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18वाँ राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस
- 21 Apr 2026
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18वें राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सिविल सेवकों को शुभकामनाएँ दीं और सुशासन तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया, ज़मीनी स्तर के कार्यान्वयन से लेकर नीति-निर्माण तक उत्कृष्टता, करुणा और नवाचार के साथ भारत की प्रगति को बढ़ाने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
- प्रत्येक वर्ष इस दिन, प्रधानमंत्री प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के कार्यान्वयन और नवाचार में उपलब्धियों के लिये ज़िलों व कार्यान्वयन इकाइयों को सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिये प्रधानमंत्री पुरस्कार (PMAEPA) प्रदान करते हैं।
- राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस: यह प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को सिविल सेवकों के समर्पण का सम्मान करने के लिये मनाया जाता है। इसे पहली बार वर्ष 2006 में मनाया गया, यह सरदार वल्लभभाई पटेल के 21 अप्रैल, 1947 को दिल्ली के मेटकॉफ हाउस में प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के प्रोबेशनरों को संबोधित करने का स्मरण कराता है, जहाँ उन्होंने सिविल सेवकों को "भारत का इस्पात ढाँचा" कहा था।
- PMAEPA: केंद्र और राज्य सरकारों के ज़िलों और संगठनों द्वारा किये गए असाधारण एवं नवीन कार्यों को स्वीकार करने, पहचानने और पुरस्कृत करने के लिये सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिये प्रधानमंत्री पुरस्कार (PMAEPA) प्रदान किये जाते हैं।
- चयन प्रक्रिया में एक स्क्रीनिंग समिति, विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन और कैबिनेट सचिव तथा प्रधानमंत्री द्वारा अंतिम अनुमोदन शामिल है।
- पुरस्कार में एक ट्रॉफी, एक प्रशस्ति पत्र और सार्वजनिक कल्याण संबंधी पहलों का समर्थन करने के लिये 20 लाख रुपये शामिल हैं।
- सिविल सेवाओं से संबंधित पहल: मिशन कर्मयोगी, लेटरल एंट्री स्कीम (LES), ई-समीक्षा और केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS)।
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