहण किया।
  • उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार और ग्रामीण पर्यटन और ग्रामीण होम-स्टे के लिये केंद्रीय नोडल एजेंसी द्वारा बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
  • प्रतियोगिता में 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 795 ग्रामों द्वारा आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से 35 ग्रामों को स्वर्ण श्रेणी में नामांकित किया गया। इन 35 ग्रामों में से शीर्ष 5 ग्रामों को स्वर्ण श्रेणी में सम्मानित किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश का मडला ग्राम भी शामिल है। 10 ग्रामों को रजत और 20 ग्रामों को कांस्य श्रेणी में पुरस्कृत किया गया।
  • पन्ना का मडला और सीधी का खोखरा ग्राम
    • पन्ना का मडला गाँव, खूबसूरत केन नदी के किनारे स्थित है, जो कि पन्ना टाइगर रिज़र्व का एक गेट भी है। सीधी का खोखरा गाँव, संजय दूबरी टाइगर रिज़र्व के बफर क्षेत्र में स्थित है।
    • दोनो गाँव ग्रामीण पर्यटन भ्रमण, होम-स्टे अनुभव, स्थानीय भोजन, कला और शिल्प में अनूठे हैं। समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य इन ग्रामों की विशेषता है।
  • रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन की ग्रामीण पर्यटन परियोजना
    • मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड न केवल पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिये कार्यरत् है, अपितु संतुलित और संवहनीय पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। यह सामाजिक-आर्थिक विकास को सक्षम कर मध्य प्रदेश को संपूर्ण पर्यटन अनुभव कराने वाले गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।
    • इसी उद्देश्य को ध्यान में रख टूरिज्म बोर्ड द्वारा रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन का संचालन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
    • मध्य प्रदेश को विभिन्न सांस्कृतिक और भौगोलिक विशेषताओं के कारण बघेलखंड, बुंदेलखंड, चंबल, मालवा, निमाड़ और महाकौशल जैसे छ: प्रमुख सांस्कृतिक अनुभव क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में प्रचलित पर्यटन स्थलों के समीपस्थ 100 ग्रामों में ग्रामीण पर्यटन परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
    • इन ग्रामों में स्थानीय भ्रमण, स्थानीय वास्तुकला आधारित आवास, गैर-रासायनिक परंपरागत भोजन, कला एवं शिल्प, स्थानीय भ्रमण, सुविधाजनक आवास, स्थानीय भोजन, स्थानीय सांस्कृतिक अनुभव तथा लोकगीत, लोक नृत्य, खेल-कूद, पूजा, उत्सव एवं त्योहारों का अनुभव, कला एवं हस्तकला का अनुभव एवं पर्यटन की आवश्यकतानुसार स्थानीय लोगों का कौशल उन्नयन जैसे 6 प्रमुख अंगों के लिये ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है। मडला और खोखरा गाँव ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत नवीन विकसित गाँव हैं।


मध्य प्रदेश Switch to English

प्रदेश की तीसरी मेट्रो सिटी बनेगा जबलपुर

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर शहर को हज़ारों करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगातें देते हुए कहा कि जबलपुर को इंदौर और भोपाल के बाद मेट्रो सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर के विकास के कार्य निरंतर किये जा रहे हैं। जबलपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ मेट्रो का जाल बिछाया जाएगा, जो इसके विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर में 155 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित किये गए फ्लाई-ओवर के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
  • उन्होंने कहा कि जबलपुर शहर में 5 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से 116 किमी. के रिंग रोड निर्मित किये जाएंगे। जबलपुर में 1100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले फ्लाई-ओवर्स से शहर की तस्वीर बदल जाएगी।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ 450 करोड़ रुपए की लागत से एयरपोर्ट टर्मिनल, 300 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे स्टेशन, 200 करोड़ रुपए की लागत से टेक्नोलॉजी सेंटर, 200 करोड़ रुपए की लागत से आई.टी. पार्क, 125 करोड़ रुपए की लागत से मदन महल टर्मिनल, 100 करोड़ रुपए की लागत से जियोलॉजिकल पार्क और 48 करोड़ रुपए की लागत से रियल साइंस सेंटर बनेगा।
  • मदन महल के प्रस्तावित संग्रहालय में वीरांगना रानी दुर्गावती की 52 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित होगी। इसके साथ ही 100 करोड़ रुपए की लागत से रानी दुर्गावती का भव्य स्मारक भी बनेगा, जो उनके शौर्य और वीरता के साथ आन-बान-शान का प्रतीक होगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित किये गये फ्लाई-ओवर को वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा और जबलपुर में बरेला को तहसील तथा मझगवाँ को नगर पंचायत बनाया जाएगा।


