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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    भारत का क्षेत्रीय संगीत जीवन के विभिन्न पहलुओं की झाँकी प्रस्तुत करता है। उदाहरण सहित अपने विचार प्रस्तुत करें।

    13 Aug, 2018 सामान्य अध्ययन पेपर 1 संस्कृति

    उत्तर :

    उत्तर की रूपरेखा

    • प्रभावी भूमिका में लोक संगीत के बारे में संक्षिप्त परिचय दें।
    • तार्किक एवं संतुलित विषय-वस्तु में देश के विभिन्न भागों में प्रचलित लोकगीतों का उल्लेख करें।
    • प्रश्नानुसार संक्षिप्त और सारगर्भित निष्कर्ष लिखें।

    भारत में लोक संगीत की विशद् परंपरा रही है। लोक जीवन से निकला गीत ही लोक संगीत कहलाता है। ये गीत फसल कटने, विवाह, त्योहारों और यहाँ तक कि मृत्यु जैसे दुखद अवसरों पर भी गाए जाते हैं। लोक संगीत किसी प्रकार के जटिल नियमों में बंधे नहीं होते। इनमें समाज की व्यापक भागीदारी होती है। कुछ महत्त्वपूर्ण लोकगीतों के उदाहरण निम्नलिखित हैं –

    • फाग गीत- ऋतु गीतों में फाग प्रमुख गीत है। यह मुख्य रूप से पुरुषों का गीत है, जो बसंत पंचमी से लेकर होलिका दहन के सवेरे तक गाया जाता है। अवधी, ब्रज, राजस्थानी, बुंदेलखंडी, छत्तीसगढ़ी, बैसवाड़ी, बघेली, भोजपुरी आदि अनेक बोलियों में फाग गीत गाए जाते हैं।
    • पंखिड़ा लोकगीत- यह गीत खेतों में काम करते समय राजस्थान के किसानों द्वारा गाया जाता है। किसान अलगोजा और मंजीरा बजाकर यह गीत गाते हैं। 
    • तीज गीत- तीज महिलाओं की बड़ी भागीदारी के साथ मनाई जाती है। त्योहार के दौरान गाए जाने वाले गीतों का विषय शिव और पार्वती का मिलन, मानसून की मनमोहक छटा, हरियाली का मौसम और मयूर नृत्य आदि के इर्द-गिर्द होता है।
    • बिहू गीत- बिहू गीत असम में खुशहाल नववर्ष के लिये शुभकामनाओं का एक प्रतीक है। इसकी प्रस्तुति एक ऐसे अवसर पर की जाती है जब विवाह योग्य युवा पुरुष और महिलाएँ अपनी भावनाओं का आदान-प्रदान करते हैं और अपने साथी का चुनाव भी करते हैं।
    • जनजातीय गीत- गोंड जनजाति की बोली का लोक-साहित्य काफी धनी है। इनका ददरिया गीत, जिसे श्रम के दौरान गाया जाता है और ये लोग इसे महुआ बीनते, लकड़ी तोड़ते, पत्ते बटोरते समय या खेत खलिहान में गाते हैं। इनका करमा गीत, जिसमें गायन के साथ नृत्य भी किया जाता है। गोंड लोग दीपावली के अवसर पर सूआ गीत गाते हैं।

    इन सबके अलावा देश के अन्य भागों जैसे- बुंदेलखंड, अवध, मैथिल क्षेत्र, उत्तराखंड आदि में भी विभिन्न लोकगीतों का प्रचलन है जो वहाँ की स्थानीय संस्कृति की मनोरम झाँकी प्रस्तुत करते हैं।

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