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छत्तीसगढ स्टेट पी.सी.एस.

  • 27 Jan 2023
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश के पहले रुरल इंडस्ट्रियल पार्क का किया लोकार्पण

चर्चा में क्यों?

26 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर ज़िले के तुरेनार में देश के पहले रुरल इंडस्ट्रियल पार्क (RIPA) का लोकार्पण किया।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने ‘रीपा’परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम और किसान मेला में बताया कि प्रदेश भर में इस तरह के 300 रुरल इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जा रहे हैं। रोज़गार के मौके बढ़ाने के लिये हर विकासखंड में दो-दो ‘रीपा’तैयार किये जा रहे हैं।
  • ग्रामीणों के स्वरोज़गार के लिये यहाँ पाँच एकड़ में 20 वर्क़िंग शेड्स बनाए गए हैं। वर्क़िंग शेड्स के साथ ही यहाँ प्रशिक्षण केंद्र और आवासीय प्रशिक्षण के लिये प्रशिक्षुओं हेतु आवासीय परिसर भी बनाया गया है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को काम के लिये बाहर जाना न पड़े, इसके लिये सरकार स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ा रही है। रुरल इंडस्ट्रियल पार्क गाँवों में स्वरोज़गार के लिये जरूरी संसाधन मुहैया कराएगा। ‘रीपा’से गाँव स्वावलंबी बनेंगे, ग्रामीण आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और महिलाएँ भी आत्मनिर्भर होंगी।
  • राज्य शासन के सहयोग से विभिन्न समूहों द्वारा तुरेनार ‘रीपा’में मशरूम स्पॉन लैब एवं आएस्टर मशरूम उत्पादन, बटन मशरूम एवं आएस्टर मशरूम उत्पादन, काजू प्रसंस्करण, कोदो, कुटकी, रागी, मसाला, तिखुर प्रसंस्करण एवं अचार निर्माण, सुगंधित चावल एवं दाल उत्पादन, ईमली केंडी व चपाती निर्माण, चिरोंजी प्रसंस्करण, रेशम धागाकरण, मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन, तेल पेराई, नॉन वुवेन बैग, पेपर बैग, दोना, पत्तल, प्राकृतिक गोबर पेंट, सूती वस्त्र, मछली दाना एवं मुर्गी दाना निर्माण के साथ ही बेकरी इकाई संचालित की जा रही है।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी बड़ी सौगात

चर्चा में क्यों?

26 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को अनेक महत्त्वपूर्ण सौगात दी है।

प्रमुख बिंदु

  • प्रदेश में आदिवासी पर्व सम्मान निधि की घोषणा- आगामी वित्तीय वर्ष से सरकार बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के उत्तम आयोजन के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हज़ार रुपए प्रतिवर्ष प्रदान करेगी।
  • युवाओं को मिलेगा बेरोज़गारी भत्ता- अगले वित्तीय वर्ष से बेरोज़गारों को हर महीने बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा।
  • महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन हेतु शुरू होगी नई योजना- महिला समूहों महिला उद्यमियों, महिला व्यवसायियों एवं महिला स्टार्ट अप को व्यापार उद्योग स्थापित करने हेतु नवीन योजना आरंभ की जाएगी।
  • राज्य में गठित होगा नवाचार आयोग- छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को सहेजने और संजोने के बाद छत्तीसगढ़ को प्रगति पथ पर अनवरत आगे बढ़ाने के लिये राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग का गठन किया जाएगा।
  • राज्य में बनेगी एयरोसिटी- रायपुर एयरपोर्ट में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास और रोज़गार सृजन के लिये स्वामी विवेकानंद विमानतल के पास एयरोसिटी विकसित की जाएगी।
  • राज्य में बनेगी ग्रामीण उद्योग नीति- छत्तीसगढ़ में कुटीर उद्योग आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, रोज़गार और लोगों की आय बढ़ाने के लिये ग्रामीण उद्योग नीति बनाई जाएगी।
  • औद्योगिक इकाईयों को संपत्ति कर से मिलेगी मुक्ति- उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों को संपत्ति कर के भार से मुक्त किया जाएगा।
  • जीवनदायिनी खारून नदी पर बनेगा रिवर फ्रंट- रायपुर और दुर्ग ज़िले की जीवनदायिनी और जन आस्था का केंद्र खारून नदी व्यापार और मनोरंजन का भी एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है। खारून नदी पर उत्कृष्ट रिवर फ्रंट विकसित की जाएगी।
  • विद्युत शिकायत के निराकरण के लिये बनेगी आधुनिक ऑनलाईन निराकरण प्रणाली- बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये अत्याधुनिक ऑनलाईन शिकायत एवं निराकरण प्रणाली विकसित की जाएगी।
  • निर्माण श्रमिकों के लिये मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना होगी शुरू- छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में लगातार तीन साल पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को स्वयं का मकान बनाने हेतु 50 हज़ार रुपए अनुदान देने की योजना लाई जाएगी।
  • राज्य में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय रामायण/मानस महोत्सव का होगा आयोजन
  • चंदखुरी में प्रतिवर्ष आयोजित होगा माँ कौशल्या महोत्सव

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राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता प्रतियोगिता-2022 में छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने मारी बाजी

चर्चा में क्यों?