झारखंड Switch to English

स्मार्ट सिटी में पूर्वी ज़ोन से राँची को बेस्ट परफॉर्मर अवॉर्ड मिला

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को इंदौर में आयोजित इंडिया स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव-2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राँची को पूर्वी ज़ोन के स्मार्ट शहरों में बेस्ट परफॉर्मर के अवॉर्ड से सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु

  • राज्य सरकार की ओर से नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव तथा राँची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के सीईओ सह प्रबंध निदेशक विनय कुमार चौबे, राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार और स्मार्ट सिटी राँची के महाप्रबंधक राकेश कुमार नंदकुलियार ने इस सम्मान को प्राप्त किया।
  • स्मार्ट सिटी मिशन के सिक्योरिटी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, अर्बन मोबिलिटी, सोशल एस्पेक्ट और लैंड मोनेटाइजेशन इत्यादि कार्यों के क्रियान्वयन में बेस्ट परफॉर्मर के रूप में स्थापित करने के लिये राँची को पूर्वी ज़ोन के स्मार्ट शहरों में बेस्ट परफॉर्मर सिटी का अवॉर्ड दिया गया है।
  • स्मार्ट सिटी मिशन 25 जून, 2015 को लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य नागरिकों को मुख्य बुनियादी ढाँचा, स्वच्छ और जीवन की सभ्य गुणवत्ता प्रदान करना है।

 


छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में नवनिर्मित ‘छत्तीसगढ़ निवास’ का किया वर्चुअल शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के द्वारका में नवनिर्मित ‘छत्तीसगढ़ निवास’ का वर्चुअल शुभारंभ कर छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी सौगात दी।

प्रमुख बिंदु

  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को नई दिल्ली में ठहरने के लिये छत्तीसगढ़ निवास के रूप में नया भवन मिल गया है। इससे प्रदेश के ज़रूरतमंदों सहित सभी के रुकने-ठहरने की दिक्कत दूर हो जाएगी।
  • गौरतलब है कि नई दिल्ली द्वारका के सेक्टर 13 में बने इस नए छत्तीसगढ़ निवास भवन की कुल लागत लगभग 60 करोड़ 42 लाख रुपए है। भवन में 61 कमरे, 13 स्यूट रूम, डायनिंग हॉल एंड वेटिंग सहित मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिये आवासीय टावर का निर्माण किया गया है।
  • विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी कार्य एवं चिकित्सा हेतु छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले निवासियों की सुविधा हेतु इसकी परिकल्पना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी।
  • विदित है कि पहले से ही छत्तीसगढ़ शासन के दो भवन ‘छत्तीसगढ़ भवन’चाणक्यपुरी व ‘छत्तीसगढ़ सदन’सफदरज़ंग हॉस्पिटल के पास नई दिल्ली में अवस्थित हैं, परंतु आधुनिक एवं छत्तीसगढ़ की बढ़ती हुई आवश्यकता की पूर्ति के लिये तीसरे भवन की ज़रूरत काफी दिनों से महसूस की जा रही थी।
  • उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के द्वारका में नए ‘छत्तीसगढ़ निवास’के निर्माण की आधारशिला 19 जून, 2020 को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास कर रखी थी। यह पहला मौका है कि जब पहली बार इस प्रकार के महत्त्वपूर्ण अत्याधुनिक भवन का निर्माण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ से बाहर सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है।
  • लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ निवास के निर्माण के लिये 43 हज़ार 803 वर्गफीट भूमि 22.50 करोड़ रुपए में क्रय की गई है। नवा छत्तीसगढ़ निवास छत्तीसगढ़ संस्कृति और परंपराओं की स्पष्ट झलक दे रहा है।
  • नवनिर्मित छत्तीसगढ़ निवास द्वारका के प्राइम लोकेशन में स्थित है। इसके आस-पास भव्य मॉल, फाइव स्टार होटल, खूबसूरत पार्क, नया उत्तर प्रदेश भवन, अरुणाचल भवन, दिल्ली का सबसे बड़ा इस्कॉन टेंपल आदि के अलावा कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी इसकी लोकेशन शानदार है। द्वारका सेक्टर 13 का मेट्रो स्टेशन इस नवनिर्मित भवन के पास में ही है।


छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने किया निर्भया कमांड और कंट्रोल सेंटर का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिये निर्मित निर्भया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (जीपीएस) का वर्चुअल शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके अलावा परिवहन विभाग की दो अन्य महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं का भी वर्चुअल शुभारंभ किया, जिसमें अनफिट वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने हेतु रायपुर व दुर्ग में ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर के साथ ही विभिन्न लिंकेज मार्गों से गुज़र रहे वाहनों की मॉनिटरिंग के लिये ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरा स्थापित करने से जुड़ी परियोजनाएँ शामिल हैं।
  • छत्तीसगढ़ में यात्री बसों में महिलाओं एवं स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये निर्भया फ्रेमवर्क के अंतर्गत सभी स्कूल बस में पैनिक बटन लगाया जाएगा और व्हीकल ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से गाड़ियों की ट्रैकिंग कि जाएगी।
  • पैनिक बटन लगने से बस में किसी प्रकार की दुर्घटना, छेड़छाड़ होने पर पैनिक बटन दबाने से तुरंत निर्भया कमांड सेंटर और पुलिस विभाग के डायल 112 को सूचना मिल जाएगी।
  • इसके साथ ही बसों की लोकेशन, स्पीड आदि का भी पता चलता रहेगा। इससे बसें नियंत्रित गति से चलेंगी, जिससे हादसे की आशंका भी कम हो जाएगी। जीपीएस सिस्टम का कंट्रोल रूम डायल 112 के कार्यालय में बनाया गया है।
  • इस व्यवस्था के शुरू होने से जनता को किसी तरह के खतरे तथा अनहोनी से निपटने में काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में प्रदेश में कुल 12 हज़ार बसें संचालित हो रही हैं, जो अलग-अलग रूट से प्रदेश के कोने-कोने तक जा रही हैं। इसी तरह राज्य में लगभग 6000 स्कूल बस भी संचालित हैं। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस के लगने से बसों की पल-पल की जानकारी मिलेगी।
  • नवीन व्यवस्था के तहत स्कूल बस के रूट में भी मैप रहेगा, ताकि स्कूल बस यदि बच्चों को लेकर निर्धारित रूट के अलावा कहीं जाए तो ऑटोमेटिक अलर्ट आ जाए। इसके लिये कंट्रोल रूम में शिफ्ट के हिसाब से चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो लगातार सभी बस को मॉनिटर करते रहेंगे और इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस विभाग को सूचित करेंगे।
  • क्या है जीपीएस?
    • ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम, यानी जीपीएस एक ऐसा उपकरण है, जिसे अगर गाड़ी में फिट कर दिया जाए तो एक निर्धारित सर्वर पर गाड़ी की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। जीपीएस सिस्टम लगने से आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा तथा बसों के सही रूट की जानकारी मिल सकेगी।
    • महिला और बच्चों की सुरक्षा के लिये राज्य की सभी स्कूल बस और यात्री बस को पैनिक बटन सुसज्जित जीपीएस के माध्यम से मॉनिटर किया जाएगा। इसके लिये निर्भया कमांड सेंटर बनाया गया है।
  • पैनिक बटन दबाते ही पुलिस को मिलेगी सूचना
    • परिवहन विभाग के आयुक्त दीपांशु काबरा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिये परिवहन विभाग ने कई नवाचारी पहल की है। इसी कड़ी में सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के सुरक्षित यातायात को बढ़ावा देने के लिये निर्भया फंड के तहत भारत सरकार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश अनुसार व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है।
    • परियोजना के अंतर्गत राज्य में संचालित यात्री वाहनों में जीपीएस एवं पैनिक बटन लगेगा। किसी भी आपात् स्थिति में पैनिक बटन दबाने से तत्काल ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के माध्यम से पुलिस विभाग के डायल 112 को प्राप्त हो जाएगी, जिससे महिलाओं एवं बच्चों का यात्री वाहनों में सफर सुरक्षित होगा और आपात् स्थिति में उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
  • वाहनों की तेज़ी से होगी फिटनेस की जाँच
    • परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में वाहनों की बढ़ती संख्या और दुर्घटनाओं को देखते हुए रायपुर और दुर्ग में आटोमेटेड फिटनेस सेंटर की स्थापना की गई है। फिटनेस सेंटर में मेन्युअल की तुलना में अधिक वाहनों का फिटनेस टेस्ट किया जा सकता है।
    • फिटनेस सेंटर में माल वाहनों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड मशीनों द्वारा किया जाएगा और टेस्ट में फेल होने वाले वाहनों को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। सड़कों में फिट वाहनों का परिचालन हो, इसमें ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर बड़ा मददगार साबित होगा और कम समय में अधिक-से-अधिक वाहनों का टेस्ट किया जा सकेगा।
    • गौरतलब है कि रायपुर और दुर्ग के बाद बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगाँव में आटोमेटिक फिटनेस सेंटर स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है।
  • बिना वैध दस्तावेज़ वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई
    • परिवहन विभाग द्वारा आज शुरू हुई तीसरी परियोजना आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा विथ ई-डिटेक्शन है। परियोजना अंतर्गत ऐसे वाहनों पर कार्यवाही की जाएगी, जो राजमार्ग में संचालित न होकर विभिन्न लॉकेज मार्गों से गुज़र रहे हैं।
    • इन लॉकेज मार्गों पर एएनपीआर कैमरा स्थापित किया जा रहा है, एएनपीआर कैमरे के माध्यम से प्राप्त होने वाली गाड़ियों की जानकारी को वाहन सॉफ्टवेयर के डाटाबेस से मिलान कर बिना वैध दस्तावेज़ के चलने वाली गाड़ियों पर ई-चालान किया जाएगा।
    • इस हेतु एनआईसी के सहयोग से ई-डिटेक्शन सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। ई-डिटेक्शन सॉफ्टवेयर के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा से भी जानकारी प्राप्त कर बिना वैध दस्तावेज़ के गुज़रने वाली गाड़ियों पर चालान कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

