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हरियाणा स्टेट पी.सी.एस.

  • 28 Jun 2022
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हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन

चर्चा में क्यों?

27 जून, 2022 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन को मंज़ूरी दी गई।

प्रमुख बिंदु

  • इस संशोधन के अंतर्गत अब एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी को भी दो साल की बाल देखभाल छुट्टी की अनुमति होगी।
  • यह नियम हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) प्रथम संशोधन नियम, 2022 कहे जाएंगे।
  • इस संशोधन के अनुसार एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी (अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा) और महिला सरकारी कर्मचारी 18 वर्ष की आयु तक के अपने दो बड़े बच्चों की देखभाल लिये अपनी पूरी सेवा के दौरान अधिकतम दो साल (यानी 730 दिन) के लिये चाइल्ड केयर लीव का लाभ उठा सकते हैं।
  • इसके अलावा, दिव्यांग बच्चों के मामले में आयु की कोई सीमा नहीं होगी।

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हरियाणा राज्य डाटा सेंटर नीति, 2022 को मंज़ूरी

चर्चा में क्यों?

27 जून, 2022 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा को डाटा सेंटर उद्योग के स्थल के रूप में विकसित करने और हरियाणा को वैश्विक डाटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य डाटा सेंटर नीति, 2022 को स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रमुख बिंदु

  • इस नीति का उद्देश्य दुनिया के मुख्य उद्यमियों को उद्योग व व्यापार वातावरण प्रदान करके आकर्षित करना और हरियाणा में 115-120 नए डाटा सेंटर की स्थापना की सुविधा प्रदान करना है।
  • इन डाटा सेंटरों के स्थापित होने से 7500 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है।
  • हरियाणा में स्थापित 1 मेगावाट और उससे अधिक बिज़ली की खपत करने वाला कोई भी डाटा सेंटर इस नई नीति के तहत लाभ उठाने के लिये पात्र होगा।
  • इस नीति के तहत राज्य जीएसटी, स्टाम्प शुल्क, बिजली शुल्क में छूट के साथ अन्य आर्थिक लाभ प्रदान किये जाएंगे जैसे रोजगार सृजन सब्सिडी।
    • हरियाणा सरकार डाटा सेंटर से संबंधित बुनियादी ढाँचे को हरियाणा बिल्डिंग कोड के तहत एक अलग इकाई के रूप में शामिल करेगी, जो एफएआर में छूट और बिल्डिंग डिजाइन तथा निर्माण मानदंड प्रदान करेगी।
  • हरियाणा सरकार डाटा सेंटर्स को एक अलग अवसंरचना उद्योग तथा ऊर्जा सघन उद्योग के रूप में घोषित करेगी।
  • हरियाणा सरकार डाटा केंद्रों को हरियाणा आवश्यक सेवा रख-रखाव अधिनियम, 1974 के तहत एक आवश्यक सेवा के रूप में घोषित करेगी।
  • राज्य संचार और कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी के तहत दिशा-निर्देशों के अनुसार और समयबद्ध तरीके से डाटा सेंटरों के लिये स्वीकृति के आवेदनों को ‘राइट ऑफ वे’ मुहैया करवाया जाएगा।

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हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति, 2022 को मंज़ूरी

चर्चा में क्यों?

27 जून, 2022 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग, हरियाणा द्वारा तैयार की गई एक नई हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति, 2022 को मंज़ूरी दी गई।

प्रमुख बिंदु

  • इस नीति के माध्यम से, राज्य सरकार का उद्देश्य हरियाणा में जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना और उसका पोषण करना है।
  • अब उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), भारत सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त कोई भी स्टार्टअप इकाई, इसके निगमन/पंजीकरण की तारीख से 10 साल की अवधि तक और जिसका वार्षिक कारोबार 100 करोड़ रुपए से अधिक नहीं है, वे हरियाणा में इस नई नीति के तहत प्रमुख राजकोषीय और गैर-राजकोषीय लाभ लेने के लिये पात्र बन जाएंगे।
  • इन लाभों में सब्सिडाइज्ड इन्क्यूबेशन स्पेस, हरियाणा सरकार की निविदाओं में भागीदारी के लिये उदार मानदंड, मेंटरशिप कार्यक्रमों में भागीदारी और अन्य स्टार्टअप विशिष्ट कार्यक्रम शामिल हैं।
  • इस नीति के कार्यान्वयन और अन्य संस्थागत गतिविधियों की निगरानी के लिये सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग में एक स्टार्टअप हरियाणा प्रकोष्ठ की स्थापना की जा रही है।
  • नीति के तहत इन्क्यूबेटरों की स्थापना के लिये गवर्नमेंट होस्ट इंस्टीट्यूट को 2 करोड़ रुपए तक तथा निजी होस्ट इंस्टीट्यूट को 1 करोड़ रुपए तक का पूँजी अनुदान दिया जाएगा।
  • इन्क्यूबेटर को राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थानों में स्टार्टअप प्रतियोगिता उत्सव के आयोजन के लिये प्रति आयोजन 20 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी।
  • राज्य सरकार ने स्टार्टअप हितधारकों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करने के लिये नई हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति, 2022 में कई नए प्रोत्साहन भी जोड़े हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार से हैं-
    • पंचकूला, हिसार और अन्य संभावित स्थानों पर आईटी स्टार्टअप वेयरहाऊस की स्थापना हेतु पूँजीगत व्यय के लिये 4 करोड़ रुपए तथा तीन साल के आवर्ती व्यय के लिये 1 करोड़ रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
    • इससे पहले, इनक्यूबेशन केंद्र में स्टार्टअप लाभ प्राप्त करने के लिये केवल एक वर्ष की अवधि हेतु पात्र थे। अब नई स्टार्टअप नीति में ऐसे स्टार्टअप सब्सिडाइज्ड दरों पर स्पेस, प्लग एंड प्ले सुविधाओं के लिये तीन वर्ष हेतु लाभ ले सकते हैं।
    • राज्य सरकार हर छह महीने में हरियाणा के 22 जिलों में विशिष्ट उद्यमिता विकास कार्यक्रम भी आयोजित करेगी ताकि नई नीति के तहत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में उनके विकास के अवसरों और क्षमता के बारे में इच्छुक इनोवेटर्स/उद्यमियों तथा स्कूल/कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच और जागरूकता पैदा की जा सके।

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