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स्टेट पी.सी.एस.

  • 20 Nov 2023
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उत्तर प्रदेश Switch to English

8 राज्यों के 131 मेधावियों को श्री डोरीलाल अग्रवाल राष्ट्रीय मेधावी दिव्यांग छात्रवृत्ति

चर्चा में क्यों?

19 नवंबर, 2023 को उत्तर प्रदेश में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में आयोजित समारोह में अमर उजाला फाउंडेशन और विकलांग सहायता संस्था, आगरा शाखा की ओर से देश के 18 राज्यों के 131 मेधावी दिव्यांग विद्यार्थियों को 22.26 लाख रुपए की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

प्रमुख बिंदु

  • छात्रवृत्ति के लिये 278 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 105 का चयन किया गया। साथ ही 26 उन पात्र विद्यार्थियों को इस बार भी छात्रवृत्ति दी गई, जिन्हें गत वर्ष दी गई थी।
  • बीटेक के 24, बीए के 22, बीएड के 21, एमए के 13, डीएड 11, पीएचडी, बीएससी के छह-छह, एमबीबीएस, एमएड व एलएलएम के चार-चार, एमबीए के तीन, बीकॉम, एमकॉम व बीफार्मा के दो-दो, एमएससी, पीजीडीसीए, एमएसडब्ल्यू, डिप्लोमा इन लैब, बी.लिब, एमबीए, एलएलबी के एक-एक विद्यार्थी को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
  • इनके अलावा, छात्रवृत्ति पाकर किसी मुकाम तक पहुँच चुके राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रह्लाद चौहान एवं डॉ. एश्वर्या गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
  • संस्था के सचिव अनिल अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 1985 से छात्रवृत्ति दी जा रही है। वर्ष 1989 से अमर उजाला के संस्थापक व मुख्य संरक्षक डोरीलाल अग्रवाल की स्मृति में यह सेवा प्रकल्प शुरू किया गया। अब तक 3000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।
  • संस्था के उपाध्यक्ष सुनील विकल ने बताया कि एक वर्ष में एक करोड़ रुपए तक की छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य रखा गया है।


उत्तर प्रदेश Switch to English

प्रदेश में हलाल लिखे उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध

चर्चा में क्यों?

18 नवंबर, 2023 को उत्तर प्रदेश में किसी भी उत्पाद पर हलाल प्रमाणन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। यह पाबंदी खाद्य उत्पाद के साथ ही दवाओं पर भी लागू होगी।

प्रमुख बिंदु

  • उत्तर प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव अनीता सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। सभी खाद्य एवं औषधि निरीक्षकों को निरंतर निगरानी के निर्देश दिये गए हैं।
  • खाद्य उत्पाद के साथ ही दवाओं के उत्पाद के निर्माण, भंडारण, वितरण एवं विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। हालाँकि विदेश भेजे जाने वाले उत्पाद के लिये छूट रहेगी।
  • विदित हो कि विदेश में निर्यात होने वाले मांस और उससे निर्मित उत्पादों पर हलाल प्रमाण पत्र जारी होता रहा है। धीरे-धीरे तेल, साबुन, घी सहित सभी उत्पादों पर हलाल प्रमाणन की मुहर लगने लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद इसे रोकने की रणनीति बनाई गई और 18 नवंबर को इस पर प्रदेश में पाबंदी लगा दी गई है।
  • प्रदेश में हलाल प्रमाणन वाले किसी भी खाद्य उत्पादों एवं दवाओं को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई उत्पादन हलाल प्रमाणन वाला पाया गया तो संबंधित निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निर्माण के साथ ही भंडारण, वितरण, विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • यदि राज्य में कार्यरत कोई निर्यातक अपने खाद्य उत्पाद अथवा दवा को उन देशों के लिये तैयार करता है, जहाँ हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य उत्पाद ही स्वीकार किये जाते हैं तो उसे छूट दी जाएगी। वह दूसरे देश के लिये तैयार होने वाले उत्पाद का निर्माण, भंडारण एवं वितरण कर सकेगा।
  • प्रदेश की नियमावली में हलाल प्रमाणीकरण का कोई नियम नहीं है। सिर्फ गुणवत्ता, पैकिंग, लेबलिंग सही होनी चाहिये। नए आदेश के बाद यदि कोई हलाल प्रमाणीकरण युक्त दवाओं, प्रसाधन सामग्री व खाद्य सामग्री तैयार करता है अथवा भंडारण व वितरण करता है तो उसके खिलाफ अधिनियम 1940 व तत्संबंधी नियमावली के अधीन कार्रवाई की जाएगी।
  • इसके तहत तीन साल का कारावास, एक लाख रुपए जुर्माना, और नियम 18 ए के तहत छह साल का कारावास अथवा 25 हज़ार का जुर्माना हो सकता है।