 


छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने बायो-एथेनॉल प्रदर्शन संयंत्र का किया लोकार्पण

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में बायोफ्यूल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये दुर्ग ज़िले के ग्राम गोढ़ी में स्थापित अत्याधुनिक बायो एथेनॉल प्रदर्शन संयंत्र का वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया।

प्रमुख बिंदु

  • भारत सरकार के सीएसआईआर और सीएसएमआरआई के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) द्वारा इस संयंत्र की तकनीकी डिज़ाइन और ड्राईंग तैयार की गई है।
  • सीबीडीए द्वारा दुर्ग ज़िले के ग्राम गोढ़ी स्थित बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स परियोजना परिसर में स्थापित 1जी बायो-एथेनॉल प्रदर्शन संयंत्र में विशुद्ध रूप से जैवईंधन अनुसंधान एवं विकास गतिविधियॉँ जैसे कि जैवईंधन उत्पादन, प्रसंस्करण और रूपांतरण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में कार्य हेतु स्थापित किया गया है।
  • संयंत्र में स्थानीय कच्चा माल के रूप में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध स्टार्च युक्त कंपाउंड जैसे कि अधिशेष धान, अनाज, जैसे गेहूँ, चावल के खराब दाने, जो के खाने योग्य न हों, गन्ने का रस, मोलासेस, मक्का आदि का उपयोग किया जाएगा।
  • गौरतलब है कि बायो-एथेनॉल संयंत्र में प्रारंभिक तौर पर मार्कफेड में उपलब्ध खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के फीड 2 श्रेणी के अधिशेष धान का क्रय कर बायो-एथेनॉल उत्पादन का प्रयोगमूलक (अनुसंधान) कार्य जारी है। बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स परियोजना परिसर में एक अत्याधुनिक बायो-टेक्नोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना भी की गई है।
  • प्रयोगशाला में बायो-एथेनॉल का भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मापदंड अनुसार गुणवत्ता परीक्षण, सह-उत्पाद का उपयोग की क्षमता बढ़ाने के लिये दक्षता सुधार और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा जहाँ संभव हो पेटेंट पंजीकृत किये जाएंगे।

 


