बिहार Switch to English
बिहार ने पहले ग्रीन-टेक हॉर्टिकल्चर कॉन्क्लेव की मेज़बानी की
चर्चा में क्यों?
तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का बागवानी कार्यक्रम ‘बिहार नर्सरी एंड ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन पटना के ज्ञान भवन में किया गया, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी-आधारित बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
मुख्य बिंदु:
- आयोजन प्राधिकरण: बिहार सरकार के कृषि विभाग के अंतर्गत बागवानी निदेशालय द्वारा आयोजित।
- थीम: ‘परंपरा से प्रगति तक’।
- उद्देश्य: इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य किसानों को बागवानी में आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना, उत्पादकता बढ़ाना तथा नवाचार आधारित प्रथाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है।
- विशेष पहलें:
- उद्यान पाठशाला: किसानों और युवाओं के लिये आधुनिक बागवानी तकनीकों पर प्रशिक्षण सत्र।
- चाणक्य हॉर्टी-पिच: स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिये एक मंच, जहाँ वे बागवानी क्षेत्र से जुड़े नवाचारी व्यावसायिक विचार प्रस्तुत कर निवेश समर्थन प्राप्त कर सकें।
- महत्त्व: यह कार्यक्रम कृषि, बागवानी और प्रौद्योगिकी के समेकन को बढ़ावा देता है तथा इस क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान तथा नवाचार के लिये एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
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और पढ़ें: बागवानी |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
विश्व की सबसे बड़ी और भारत की पहली डिजिटल जनगणना शुरू
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने जनगणना 2027 के चरण-I — हाउसलिस्टिंग एवं आवास जनगणना (HLO) की शुरुआत कर दी है, जो डिजिटल डेटा संग्रहण और स्व-गणना की शुरुआत के साथ विश्व की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया का आरंभ है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: जनगणना 2027 भारत की देशव्यापी जनसंख्या गणना प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य नीतिगत योजना और शासन के लिये जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक आँकड़ों का संग्रह करना है।
- यह देश की 16वीं जनगणना है तथा स्वतंत्रता के बाद आयोजित होने वाली 8वीं जनगणना है।
- डिजिटल जनगणना: जनगणना 2027 भारत की पहली जनगणना होगी, जिसमें डिजिटल डेटा संग्रहण और ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी।
- पहली बार गणनाकर्त्ता स्मार्टफोन पर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा एकत्रित और प्रस्तुत करेंगे।
- स्व-गणना सुविधा:
- नागरिक एक सुरक्षित वेब पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
- विवरण जमा करने के बाद सत्यापन हेतु एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) उत्पन्न होगी, जिसे गणनाकर्त्ता के दौरे के समय उपयोग किया जाएगा।
- शुरुआत: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनगणना 2027 के लिये स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने वाली पहली नागरिक बन गईं।
- पहले ही दिन लगभग 55,000 परिवारों ने इस सुविधा का लाभ उठाया।
- भाषाएँ: स्व-गणना सुविधा 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे यह प्रक्रिया देशभर के लोगों के लिये सुलभ बनती है।
- प्रारंभिक क्रियान्वयन क्षेत्र: यह प्रक्रिया प्रारंभ में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिज़ोरम, ओडिशा, सिक्किम तथा नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के क्षेत्रों में शुरू की गई।
- चरण-I – हाउसलिस्टिंग एवं आवास जनगणना:
- यह 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच आयोजित की जा रही है।
- प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश इस अवधि में 30 दिनों का निरंतर क्षेत्रीय कार्य करेगा।
- पहली बार घर-घर सर्वेक्षण शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि स्व-गणना के लिये प्रदान की जाएगी।
- संग्रहित जानकारी: चरण-I के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित विवरण 33 अधिसूचित प्रश्नों के माध्यम से एकत्र किये जाएंगे।
- कानूनी ढाँचा: जनगणना के दौरान एकत्रित आँकड़े जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत संरक्षित होते हैं, जो व्यक्तिगत जानकारी की कड़ी गोपनीयता सुनिश्चित करता है।
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और पढ़ें: जनगणना अधिनियम, 1948, जनगणना 2027 शुभंकर |


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