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छत्तीसगढ स्टेट पी.सी.एस.

  • 01 Oct 2022
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बुजुर्गों के लिये छत्तीसगढ़ में प्रारंभ की जाएगी सियान हेल्पलाइन

चर्चा में क्यों?

30 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रदेश में बुजुर्गों के लिये एक नवंबर (राज्य निर्माण दिवस) से सियान हेल्पलाइन प्रारंभ करने की घोषणा की।

प्रमुख बिंदु 

  • यह हेल्पलाइन ऐसे वृद्धजन, जिनकी संतानें विदेश या देश के अन्य स्थानों में कार्यरत् हैं, को आपात् स्थितियों में सहायता पहुँचाने में मदद करेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश जारी कर पुलिस और समाज कल्याण विभाग से चर्चा कर हेल्पलाइन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा है।
  • ऐसे वृद्धजन, जो घर में अकेले हों और जिनकी संतानें प्रदेश के बाहर कार्यरत् हैं, के लिये आपात् स्थितियों में सहायता हेतु प्रदेश में कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ सियान हेल्पलाइन शुरू करने की पहल की है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति समाज में सम्मानजनक वातावरण, जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा, चिकित्सकीय देखभाल, आश्रय प्रदान करने तथा विधिक सुरक्षा हेतु व्यापक प्रबंध किये गए हैं। ‘मुख्यमंत्री पेंशन योजना’और ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना’के माध्यम से बुजुर्गों को पेंशन राशि प्रदान की जा रही है।
  • निराश्रित बुजुर्गों को नि:शुल्क आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा तथा पारिवारिक वातावरण प्रदान करने के लिये प्रदेश के 23 ज़िलों में 31 वृद्धाश्रम संचालित किये जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक ज़िले में कम-से-कम एक वृद्धाश्रम संचालित हो, ताकि निराश्रित बुजुर्गों को आश्रय मिल सके।
  • मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि ऐसे बुजुर्ग, जो गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं या वृद्धावस्था के कारण दैनिक क्रियाकलाप के लिये पूरी तरह दूसरों पर आश्रित हैं, उनकी चिकित्सा और देखरेख के लिये कबीरधाम, दुर्ग एवं बालोद ज़िले में प्रशामक देखरेख गृह शुरू किये गए हैं।
  • बुजुर्गों को वृद्धावस्था में होने वाली समस्या के निराकरण हेतु उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण, चिकित्सीय देखभाल की सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिये वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से बुजुर्गों को वाकर, बैसाखी, छड़ी, व्हील चेयर, चश्मा, श्रवण यंत्र जैसे उपकरण प्रदान किये जाते हैं।

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राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2022 पर किये हस्ताक्षर

चर्चा में क्यों?

30 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2022 पर हस्ताक्षर किये। यह विधेयक छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा 25 जुलाई, 2022 को पारित किया गया था।

प्रमुख बिंदु 

  • इस संशोधन विधेयक द्वारा छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 25 सन् 2004) की धारा 13 की उपधारा (2) में परिवर्तन किया गया है।
  • इस संशोधन के पश्चात् छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय कुलपति की पदावधि को 4 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष तक या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, किया गया है। साथ ही, उसकी दो-से-अधिक पदावधि की नियुक्ति की पात्रता के निर्बंधन को भी समाप्त किया गया है।
  • इसके अलावा इस संशोधन विधेयक द्वारा मूल अधिनियम की धारा 22 की उप-धारा(1) के खंड (आठ) एवं (नौ) को, खंड (आठ), (नौ) एवं खंड(दस) से प्रतिस्थापित किया गया है। इस संशोधन में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल)/ भिलाई इस्पात् संयंत्र(बीएसपी), भिलाई के पदेन प्रभारी निदेशक/सी.ई.ओ. एवं कार्यपालक निदेशक( कार्मिक और प्रशासन) को विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य के रूप में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।

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राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2022 पर किये हस्ताक्षर

चर्चा में क्यों?