छत्तीसगढ़ Switch to English

कबीरधाम ज़िले के सरोधा-दादर को राष्ट्रीय स्तर पर रजत श्रेणी में मिला सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा इस वर्ष छत्तीसगढ़ के कबीरधाम ज़िले के सरोधा-दादर गाँव को राष्ट्रीय स्तर पर रजत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार दिया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • सरोधा दादर को देश भर के 795 पर्यटन ग्रामों की प्रतियोगिता में विभिन्न मापदंडों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ ग्राम के रूप में चुना गया है।
  • पर्यटन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली भारत मंडपम् में आयोजित समारोह में सरोधा-दादर गाँव के मंगल सिंह धुर्वे ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
  • गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कबीरधाम ज़िले में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को विस्तार देने के लिये अलग-अलग प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन ग्राम सरोदा-दादर के विकास के अध्ययन के लिये कलेक्टर जनमेजय महोबे, ज़िला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल द्वारा राज्य के अलग-अलग ज़िलों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने वाले इन्फ्लूएंसर को आमंत्रित कर भ्रमण कराया गया था। साथ ही कबीरधाम ज़िले में ग्रामीण पर्यटन के विकास की संभावनाओं के अध्ययन से अवगत भी कराया गया था।
  • पुरस्कार के लिये सरोधा-दादर का चयन देश भर के 31 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के 795 गाँवों में से किया गया है।
  • सरोधा-दादर को ग्रामीण पर्यटन के लिहाज से स्थानीय परिवेश और प्राकृतिक मूल्यों के साथ ही श्रेष्ठ गतिविधियों के कारण नौ विभिन्न खंडों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर यह पुरस्कार दिया गया। इनमें प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों के संरक्षण, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सामाजिक आत्मनिर्भरता, अधोसंरचना तथा परिवहन संपर्क जैसे मापदंड शामिल थे।
  • पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरोधा-दादर की प्रविष्टि भेजने से पहले राज्य के भीतर ज़िले के अंदर ही प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सात गाँवों को शामिल किया गया। इनमें से चौरा, डोंगरियाकला और सरोधा-दादर का चयन किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में स्पर्धा हुई।
  • आवेदन पत्र के साथ ही सरोधा-दादर पर केंद्रित पॉवरपॉइंट प्रस्तुति और वीडियो भी भेजा गया। इसके अलावा इस गाँव की विशेषताओं को प्रदर्शित करने वाले फोटोग्राफ भी भेजे गए।
  • अधिकारियों ने बताया कि सरोधा-दादर के आदिवासी परिवेश और ठेठ ग्रामीण वातावरण को सैलानियों के लिये आकर्षण का केंद्र मानते हुए इन्फ्लुएंसर मीट के अलावा, स्थानीय स्तर पर रोज़गार पैदा करने वाली पर्यटन संस्थाओं और एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी को भी विशेष रूप से प्रचारित किया गया।
  • साथ ही चिल्फी घाटी में प्रचलित हाथ से की गई कशीदाकारी और चित्रकारी का पर्याप्त प्रचार किया गया, जिसे स्पर्धा में विशेष महत्त्व मिला। इसी आधार पर सरोधा-दादर का चयन रजत वर्ग में देश के सर्वश्रेष्ठ ग्राम के रूप में संभव हुआ।
  • सरोधा-दादर को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार मिलने में यह तथ्य भी विशेष प्रभावी रहा कि यहाँ सैलानियों के लिये राज्य सरकार के प्रयासों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संसाधनों के संरक्षण को विशेषरूप से रेखांकित किया गया। यहाँ पर्यटन के माध्यम से ग्रामीणों में क्षमता और ज्ञान का विकास भी किया जा रहा है।
  • गौरतलब है कि ज़िला मुख्यालय कवर्धा से करीब 50 किमी. और चिल्फीघाटी से 5 किमी. दूर स्थित सरोधा-दादर पर्वतों और घाटियों के बीच समुद्र तल से करीब 3 हज़ार फीट ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ आमतौर पर पूरे साल यहाँ पर्यटक आते रहते हैं। अक्तूबर माह से उनकी संख्या में बढ़ोतरी होने लगती है। ठंड के मौसम में यहाँ का तापमान कभी-कभी शून्य से नीचे भी चला जाता है।
  • यहाँ भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा इंग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रेलिया से भी सैलानी आते हैं। खासतौर पर चिल्फीघाटी और सरोदा-दादर में प्रकृति का आनंद लेने के लिये यहाँ पर्यटकों की आवाजाही बहुत अधिक रहती है। सरोधा-दादर में प्रकृति के सुंदर नज़ारों के कारण ग्रामीण पर्यटन की बहुत अधिक संभावना है।
  • सरोधा-दादर और पीड़ाघाट के पास एक वाच-टावर भी बनाया गया है, जहाँ से सैलानी पर्वत और घाटी के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। कवर्धा ज़िले में मुख्यरूप से बैगा आदिवासी निवास करते हैं, इनकी पारंपरिक जीवन-शैली और संस्कृति सैलानियों को विशेषरूप से अपनी ओर आकर्षित करती है।
  • छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में और धार्मिक महत्त्व के स्थलों को खासतौर पर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कराया जा रहा है। इनमें ट्राइबल टूरिज्म सर्किट को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा राज्य शासन ने भी ट्राइबल टूरिज्म सर्किट को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का लक्ष्य रखा है।


