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राजस्थान स्टेट पी.सी.एस.

  • 25 Sep 2021
  • 0 min read
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वाणिज्यिक कर विभाग का पुनर्गठन

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चर्चा में क्यों?

24 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) के लागू होने के बाद बदले हुए परिदृश्य तथा राज्य में इसके बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिये वाणिज्यिक कर विभाग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है।

प्रमुख बिंदु

  • इसके तहत बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिये ज़ोन, नियमित सर्किल एवं वार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही, करदाताओं की सुविधा के लिये अपीलीय प्राधिकारी कार्यालय भी स्वीकृत किये गए हैं। 
  • इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा और राजस्थान वाणिज्यिक कर (अधीनस्थ) सेवा के 15 अतिरिक्त पद सृजित करने की स्वीकृति दी है। इससे विभाग के कैडर की संख्या बढ़कर 1833 हो जाएगी।
  • प्रस्ताव के तहत राज्य में GST के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये भिवाड़ी में नया ज़ोन बनाया जाएगा। इससे प्रशासनिक ज़ोन की संख्या 16 हो जाएगी। ज़ोन जयपुर-4 और जोधपुर-2 को कार्यात्मक बनाया जाएगा। नियमित सर्किल की संख्या डेढ गुना तक बढ़ाकर 82 से 135 की जाएगी। नियमित वार्डों की संख्या भी 296 से 320 की जाएगी। 
  • GST की शुरुआत के बाद विशेष सर्किल, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट्स एवं लीजिंग टैक्स की प्रासंगिकता नहीं रही है, इसलिये उन्हें समाप्त किया जा रहा है।
  • करदाताओं की सुविधा के लिये कोटा ज़ोन में अपीलीय प्राधिकारी का कार्यालय स्वीकृत किया गया है। 
  • ऑडिट एवं एंटी इवेजन कार्य के सुदृढ़ीकरण के लिये बिजनेस इंटेलीजेंस यूनिट का गठन किया जा रहा है। तकनीकी रूप से सक्षम इस यूनिट में विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे और यह यूनिट GSTN डेटाबेस एवं ई-वे बिल पोर्टल के डेटा का प्रभावी विश्लेषण करेगी।
  • एंटी इवेजन विंग का नाम बदलकर एन्फोर्समेंट विंग किया जा रहा है। साथ ही, कर धोखाधड़ी गतिविधियों में लिप्त वास्तविक व्यक्तियों की पहचान करने के लिये एक साइबर सेल गठित की जा रही है। 
  • राज्य, ज़ोन एवं नियमित वृत्त स्तर पर त्रिस्तरीय ऑडिट स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। राज्य और ज़ोनल स्तर पर बड़े एवं जटिल मामलों की ऑडिट सुनिश्चित होगी।
  • ईमानदारी से अपने कर दायित्व का निर्वहन करने वाले करदाताओं की शिकायतों के समाधान के लिये टैक्सपेयर केयर यूनिट गठित की जा रही है। इसमें योग्य सीए एवं कर व्यवसायी शामिल होंगे। 
  • डीलरों के लिये सरल, आसान और त्वरित पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिये सेंट्रल रजिस्ट्रेशन यूनिट बनाई जाएगी। पंजीकरण का कार्य मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार किया जाएगा।
  • राजस्थान राज्य कर अकादमी (STAR) को अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान बनाने के लिये इसमें वर्तमान में हो रहे बदलाव को शामिल करते हुए अद्यतन किया जाएगा। 
  • उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के कर राजस्व संग्रहण में वाणिज्यिक कर विभाग महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। राज्य के कर राजस्व में इसका योगदान लगभग 50 प्रतिशत तक है। वित्त वर्ष 2021-22 में कर राजस्व लक्ष्य 60 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का है। वर्तमान में इस विभाग द्वारा राज्य में आरजीएसटी एक्ट-2017, राजस्थान वैट एक्ट-2003 तथा राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी (ड्यूटी) एक्ट-1962 का क्रियान्वयन किया जाता है।

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