छत्तीसगढ़ Switch to English
छत्तीसगढ़ में आदि परब 2026 महोत्सव
चर्चा में क्यों?
छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में दो दिवसीय जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव 'आदि परब 2026' का आयोजन किया गया , जिसमें संपूर्ण भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया गया।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: आदि परब 2026 एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य प्रदर्शनियों, प्रस्तुतियों और संवादों के माध्यम से जनजातीय पहचान, विरासत और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देना है।
- यह महोत्सव मार्च 2026 में नवा रायपुर अटल नगर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में आयोजित किया गया था।
- छत्तीसगढ़ के लगभग 43 जनजातीय समुदायों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों के प्रतिभागियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
- विषय: इस महोत्सव का आयोजन ‘परंपरा से पहचान तक’ विषय के अंतर्गत किया गया।
- उद्देश्य: इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को संरक्षित करना था।
- सांस्कृतिक विविधता: इस महोत्सव में जनजातीय कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन और लोक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनियाँ शामिल थीं, जो विभिन्न जनजातीय जीवन शैलियों का प्रतिनिधित्व करती थीं।
- आदि परिधान: एक विशेष आदिवासी परिधान प्रदर्शनी में विभिन्न आदिवासी समूहों के पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक विशेषताओं को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया गया।
- आदि रंग: जनजातीय चित्रकला महोत्सव में प्रकृति, पर्यावरण और जनजातीय जीवन से संबंधित विषयों पर आधारित कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया।
- आदि हाट: जनजातीय शिल्प मेले में हस्तशिल्प, वन उत्पाद तथा पारंपरिक वस्तुओं का प्रदर्शन और बिक्री की गई, जिससे स्थानीय कारीगरों और उनकी आजीविका को बढ़ावा मिला।
- सरकारी पहल: यह कार्यक्रम राज्य के जनजातीय विकास विभाग के अंतर्गत जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया था।
- महत्त्व: यह महोत्सव सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देता है, जनजातीय कारीगरों का समर्थन करता है, पर्यटन को प्रोत्साहित करता है तथा जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ करता है।
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और पढ़ें: जनजातीय विकास , जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
BCCI नमन पुरस्कार 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वर्ष 2024–25 सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा भारतीय क्रिकेट की दिग्गज हस्तियों को सम्मानित करने हेतु नमन पुरस्कार 2026 का आयोजन किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तरों पर उनकी उपलब्धियों को औपचारिक मान्यता प्रदान की गई।
मुख्य बिंदु:
- पॉली उमरीगर पुरस्कार: 2024–25 सत्र के लिये सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर (पुरुष) का पुरस्कार शुभमन गिल को प्रदान किया गया, जबकि स्मृति मंधाना को सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर (महिला) चुना गया। यह उनका पाँचवाँ BCCI सम्मान है।
- कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड: भारतीय क्रिकेट में उत्कृष्ट योगदान के लिये पूर्व क्रिकेटरों राहुल द्रविड़, रोजर बिन्नी और मिताली राज को यह सम्मान प्रदान किया गया।
- अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण पुरस्कार: ये पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में प्रभावशाली पदार्पण करने वाले उभरते खिलाड़ियों को दिये जाते हैं।
- सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू (पुरुष): हर्षित राणा
- सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू (महिला): एन. श्री चरणी
- घरेलू क्रिकेट पुरस्कार: ये पुरस्कार भारत की घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं में असाधारण प्रदर्शन को मान्यता देते हैं।
- जगमोहन डालमिया ट्रॉफी (सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर - घरेलू): इरा जाधव
- सीनियर घरेलू एक दिवसीय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर: शेफाली वर्मा
- सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के लिये लाला अमरनाथ पुरस्कार: घरेलू क्रिकेट में यह पुरस्कार आयुष म्हात्रे (सीमित ओवर टूर्नामेंट) और हर्ष दुबे (रणजी ट्रॉफी) को प्रदान किया गया।
- सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट संघ: मुंबई क्रिकेट संघ को 2024-25 सत्र के लिये BCCI के घरेलू टूर्नामेंटों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार मिला।
- सर्वश्रेष्ठ अंपायर: घरेलू टूर्नामेंटों में अपने शानदार प्रदर्शन के लिये उल्हास गांधे को घरेलू क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ अंपायर के रूप में सम्मानित किया गया ।
- महत्त्व: BCCI नमन पुरस्कार भारतीय क्रिकेट के सभी स्तरों अंतर्राष्ट्रीय, घरेलू और प्रशासनिक में उत्कृष्टता का सम्मान करते हैं, साथ ही उन दिग्गज हस्तियों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने खेल में स्थायी योगदान दिया है।
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