छत्तीसगढ़ Switch to English

राज्यस्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का गठन

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के लिये राज्यस्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (Media Certification and Monitoring Committee) का गठन किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले की अध्यक्षता में सात सदस्यीय एमसीएमसी का गठन किया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा समिति के गठन के संबंध में जारी आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को राज्यस्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है।
  • पत्र सूचना कार्यालय (PIB)  रायपुर के उप निदेशक रमेश जयभाये, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया सदस्य डॉ. सुमन गुप्ता और मंत्रालय, नवा रायपुर में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक असीम कुमार थवाईत को समिति का सदस्य बनाया गया है। इनके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक और समिति द्वारा मनोनीत दक्ष प्रतिनिधि भी इसके सदस्य होंगे।
  • राज्यस्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति विज्ञापनों के प्रमाणन के संबंध में ज़िला तथा अपर/संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दोनों से प्राप्त अपील पर निर्णय लेगी। समिति ज़िलास्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के निर्णय के विरुद्ध अपील पर पेड न्यूज़ (Paid News)  के सभी मामलों या स्वप्रेरणा से लिये गए मामलों की जाँच करेगी। पेड न्यूज़ के मामले सही पाए जाने पर समिति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को अभ्यर्थियों को नोटिस जारी करने का निर्देश देगी।

उत्तराखंड Switch to English

सरमोली को मिला देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँव का पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

  • 27 सितंबर, 2023 को ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस’के अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के सरमोली को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँव का पुरस्कार प्रदान किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • पर्यटन मंत्रालय के ग्रामीण पर्यटन भारत की नोडल अधिकारी कामाक्षी माहेश्वरी ने गाँव की सरपंच मल्लिका विर्दी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
  • पर्यटन मंत्रालय द्वारा एक बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान की योजना बनाई गई है। भारत सरकार ने स्वच्छता अभियान के शुभारंभ के लिये 108 पर्यटक स्थानों की पहचान की। यह अभियान इन 108 स्थलों के साथ-साथ अन्य पर्यटक महत्त्व के स्थानों पर भी चलाया जाएगा।
  • अभियान का उद्देश्य कूड़े की सफाई, स्वच्छता सुनिश्चित करना और एकल उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध लगाना और पर्यावरण के अनुकूल पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देना है। व्यापक पहुँच के लिये, स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों और युवा पर्यटन क्लब (वाईटीसी) के सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
  • पर्यटन के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत और सतत् विकास को बढ़ावा देने और संरक्षण के लिये सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण पर्यटन ग्राम पुरस्कार दिये गए, जिनमें देशभर से 35 ग्रामीण पर्यटन गाँव क्रमश: 5, 10 और 20 गाँवों के साथ स्वर्ण, रजत और कांस्य श्रेणियों में शामिल थे। इनमें उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले के सरमोली गाँव को स्वर्ण पदक दिया गया।
  • विदित है कि वर्ष 2004 में सरमोली गाँव की सरपंच मल्लिका विर्दी के मार्गदर्शन में सामुदायिक आधारित होम स्टे और प्रकृति कार्यक्रम शुरू किया गया था। मल्लिका विर्दी दो बार (2004 से 2010 और 2017 से 2022) वन पंचायत की सरपंच रहीं। उनके नेतृत्व में प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने, जंगल और जल संरक्षण के प्रयासों को बढ़ाने का कार्य किया गया। उन्होंने जंगल और विशेष रूप से मेसर कुंड को पुनर्जीवित करने के प्रयास किये थे।
  • वर्ष 2007 से मेसर वन कौतिक नामक एक लोकप्रिय वन मेले के साथ-साथ हिमाल कलासूत्र नामक एक प्रकृति और संस्कृति उत्सव आयोजित करना शुरू किया। हिमाल कलासूत्र के दौरान, पक्षी उत्सव, तितली और कीट उत्सव, पारंपरिक भोजन उत्सव, डामो नगाड़ा ढोल उत्सव, खलिया चैलेंज नामक एक नवाचारी उच्च ऊँचाई मैराथन और कई ऐसे कार्यक्रम आयोजित किये जाते ।


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