बिहार
बिहार, गया में तीसरा जूलॉजिकल पार्क बनाएगा
- 11 Mar 2026
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चर्चा में क्यों?
बिहार सरकार ने गया ज़िले में एक नया जूलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) स्थापित करने के लिये सिद्धांततः स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मुख्य बिंदु:
- नया चिड़ियाघर परियोजना: प्रस्तावित प्राणी उद्यान गया–डोभी सड़क पर जमारी के पास स्थापित करने की योजना है, जिससे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन अवसंरचना को मज़बूत करने की उम्मीद है।
- राज्य सरकार ने इसे सिद्धांततः स्वीकृति दे दी है, जबकि अंतिम निर्माण कार्य केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) की अनुमति मिलने के बाद ही शुरू होगा, जो भारत में चिड़ियाघरों का नियमन करता है।
- तीसरा चिड़ियाघर: गया का यह चिड़ियाघर पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान और राजगीर के राजगीर जू सफारी के बाद बिहार का तीसरा प्रमुख प्राणी उद्यान होगा।
- यह चिड़ियाघर क्षेत्र में ईको-पर्यटन और प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावना रखता है, विशेष रूप से गया के बोधगया जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के निकट होने के कारण।
- इसके साथ ही यह स्थानीय समुदायों के लिये रोज़गार के अवसर भी उत्पन्न कर सकता है।
- महत्त्व: यह परियोजना राज्य सरकार के वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को मज़बूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।
- इस प्रस्ताव पर राज्य के जल-जीवन-हरियाली अभियान के साथ चर्चा की गई, जो बिहार में जल संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जलवायु कार्रवाई पर केंद्रित है।
- महत्त्व: नया जूलॉजिकल पार्क बिहार के वन्यजीव पर्यटन नेटवर्क का विस्तार करेगा, संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा और राज्य की पर्यावरणीय अवसंरचना को सुदृढ़ करेगा।
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