25 जनवरी 2023 को भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2023 के अवसर पर राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता प्रतियोगिता-2022 के विजेताओं की घोषणा कर दी। इसमें छत्तीसगढ़ के 4 प्रतिभागियों को विजेता चुना गया है।

प्रमुख बिंदु

  • गीत विद्या की श्रेणी में धमतरी की हर्षिता पटेल, वीडियो में दुर्ग के अरविंद कुमार यादव, स्लोगन में बस्तर के अभय संवेदकर और आशीष सावंत ने बाजी मारी है।
  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ रीना बाबा साहेब कंगाले ने पूरे देश में प्रदेश का मान बढ़ाने वाले सभी विजेताओं को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
  • गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग ने कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रत्येक वोट के महत्त्व पर ज़ोर देने के लिये 25 जनवरी, 2022 को 12वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता प्रतियोगिता-2022 का आयोजन किया था।
  • यह प्रतियोगिता पाँच विधाओं में आयोजित की गई थी जिसमें गीत, वीडियो, पोस्टर, स्लोगन और क्विज शामिल थीं। ‘मेरा वोट मेरा भविष्य है: एक वोट की शक्ति’विषय के साथ सभी उम्र के प्रतिभागियों ने इसमे भाग लिया।

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छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियाँ पद्म श्री सम्मान के लिये चयनित

चर्चा में क्यों?

25 जनवरी, 2023 को राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2023 के लिये देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों ‘पद्म पुरस्कारों’की घोषणा की। इनमें छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों को पद्म श्री अवार्ड के लिये चुना गया है।

प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2023 के लिये राष्ट्रपति ने तीन द्वय मामलों (एक द्वय मामले में, पुरस्कार को एक के रूप में गिना जाता है) सहित 106 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है।
  • सूची में 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों की सूची में 19 महिलाएँ हैं और विदेशियों/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई की श्रेणी के 2 व्यक्ति और 7 मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाले भी शामिल हैं।
  • पद्म श्री अवार्ड के लिये चयनित छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों में सुश्री उषा बारले, डोमार सिंह कुँवर और अजय कुमार मंडावी शामिल हैं।
  • दुर्ग ज़िले की सुश्री उषा बारले को पंडवानी गायन के क्षेत्र में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन्होंने प्रख्यात पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजनबाई से पंडवानी का प्रशिक्षण लिया है। बारले न केवल भारत बल्कि लंदन और न्यूयार्क जैसे शहरों में भी पंडवानी की प्रस्तुति दे चुकी हैं।
  • बालोद ज़िले के ग्राम लाटा बोड़ के निवासी नृत्य कला के साधक एवं मशहूर कलाकार डोमार सिंह कुँवर को छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती नाचा कला को देश से लेकर विदेशों तक ख्याति दिलाने के लिये पद्म श्री हेतु चयन किया गया है। इन्होंने इस कला का 5 हज़ार से भी ज्यादा बार मंचन किया है।
  • कांकेर ज़िले के ग्राम गोविंदपुर के रहने वाले अजय कुमार मंडावी ने काष्ठ शिल्प कला में गोंड ट्राईबल कला का समागम किया है। उन्होंने नक्सली क्षेत्र के प्रभावित और भटके हुए लोगों को काष्ठ शिल्प कला से जोड़ते हुए क्षेत्र के 350 से ज्यादा लोगों के जीवन में बदलाव लाने के साथ-साथ लकड़ी की अद्भुत कला से युवाओं को जोड़ा है। युवाओं के हाथ से बंदूक छुड़ाकर छेनी उठाने के लिये प्रेरित करने जैसे कार्यों के लिये मंडावी को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
  • गौरतलब है कि देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में पद्म पुरस्कार शामिल है। पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के रूप में प्रदान किये जाते हैं। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुरस्कारों की घोषणा की जाती है।
  • ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य व शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि जैसे विभिन्न विषयों/गतिविधियों के क्षेत्रों में दिये जाते हैं।
  • असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिये ‘पद्म विभूषण’, उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिये ‘पद्म भूषण’और किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिये ‘पद्म श्री’से सम्मानित किया जाता है।
  • ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक समारोहों में प्रदान किये जाते हैं जो आमतौर पर हर साल मार्च/अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में आयोजित किये जाते हैं। 

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