18 जून को लखनऊ शाखा पर डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के ओपन सेमिनार का आयोजन।
अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें:

  संपर्क करें
ध्यान दें:

छत्तीसगढ स्टेट पी.सी.एस.

  • 20 May 2024
  • 0 min read
  • Switch Date:  
छत्तीसगढ़ Switch to English

स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय फुटबॉल चैम्पियनशिप

चर्चा में क्यों?

हाल ही में स्वामी विवेकानंद अंडर-20 पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप क्वार्टर फाइनल रामकृष्ण मिशन आश्रम ग्राउंड, नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किया गया था।

मुख्य बिंदु:

  • असम फुटबॉल चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में मिज़ोरम से हार गया। चैंपियनशिप में कुल 32 राज्यों ने भाग लिया।
  • अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (All India Football Federation- AIFF) ने अप्रैल 2024 में स्वामी विवेकानंद U20 राष्ट्रीय फुटबॉल चैम्पियनशिप की घोषणा की।
    • नई शुरू की गई U20 चैंपियनशिप के अलावा, AIFF दो अन्य पुरुष आयु वर्ग प्रतियोगिताएँ, जूनियर NFC और सब-जूनियर NFC भी आयोजित करता है।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (All India Football Federation- AIFF)

  • अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) भारत में फुटबॉल खेल के प्रबंधन से संबंधित संगठन है।
  • यह भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के संचालन का प्रबंधन करता है और कई अन्य प्रतियोगिताओं तथा टीमों के अलावा भारत की प्रमुख घरेलू क्लब प्रतियोगिता I-लीग को भी नियंत्रित करता है।
  • AIFF की स्थापना वर्ष 1937 में हुई थी और वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1948 में फीफा की संबद्धता प्राप्त की थी।
  • वर्तमान में इसका कार्यालय द्वारका, नई दिल्ली में है। भारत में यह वर्ष 1954 में एशियाई फुटबॉल परिसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक था।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मुठभेड़ में मारा गया नक्सली

चर्चा में क्यों?

हाल ही में छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में सुरक्षाकर्मियों के साथ गोलीबारी में एक नक्सली मारा गया।

मुख्य बिंदु:

  • गोलीबारी सुबह टोलनाई और तेतराई गाँवों के बीच एक वन क्षेत्र के पहाड़ी में हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।
  • इस घटना के साथ ही वर्ष 2024 में अब तक छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में 105 नक्सली मारे जा चुके हैं।

भारत में नक्सलवाद:

  • भारत में नक्सली हिंसा की शुरुआत वर्ष 1967 में पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग ज़िले के नक्सलबाड़ी नामक गाँव से हुई और इसीलिये इस उग्रपंथी आंदोलन को ‘नक्सलवाद’ के नाम से जाना जाता है।
  • इसकी शुरुआत स्थानीय ज़मींदारों के खिलाफ विद्रोह के रूप में हुई, जिन्होंने भूमि विवाद पर एक किसान की पिटाई की थी। विद्रोह की शुरुआत वर्ष 1967 में कानू सान्याल और जगन संथाल के नेतृत्व में मेहनतकश किसानों को भूमि के उचित पुनर्वितरण के उद्देश्य से की गई थी
  • पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, ओडिशा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के कम विकसित क्षेत्रों में भी फैल गया है।
  • यह माना जाता है कि नक्सली माओवादी राजनीतिक भावनाओं और विचारधारा का समर्थन करते हैं।
    • माओवाद, साम्यवाद का एक रूप है जो माओ त्से तुंग द्वारा विकसित किया गया है। इस सिद्धांत के समर्थक सशस्त्र विद्रोह, जनसमूह और रणनीतिक गठजोड़ के संयोजन से राज्य की सत्ता पर कब्ज़ा करने में विश्वास रखते हैं।


 Switch to English
close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2