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हरियाणा स्टेट पी.सी.एस.

  • 04 Mar 2024
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अमिताभ ढिल्लों हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख होंगे

चर्चा में क्यों?

हाल ही में हरियाणा सरकार ने वर्ष 1997 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी, अमिताभ सिंह ढिल्लों को हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) के रूप में नियुक्त किया।

मुख्य बिंदु:

  • वर्ष 1997 बैच के एक अन्य अधिकारी संजय कुमार को ममता सिंह की जगह ADGP, कानून और व्यवस्था के रूप में तैनात किया गया था।
  • राज्यपाल के ऐड-डि-कैंप (ADC), अर्श वर्मा को महेंद्रगढ़ के पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया था, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SP), यमुनानगर, हिमाद्री कौशिक को पुलिस उपायुक्त (DCP), पंचकुला के रूप में तैनात किया गया था।
  • वर्ष 1991-बैच के अधिकारी, आलोक रॉय को पुलिस महानिदेशक (DGP), मानव संसाधन (HR) और मुकदमेबाज़ी के रूप में तैनात किया गया था, जबकि उनके बैचमेट, संजीव जैन को DGP, हरियाणा मानवाधिकार आयोग के रूप में तैनात किया गया था।
  • DCP, बल्लभगढ़, राजेश दुग्गल को गुरुग्राम के संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में तैनात किया गया।

ऐड-डि-कैंप

  • 'ऐड-डि-कैंप' की उपाधि सशस्त्र बलों में एक अधिकारी को दी जाती है, जो उच्च रैंकिंग वाले अधिकारी की सहायता करता है।
  • ADC वे अधिकारी होते हैं जो सेना प्रमुख, सेना कमांडरों, राज्यपालों और भारत के राष्ट्रपति सहित शीर्ष अधिकारियों के निजी सहायक के रूप में कार्य करते हैं।
  • भारत के राष्ट्रपति के पास पाँच ऐड-डि-कैंप होते हैं, जिनमें से तीन सेना से और एक-एक नौसेना तथा वायु सेना से होते हैं।
  • राज्य के राज्यपाल के दो ऐड-डि-कैंप होते हैं, एक सेना/नौसेना/वायु सेना से आता है और दूसरा राज्य के पुलिस बल से आता है।
  • एक ADC के पास सशस्त्र बलों में पाँच से सात वर्ष का अनुभव होना चाहिये। उनका चयन उनके पेशेवर प्रदर्शन और साक्षात्कार के आधार पर किया गया है।


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