उत्तर प्रदेश Switch to English

ग्रेटर अलीगढ़ में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम

चर्चा में क्यों?

18 नवंबर, 2023 को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि बनारस की तर्ज पर ग्रेटर अलीगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 400 करोड़ रुपए का खर्च होने का अनुमान है।

प्रमुख बिंदु

  • विदित हो कि अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) अलीगढ़-पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 300 हेक्टेयर में आवासीय योजना विकसित कर रहा है। इसमें ग्राम मूसेपुर, जिरौली, जिरौली डोर, अटलपुर, अहमदाबाद, जतनपुर चिकावटी, रुस्तमपुर अखन, ल्होसरा बिसावन में जमीन ली जा रही है।
  • लखनऊ की कंसलटेंसी फर्म द्वारा टाउनशिप का ले-आउट तैयार किया गया है। टाउनशिप तीन चरणों में विकसित की जा रही है। टाउनशिप में करीब छह एकड़ जमीन पर स्टेडियम का निर्माण होगा।
  • इस स्टेडियम को बनारस के स्टेडियम की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। प्रस्तावित इस स्टेडियम में करीब 20 हज़ार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी।
  • उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रिंकू सिंह अलीगढ़ से हैं। ऐसे में इस स्टेडियम के बनने से ताला एवं तालीम के इस शहर का नाम देशभर में और भी चमकेगा और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को उच्चकोटि की सुविधाओं वाला खेल मैदान भी उपलब्ध हो सकेगा।


राजस्थान Switch to English

डॉ. मधुकर गुप्ता ‘चुनाव आयुक्त ऑफ द ईयर’ से सम्मानित

चर्चा में क्यों?

17 नवंबर, 2023 को राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. मधुकर गुप्ता को पुर्तगाल के लिस्बन में आयोजित 19वें अंतर्राष्ट्रीय चुनावी मामलों के कॉन्फ्रेंस और पुरस्कार समारोह में प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘चुनाव आयुक्त ऑफ द ईयर’से सम्मानित किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • पुर्तगाल की संसद के अध्यक्ष ऑगस्टो सैंटोस सिल्वा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में डॉ. गुप्ता को यह सम्मान विश्व स्तर पर चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और प्रथाओं को आगे बढ़ाने में किये गए उनके महत्त्वपूर्ण योगदान के लिये दिया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि पुर्तगाल के लिस्बन में आयोजित 19वें अंतर्राष्ट्रीय चुनावी मामलों की कॉन्फ्रेंस और पुरस्कार समारोह ने वैश्विक नेताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और अंतर्दृष्टि साझा करने के लिये एक गतिशील मंच के रूप में कार्य किया है।
  • विदित हो कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के रिटायर्ड आई.ए.एस. अधिकारी डॉ. मधुकर गुप्ता को अगस्त 2022 में राजस्थान का मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। डॉ. मधुकर गुप्ता राज्य एवं केंद्र में अहम पदों पर रहे हैं। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस स्थित राजस्थान के आवासीय आयुक्त कार्यालय में प्रमुख आवासीय आयुक्त रहे हैं।
  • डॉ. मधुकर गुप्ता ने इसके पूर्व में राजस्थान सरकार तथा भारत सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं। डॉ. गुप्ता भारत सरकार के सार्वजनिक उद्यम एवं भारी उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा अतिरिक्त सचिव के पदों पर भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।
  • इससे पूर्व गुप्ता ने इंदिरा गांधी नहर बोर्ड के चेयरमैन, जयपुर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर के संभागीय आयुक्त तथा कई ज़िलों में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएँ देने के साथ-साथ राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पदों पर अपनी सेवाएँ दी।


मध्य प्रदेश Switch to English

पानी में डूबते लोगों को बचाएगा ड्रोन ‘नभ रक्षक’

चर्चा में क्यों?

