हरियाणा Switch to English
हरियाणा मेले और एडवेंचर राइड्स के रेगुलेशन के लिये भारत की पहली पॉलिसी बनाएगा
चर्चा में क्यों?
हरियाणा सरकार ने देश की पहली व्यापक नीति बनाने की योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य झूलों और साहसिक आकर्षणों को विनियमित करना, ऐसे हादसों को रोकना तथा सार्वजनिक सुरक्षा को मज़बूत करना है।\
मुख्य बिंदु:
- पृष्ठभूमि: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में एक तीव्र गति वाली पेंडुलम राइड (‘सुनामी’ स्विंग) गिर गई, जिसमें एक पुलिस निरीक्षक की मौत हो गई और कम से कम बारह लोग घायल हो गए, जिससे तत्काल सुरक्षा चिंताएँ उत्पन्न हुईं।
- नीतिगत पहल: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सार्वजनिक आयोजनों में झूलों और साहसिक आकर्षणों के लिये सुरक्षा मानकों को विनियमित करने तथा सुनिश्चित करने हेतु देश की पहली ऐसी नीति तैयार करने की घोषणा की है।
- उद्देश्य: प्रस्तावित नीति का लक्ष्य स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल स्थापित करना, निरीक्षण व्यवस्था में सुधार करना और ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिये उपयुक्त मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) को लागू करना है।
- इस नीति के तहत दैनिक निरीक्षण, राइड संचालकों के लिये प्रशिक्षण और योग्यता मानक, प्रमाणित सुरक्षा उपकरणों का उपयोग तथा प्रतिभागियों के लिये उपयुक्त बीमा कवरेज सुनिश्चित किये जाने की संभावना है।
- नियामक अंतराल: वर्तमान में झूलों की सुरक्षा के लिये कोई समान राष्ट्रीय प्रोटोकॉल मौजूद नहीं है।
- मानकीकृत प्रक्रियाओं के बजाय विक्रेताओं के शपथपत्रों और प्रतिष्ठा पर निर्भर रहती हैं। नई नीति इस नियामक शून्य को भरने का प्रयास करती है।
- महत्त्व: यह पहल सामूहिक आयोजनों और सांस्कृतिक मेलों में सार्वजनिक सुरक्षा के महत्त्व को रेखांकित करती है तथा मनोरंजन व साहसिक राइडों की सुरक्षा के लिये राष्ट्रीय मानकों का एक मॉडल बन सकती है।
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और पढ़ें: सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला |

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
जर्मनी में BIOFACH 2026 में भारत को ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ चुना गया
चर्चा में क्यों?
भारत को फरवरी 2026 में जर्मनी के नूर्नबर्ग में आयोजित होने वाले जैविक उत्पादों के विश्व के अग्रणी व्यापार मेले BIOFACH 2026 में ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ (Country of the Year) का प्रतिष्ठित खिताब प्रदान किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम: BIOFACH 2026 जर्मनी में आयोजित होने वाला जैविक उत्पादों का विश्व का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला है।
- भारत को वैश्विक मंच पर अपनी जैविक कृषि की ताकत और निर्यात क्षमता को मान्यता देते हुए आधिकारिक रूप से ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ घोषित किया गया है।
- आयोजन प्राधिकरण: भारत की भागीदारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा आयोजित की जा रही है।
- पैन-इंडिया प्रतिनिधित्व: 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जो भारत की कृषि तथा क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित करते हैं।
- उत्पाद: यहाँ चावल, तिलहन, दलहन, मसाले, जड़ी-बूटियाँ, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम प्यूरी, आवश्यक तेल तथा अन्य मूल्यवर्द्धित जैविक उत्पादों की विस्तृत शृंखला प्रदर्शित की जा रही है।
- निर्यात प्रोत्साहन: यह आयोजन भारतीय जैविक निर्यातकों को वैश्विक खरीदारों से जुड़ने, बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने और वैश्विक जैविक बाज़ार में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिये एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है।
- महत्त्व: BIOFACH में ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ के रूप में भारत की पहचान उसकी जैविक कृषि में नेतृत्व भूमिका, बढ़ते निर्यात प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संधारणीय कृषि पद्धतियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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और पढ़ें: APEDA, कृषि, संधारणीय कृषि पद्धतियाँ |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
विशाखापत्तनम में ऐतिहासिक समुद्री संगम
चर्चा में क्यों?
पहली बार भारत एक साथ तीन प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय समुद्री आयोजनों—अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (International Fleet Review–IFR) 2026, अभ्यास मिलन 2026 और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) के नौसेना प्रमुखों के सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।
मुख्य बिंदु:
- स्थल: विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश — भारत की पूर्वी नौसेना कमान का मुख्यालय और एक रणनीतिक समुद्री प्रवेश द्वार।
- मुख्य आयोजन: यह पहली बार होगा जब भारत इन तीनों प्रमुख समुद्री आयोजनों की मेज़बानी एक साथ कर रहा है।
- IFR 2026: 18 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू युद्धपोतों के एक विशाल बेड़े की समीक्षा करेंगी, जिसमें INS विक्रांत जैसे पोतों के साथ भारत की ‘बिल्डर नेवी’ को प्रदर्शित किया जाएगा।
- अभ्यास मिलन 2026: मिलन भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसमें पेशेवर आदान-प्रदान, सामरिक अभ्यास और संयुक्त समुद्री अभियानों को शामिल किया जाता है।
- IONS सम्मेलन: भारत वर्ष 2025–2027 की अवधि के लिये अध्यक्षता सॅंभाल रहा है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिये 25 से अधिक देशों की मेज़बानी कर रहा है।
- भागीदारी: 50-70 से अधिक देशों के युद्धपोतों और विमानों के भाग लेने की उम्मीद है, जो प्रमुख समुद्री शक्तियों तथा क्षेत्रीय साझेदारों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
- वैश्विक उपस्थिति: संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस, श्रीलंका, ईरान, यूनाइटेड किंगडम, यूएई, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देश इसमें भाग लेंगे, जो व्यापक कूटनीतिक सहभागिता को दर्शाता है।
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और पढ़ें: अभ्यास मिलन, हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी |

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