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प्रश्न :
सुश्री दीप्ति एक तटीय ज़िले की ज़िलाधिकारी (District Magistrate) हैं, जो हाल ही में बाढ़ के साथ आए एक भीषण चक्रवात से प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों के बड़े हिस्से जलमग्न हो गए हैं, विद्युत और संचार सेवाएँ बाधित हैं तथा हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं। प्रारंभिक आकलन से कच्चे मकानों, मत्स्यन उपकरणों और खड़ी फसलों को व्यापक क्षति होने का संकेत मिलता है।
राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और ज़िला प्रशासन के पास सीमित राहत सामग्री, अस्थायी आश्रय, खाद्य पैकेट, पेयजल और चिकित्सा टीमें उपलब्ध हैं, जो तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये अपर्याप्त हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र दूरस्थ गाँव हैं, जहाँ मुख्यतः सीमांत मछुआरे और जनजातीय समुदाय निवास करते हैं।
इसी दौरान, एक प्रभावशाली शहरी क्षेत्र जिसे अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है, वह सेवाओं की तत्काल बहाली और मुआवजे के लिये राजनीतिक एवं मीडिया दबाव बना रहा है। स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधि मांग कर रहे हैं कि "जनता का विश्वास बनाए रखने के लिये" राहत शिविरों को प्रमुख शहरी केंद्रों में स्थापित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, यह आरोप भी सामने आ रहे हैं कि स्थानीय अधिकारी राजनीतिक रूप से जुड़े समूहों को राहत वितरण में प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि दूरस्थ गाँवों में वास्तविक पीड़ित उपेक्षित रह गए हैं। संकटग्रस्त परिवारों को दर्शाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिससे जन आक्रोश बढ़ रहा है और प्रशासन की कड़ी निगरानी हो रही है।
ऐसी स्थिति में, सुश्री दीप्ति को सीमित संसाधनों के आवंटन, राहत की प्राथमिकता निर्धारण और सुधारात्मक कार्रवाई पर तत्काल निर्णय लेने हैं, वह भी अत्यधिक समय दबाव में पारदर्शिता, समानता एवं जनविश्वास बनाए रखते हुए।
प्रश्न
27 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
1. इस मामले में कौन-कौन से नैतिक मुद्दे सम्मिलित हैं?
2. सुश्री दीप्ति के पास कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक विकल्प के गुण और दोषों का परीक्षण कीजिये।
3. सुश्री दीप्ति के लिये सबसे नैतिक कार्यवाही क्या होनी चाहिये? आपदा नैतिकता, संवैधानिक मूल्यों तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व के आलोक में अपने उत्तर को तर्कसंगत रूप से प्रमाणित कीजिये।प्रश्न का उत्तर जल्द ही प्रकाशित होगा।
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