19 नवंबर, 2023 को मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर की पिसार्व टेक्नोलॉजीस कंपनी ने ‘नभ रक्षक’नाम का एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो पानी में डूबते हुए लोगों को न केवल डिटेक्ट करेगा बल्कि उनकी जान भी बचाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • कंपनी के फाउंडर और चीफ टेक्निकल ऑफिसर (CTO) अभिषेक मिश्रा व चीफ पीपुल ऑफिसर (CPO) रोशनी शुक्ला (मिश्रा) का दावा है कि यह भारत ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे पहला आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस इनेबल ड्रोन है।
  • आमतौर पर दूसरे ड्रोन उड़ते हैं लेकिन इस ड्रोन के साथ ऑन बोर्ड कम्प्यूटर भी है जो साथ में उड़ता है। यह ड्रोन समुद्र में, नदी में, तालाब आदि में कोई डूब रहा है तो ऑटोमैटिक उसे डिटेक्ट कर लेगा। इस दौरान वहां बेस्ड स्टेशन पर अलार्म बजेगा।
  • डिटेक्ट करने के अलावा इसमें एक और सुविधा है कि जब कोई डूबता है तो यह संबंधित व्यक्ति के ऊपर जाकर लाइफ सेविंग जैकेट गिरा देगा। ऐसे में डूबता हुआ व्यक्ति उस जैकेट की मदद से करीब एक घंटे तक पानी में आराम से तैर सकता है और उसकी जान बच सकती है।
  • अभिषेक मिश्रा ने बताया कि उक्त ड्रोन का गोवा के सभी 52 बीचेस पर इंस्टालेशन किया जाएगा। इसी तरह गुजरात के कोस्टल एरिया, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में भी खासकर वाराणसी के घाटो में इसका उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा आने वाले सालों में उत्तर प्रदेश में कुंभ मेले में हादसों पर नियंत्रण के लिये इसका उपयोग किया जा सकेगा।
  • मध्य प्रदेश में भी अब चुनाव के बाद नई सरकार बनने के बाद चर्चा की जाएगी और इसका प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। प्रदेश में भी इसका उपयोग हनुमंतिया सहित सभी बड़ी नदियों, तालाबों में आसानी से किया जा सकेगा।
  • कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) दुर्गेश शुक्ला व डायरेक्टर आलोक वाणी ने बताया कि इंडियन नैवी कोराकुट (ओडिशा) ने भी इसके ऑर्डर दिए हैं। नैवी इसके पूर्व कंपनी द्वारा किए गए सर्विलॉन्स जोन ‘गरुड़’का पहले से ही उपयोग कर रही है। 1 दिसंबर को वहाँ ‘नभ रक्षक’ इंस्टॉल किया जाएगा।
  • कंपनी के सीईओ अमित पांचाल के मुताबिक पिसार्व टेक्नोलॉजीस कंपनी इसके पूर्व ‘सरल’ लॉन्च कर चुकी है। यह थ्री डी ऑगमेंटेड रियलटी पर काम करता है जो बच्चों के लिये हैं। दूसरा ऑफ लाइन कोडियन प्रोग्राम्स ‘सॉल्युशन्स’है। तीसरा इनोवेशन ‘कवच’है और चौथा ‘ड्रोन'। इसमें पहले मल्टी स्पेशलिटी वाला ड्रोन ‘गरुड़’को लॉन्च किया गया जो जंगल में आग लगते ही अलार्म बजाता है। यह फॉरेस्ट, माइंस, रेलवे, पुलिस विभाग के सर्विलांस के लिये उपयोगी है।
  • नभ रक्षक ड्रोन की विशेषताएँ-
    • यह भारत का ऑटोनोमस ड्रोन है जो पानी में डूबते हुए व्यक्ति को ऑटोमेटिक डिटेक्ट करता है और उसे बचाने के लिये लाइफ सेविंग जैकेट गिरा देता है।
    • इसका वजन 2 किग्रा. है और यह 600 फीट की ऊँचाई तक उड़ सकता है।
    • इसमें 2 हाईटेक कैमरे लगे हैं, एक के बंद होते ही दूसरा कैमरा चालू हो जाता है।
    • इसको उड़ाने के लिये रिमोट की जरुरत नहीं पड़ती।
    • ड्रोन के साथ लाइफ सेविंग जैकेट, एयर बलून, पतली रस्सी लटकाई जा सकती है।


