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राजस्थान स्टेट पी.सी.एस.

  • 23 Sep 2021
  • 0 min read
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कृषि महाविद्यालय

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चर्चा में क्यों?

22 सितंबर, 2021 को राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर की संघटक इकाई के रूप में स्थापित कृषि महाविद्यालय, डूँगरपुर का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

प्रमुख बिंदु

  • राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा पेटेंट कार्य, रोबोटिक्स संबंधित नव-प्रवर्तन, ‘मेवाड़ ऋतु’ ऐप से मौसम भविष्यवाणी आदि कदमों की सराहना करते हुए कृषि क्षेत्र में विश्वविद्यालय को देश का उत्कृष्ट केंद्र बनाने का आह्वान किया।
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि कृषि क्षेत्र पर ग्रामीण आबादी की निर्भरता को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गत दो वर्ष में 13 कृषि महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। आदिवासी क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ होने से यहाँ के छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। जनजातीय क्षेत्र की शैक्षिक प्रगति को ध्यान में रखते हुए ही बाँसवाड़ा में अभियांत्रिकी महाविद्यालय और गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किये गए हैं। 
  • उन्होंने कहा कि कृषि को प्राथमिकता पर रखते हुए राज्य सरकार ने कृषि का अलग बजट प्रस्तुत करने का निर्णय किया है और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिये कृषि प्रसंस्करण नीति-2019 तथा कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति लागू की है। किसानों को खुद की कृषि प्रसंस्करण इकाई लगाने पर एक करोड़ रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है।
  • महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने अपने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय द्वारा कोरोना काल में संचालित की गई ऑनलाइन शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों की जानकारी दी।
  • इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान सरसों, बाजरा सहित कई फसलों के उत्पादन में देश भर में अग्रणी है। दुग्ध उत्पादन में भी राजस्थान पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। पशुधन की नस्लों को लेकर भी राजस्थान की अपनी विशिष्ट पहचान है।

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राजस्थान सौर ऊर्जा में नंबर वन

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चर्चा में क्यों?

हाल ही में जारी भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की एक रिपोर्ट में राजस्थान 7737.95 मेगावाट सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता के साथ कर्नाटक को पीछे छोड़ते हुए देश में पहले पायदान पर आ गया है।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि MNRE की रिपोर्ट में गुजरात 5708 मेगावाट क्षमता के साथ तीसरे, तमिलनाडु 4675 मेगावाट क्षमता के साथ चौथे तथा आंध्र प्रदेश 4380 मेगावाट के साथ पाँचवे स्थान पर है।
  • कोविड-19 की विषम परिस्थितियों के बावजूद विगत मात्र आठ माह में ही राजस्थान में 2348.47 मेगावाट नई सौर ऊर्जा की क्षमता स्थापित की गई है। 
  • राजस्थान ने वर्ष 2021 में सौर ऊर्जा के ग्राउंड माउंट, रूफ टॉप और ऑफ ग्रिड सहित सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। 
  • ग्रीन एनर्जी-क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने की दिशा में राज्य की सौर ऊर्जा नीति-2019 निवेशकों के लिये काफी महत्त्वपूर्ण रही है। साथ ही, रिप्स-2019 के प्रावधानों से प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। इस नीति के तहत अप्रैल 2021 में प्रदेश में हाईब्रिड ऊर्जा के क्षेत्र में 34 हज़ार 200 करोड़ रुपए के कस्टमाइज्ड निवेश प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। इनमें से अधिकतर सौर ऊर्जा से संबंधित हैं।
  • सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने की नीतियों का परिणाम रहा है कि राजस्थान इस क्षेत्र में देश और दुनिया के निवेशकों के लिये पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है। इस अवधि में रिकॉर्ड 10 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश इस क्षेत्र में हुआ है।  
  • उल्लेखनीय है कि सौर ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान की अनुकूल भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए प्रदेश में 142 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का आकलन किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कारगर योजना बनाई गई है। योजना के तहत 2024-25 तक 30 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो देश के ऊर्जा परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।

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5 विभागों की 7 योजनाएँ स्टेट फ्लैगशिप कार्यक्रम में सूचीबद्ध

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चर्चा में क्यों?

हाल ही में प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास एवं रोज़गार से जुड़ी ‘मुख्यमंत्री युवा संबल योजना’ सहित 5 विभिन्न विभागों की 7 योजनाएँ स्टेट फ्लैगशिप कार्यक्रम सूची में शामिल की गई हैं।

प्रमुख बिंदु

  • इस संबंध में आयोजना विभाग ने आदेश जारी कर संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि इन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गहन मॉनिटरिंग करें तथा वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की सूचना तैयार कर हर माह की 7 तारीख तक मुख्यमंत्री कार्यालय तथा आयोजना विभाग को भिजवाना सुनिश्चित करें।
  • घोषित कार्यक्रम में कौशल, रोज़गार एवं उद्यमिता विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री युवा संबल योजना’, उच्च शिक्षा विभाग की ‘कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना’ और ‘देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना’, स्वायत्त शासन विभाग की ‘इंदिरा रसोई योजना’ और ‘इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना’, वन विभाग द्वारा संचालित ‘घर-घर औषधि योजना’ तथा ऊर्जा विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना’ स्टेट फ्लैगशिप कार्यक्रम में सम्मिलित की गई हैं।
  • फ्लैगशिप कार्यक्रम सूची में शामिल चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ‘आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना’ के नाम को ‘मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना’ के रूप में संशोधित भी किया गया है।

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