30 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2022 पर हस्ताक्षर किये। इस संशोधन में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के लिये वर्तमान में प्रभावशील ऊर्जा प्रभार के शुल्क की दरों में प्रतिशत में वृद्धि की गई है।

प्रमुख बिंदु 

  • विधेयक के भाग क (धारा 3(1) (अ) ) में उल्लेखित सरल क्र. 1 व 2 में क्रमश: घरेलू उपभोक्ताओं के लिये वर्तमान ऊर्जा प्रभारों के प्रतिशत में प्रभावशील शुल्क की दर 8 प्रतिशत में 3 प्रतिशत वृद्धि उपरांत 11 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू उपभोक्ता के लिये वर्तमान प्रभावशील दर 12 प्रतिशत में 5 प्रतिशत वृद्धि उपरांत 17 प्रतिशत शुल्क निर्धारित किया गया है।
  • इसी प्रकार भाग क (धारा 3(1) (अ) ) में सरल क्र.3 से 13 के विभिन्न उपभोक्ता श्रेणी तथा औद्योगिक इकाईयों, लघु व मध्यम उद्योगों आदि के लिये शुल्क वृद्धि की गई है। सरल क्र.14 व 15 के लिये अनुसूची की उच्चतम दर निर्धारित की गई है।
  • इसी प्रकार भाग ख की धारा 3 (1) (ब) में सरल क्र. 16 के उपभोक्ता, अर्थात् राज्य के बाहर खुली पहुँच के माध्यम से अभिप्राप्त विद्युत उपभोग के लिये शुल्क की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
  • विधेयक के भाग-ग (धारा 3 (1) (स)) के सरल क्र. 17, 19, 20, 21, 22 और 24 में उल्लेखित उत्पादन कंपनियों, राज्य की निजी व सार्वजनिक कंपनियाँ आदि इकाईयों के लिये ऊर्जा प्रभारों के प्रतिशत में शुल्क की दरें बढ़ाई गई हैं तथा सरल क्र. 18 में उल्लेखित उत्पादन इकाईयों के लिये शुल्क यथावत रखा गया है।

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स्वच्छता सर्वेक्षण की इंडियन स्वच्छता लीग (आईएसएल) में छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकाय पहले नंबर पर, एक को मिला दूसरा स्थान

चर्चा में क्यों?

30 सितंबर, 2022 को स्वच्छता सर्वेक्षण की इंडियन स्वच्छता लीग (आईएसएल) में विजयी शहरों का ऐलान किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकाय पहले नंबर पर और एक दूसरे स्थान पर है।

प्रमुख बिंदु 

  • आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का पुरस्कार वितरण समारोह 1 अक्टूबर, 2022 को तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति एवं केंद्रीय मंत्री द्वारा पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। पुरस्कारों की विस्तृत घोषणा अभी तक भारत सरकार द्वारा नहीं की गई है। पुरस्कारों के विवरण राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार डेशबोर्ड के उद्घाटन उपरांत प्राप्त होंगे।
  • इंडियन स्वच्छता लीग में अलग-अलग वर्गों के तहत 15 हज़ार से कम आबादी वाले नगरीय निकायों में भटगांव और माना कैंप, 15 से 25 हज़ार की आबादी में खैरागढ़, 25 से 50 हज़ार की आबादी वाले निकाय में जशपुर नगर और कोंडागांव, 50 हज़ार से 1 लाख में बिरगांव, 1 लाख से 3 लाख की आबादी में अंबिकापुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किये हैं, वहीं 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रायपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
  • स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 हेतु राज्य के समस्त 169 नगरीय निकायों ने भाग लिया है। इस हेतु विगत 8 माह से लगातार सर्वे की टीम निकायों के भ्रमण पर रही था। सर्वे की टीम द्वारा निकायों में मिशन क्लीन सिटी, स्वच्छता श्रृंगार, सुविधा 24, गोधन न्याय योजना, निदान-1100, निष्ठा आदि राज्य प्रवर्तित योजनाओं के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निकायों के निरीक्षण उपरांत ओडीएफ की स्थिति पूर्व वर्षों की तरह ही अच्छी पाई गई।
  • इस बार के आयोजित समारोह में देश में सबसे अधिक निकाय छत्तीसगढ़ के ही ओडीएफ होने की उम्मीद है।
  • राज्य शासन द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव के दौरान आयोजित जन-जागरण प्रतिनिधियों, जैसे- महापुरुषों की प्रतिमाओं की नागरिकों द्वारा साफ-सफाई, चौराहों की ब्रांडिंग, स्मारकों का रख-रखाव आदि में भी राज्य के निकायों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहने की उम्मीद है।  

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