हरियाणा Switch to English

ध्यानचंद अवार्डी सज्जन सिंह का निधन

चर्चा में क्यों?

18 नवंबर, 2023 को चरखी दादरी ज़िला के समसपुर निवासी एवं ध्यानचंद अवार्डी पहलवान सज्जन सिंह फौगाट का लगभग 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

प्रमुख बिंदु

  • ध्यानचंद अवार्डी सज्जन सिंह का जन्म 28 जुलाई, 1933 को हुआ था और 1951 में वे सिपाही के पद पर सेना में भर्ती हो गए। स्कूली समय में वो कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी रहे। लेकिन सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने कुश्ती को अपनाया।
  • सज्जन सिंह ने कई अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 1960 में रोम ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सातवां स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार इंडोनेशिया में 1962 में एशियन गेम्स में उन्होंने दो रजत पदक, 1966 के एशियन गेम्स में कांस्य, 1970 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक प्राप्त किया।
  • उन्होंने 1965, 1967 व 1970 में वर्ल्ड रेसलिंग में देश का प्रतिनिधित्व भी किया। वर्ष 1979 में कटक में उन्हें ‘रूस्तमे हिंद’का खिताब हासिल हुआ और 1973 में उन्होंने सेना से सेवानिवृति ली।
  • सज्जन सिंह ने वर्ष 1979 में कुश्ती को अलविदा कहा और 1989 में वे साई के कोच बने। सज्जन सिंह को 13 नवंबर, 2021 को तात्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों से ध्यानचंद अवार्ड प्राप्त हुआ था।


छत्तीसगढ़ Switch to English

छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2023 : महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं की संख्या से अधिक

चर्चा में क्यों?

19 नवंबर, 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2023 में अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले कुल महिला मतदाताओं की संख्या अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले कुल पुरुष मतदाताओं की संख्या से अधिक है।

प्रमुख बिंदु

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2023 अंतर्गत 7 और 17 नवंबर को हुए दो चरणों में मतदान के आँकड़ों के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा क्षेत्रों में से 50 विधानसभा क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज्यादा मतदान किया है।
  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भरतपुर-सोनहत, प्रतापपुर, रामानुजगंज, सामरी, लुण्ड्रा, अंबिकापुर, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, लैलूंगा, सारंगढ़, खरसिया, धर्मजयगढ़, रामपुर, पालीतानाखार, जैजैपुर, मरवाही, सरायपाली, बसना, खल्लारी, महासमुंद, बिलाईगढ, राजिम, बिंद्रानवागढ़, सिहावा, डोंडीलोहारा, गुंडरदेही और संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्रों में वोट डालने वाले महिला मतदाताओं की संख्या वोट डालने वाले पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है।
  • इसी प्रकार धमतरी, दुर्ग शहर, पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगाँव, खुज्जी, मोहलामानपुर, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागाँव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों में वोट डालने वाले महिला मतदाताओं की संख्या वोट डालने वाले पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है।
  • छत्तीसगढ़ में दो चरणों में हुए मतदान में कुल 1 करोड़ 55 लाख 61 हज़ार 460 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमे 77 लाख 48 हज़ार 612 पुरुष मतदाता और 78 लाख 12 हज़ार 631 महिला मतदाता शामिल हैं।


छत्तीसगढ़ Switch to English

राज्यपाल ने ‘नृत्य रहस्य’ पुस्तक का किया विमोचन

चर्चा में क्यों?

18 नवंबर, 2023 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रसिद्ध ओडिशी नृत्यांगना पूर्णश्री राऊत द्वारा लिखित पुस्तक ‘नृत्य रहस्य द सेक्रेड मिस्टिक्स ऑफ डांस’का राजभवन में विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस पुस्तक में बताया गया है कि नृत्य के माध्यम से स्वस्थ रहा जा सकता है और बड़ी-बड़ी से बिमारियों को दूर किया जा सकता है।
  • नृत्य प्राचीनतम योग कला का एक स्वरूप है। यह शारीरिक तंत्र क्रिया, कुंडलिनी जागरण, आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक माध्यम है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य एक ऐसी विधा है जिससे शरीर के अंग में हल-चल होती है और ऊर्जा जागृत होती है तथा आध्यात्मिक अनुभूति का भाव पैदा करती है।
  • इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के बस्तर से लेकर सरगुजा तक के ऐतिहासिक मंदिरों में अंकित नृत्य मुद्राओं का उल्लेख किया गया है।


उत्तराखंड Switch to English

चारधाम यात्रा 2023:  56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये दर्शन

चर्चा में क्यों?

18 नवंबर, 2023 तक चली चारधाम यात्रा में देश दुनिया से आये 56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। यात्रा के इतिहास में चारधाम समेत हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड बना है।

प्रमुख बिंदु

  • विदित हो कि 22 अप्रैल से 18 नवंबर तक चली चारधाम यात्रा के लिये लगभग 75 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया था। इसमें केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में 56.13 लाख से अधिक ने दर्शन किये।
  • यात्रा के इतिहास में पहली बार श्रद्धालुओं का आँकड़ा 55 लाख पार हुआ है। केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। इसके बाद बदरीनाथ में 18.34 लाख, गंगोत्री में 9.05 लाख, यमुनोत्री में 7.35 लाख और हेमकुंड साहिब में 1.77 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किये।
  • वर्ष 2022 में चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा में 46.29 लाख श्रद्धालु पहुँचे थे। इससे पहले 2021 और 2020 में कोविड काल में चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो पाई है। 2021 में 5.29 लाख और 2020 में मात्र 3.30 लाख तीर्थयात्री पहुँचे थे। वर्ष 2019 में 34.77 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा में आए थे।


उत्तराखंड Switch to English

झीलों की नगरी नैनीताल का 182वां जन्मदिवस

चर्चा में क्यों?

18 नवंबर, 2023 को उत्तराखंड की पर्यटन नगरी एवं झीलों की नगरी नैनीताल का 182वां जन्मदिवस मनाया गया।

प्रमुख बिंदु

  • विदित हो कि 18 नवंबर, 1841 को नैनीताल पहुंचे अंग्रेज व्यापारी पी बैरन ने यहाँ की सौंदर्य से प्रभावित होकर इसे दुनिया की नजरों में लाया। अंग्रेज व्यापारी के आगमन की तारीख को ही नैनीताल के जन्मदिन के रूप में याद किया जाता है।
  • उल्लेखनीय है कि 1842 में चौथे कुमाऊं कमिश्नर जार्ज थॉमस लुसिंगटन ने आधिकारिक रूप से नैनीताल को यूरोपियन सेटेलमेंट के तहत बसाया था। इसके बाद अंग्रेजों ने इसे छोटी विलायत का दर्जा देते हुए ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया।
  • पर्यटन नगरी नैनीताल प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द्र का भी संदेश देती है। नैनीताल के नैनी झील के उत्तरी किनारे पर 51 शक्तिपीठों में से एक मां नयना देवी मंदिर स्थित है। साथ ही यहाँ गुरुद्वारा, एशिया का पहला मेथोडिस्ट चर्च और जामा मस्जिद भी स्थित है।
  • अनियंत्रित और अनियोजित विकास के कारण नैनीताल की खूबसूरती और पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बढ़ते कंक्रीट के जंगल पर रोक लगाने, यातायात के दबाव को कम करने, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को जागरूक करने और प्रकृति से छेड़छाड़ पर रोक लगाने के लिये कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।


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