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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    आप एक ऐसे कस्बे/शहर के मेयर हैं जहाँ हाल ही में कुत्तों के काटने के मामलों में वृद्धि देखी गई है। स्थानीय समुदाय अपने बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और इस संदर्भ में उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। महापौर के रूप में आप इस मुद्दे को हल करने और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये ज़िम्मेदार हैं।

    इस मामले की जाँच करने पर आपको पता चला है कि इस क्षेत्र के कई कुत्ते आवारा हैं और यह कुछ ऐसे लोगों के हैं जो इनकी उचित देखभाल नहीं करते हैं। आपने यह भी पाया कि हाल के वर्षों में स्थानीय कुत्तों की आबादी में काफी वृद्धि हुई है और इसकी निगरानी या नियंत्रण के लिये कोई प्रभावी प्रणाली का भी अभाव है।

    उपर्युक्त स्थिति में आप क्या करेंगे?

    14 Apr, 2023 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़

    उत्तर :

    हल करने का दृष्टिकोण:

    • इस मामले की संक्षिप्त व्याख्या करते हुए अपना उत्तर प्रारंभ कीजिये।
    • इस मामले में शामिल विभिन्न हितधारकों और नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिये।
    • इस संदर्भ में उपलब्ध विभिन्न विकल्पों पर चर्चा करते हुए प्रत्येक विकल्प के पक्ष और विपक्ष का उल्लेख कीजिये।
    • तदनुसार एक या अधिक विकल्पों को आधार बनाकर निष्कर्ष दीजिये।

    परिचय:

    यह मामला एक कस्बे/शहर में कुत्ते के काटने की घटनाओं में वृद्धि से संबंधित है जिससे बच्चों और पालतू जानवरों सहित समुदाय की सुरक्षा के लिये चिंताएँ बढ़ गई है। जाँच से पता चलता है कि इस क्षेत्र के कई कुत्ते आवारा हैं या उन लोगों के स्वामित्व में हैं जो उनकी उचित देखभाल नहीं करते हैं। इसके अलावा हाल के वर्षों में स्थानीय कुत्तों की आबादी में काफी वृद्धि हुई है और इसकी निगरानी या नियंत्रण के लिये कोई प्रभावी प्रणाली का भी अभाव है।

    मुख्य भाग:

    हितधारक:

    • स्थानीय समुदाय
    • कुत्ते के मालिक
    • पशु कल्याण संगठन
    • कानून प्रवर्तन एजेंसी
    • स्थानीय सरकार
    • मेयर

    इसमें शामिल नैतिक मुद्दे:

    • पशु कल्याण
    • लोक सुरक्षा
    • कुत्ता पालने वालों का उत्तरदायित्व
    • समुदाय की सुरक्षा के साथ कुत्ते के मालिकों के अधिकारों को संतुलित करना
    • विभिन्न हितधारकों जैसे कुत्ते के मालिक, बच्चों के माता-पिता और पशु कल्याण की वकालत करने वालों के बीच संभावित संघर्ष होना
    • कुत्ते के स्वामित्व और पशु कल्याण से संबंधित कानूनों और विनियमों का प्रवर्तन

    अल्पकालीन कार्रवाई का क्रम:

    • सभी आवारा कुत्तों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव:
      • गुण: इससे स्वतंत्र रूप से घूमने और संभावित रूप से नुकसान पहुँचाने वाले कुत्तों की संख्या तुरंत नियंत्रित हो सकती है। इससे समुदाय को एक मजबूत संदेश भी जाएगा कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
      • दोष: इसमें पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से कुछ विरोध हो सकता है जो मानते हैं कि आवारा कुत्तों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय उनकी देखभाल की जानी चाहिये।
    • पशु नियंत्रण अधिकारियों द्वारा गश्त में वृद्धि करना:
      • गुण: इससे क्षेत्र में आक्रामक या खतरनाक कुत्तों को पहचानने और पकड़ने में मदद मिलने के साथ पालतू जानवरों के मालिकों को जिम्मेदारीपूर्ण पालन के महत्त्व के बारे में प्रशिक्षित किया जा सकेगा।
      • दोष: यह महँगा प्रयास हो सकता है, खासकर अगर गश्त बढ़ाने के लिये अतिरिक्त पशु नियंत्रण अधिकारियों को नियुक्त करने की आवश्यकता हो।
    • स्थानीय पशु आश्रयदाताओं और बचाव संगठनों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना:
      • गुण: ये संगठन इस क्षेत्र से खतरनाक या आक्रामक कुत्तों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में सहायक हो सकते हैं साथ ही इससे आवारा कुत्तों के लिये अस्थायी या स्थायी आवास भी प्राप्त हो सकता है।
      • दोष: संगठनों के सहयोग और संचालन हेतु स्थानीय सरकार से अतिरिक्त संसाधनों और धन की आवश्यकता हो सकती है।

    दीर्घकालीन कार्रवाई का क्रम:

    • कुत्ते पालने से संबंधित कठोर विनियमों को लागू करना: जैसे लाइसेंसिंग और टीकाकरण को अनिवार्य बनाना और जो इन आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं उन पर जुर्माना लगाना।
      • गुण:
        • अपने पालतू जानवरों की देखभाल करने में विफल रहने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने से लोग अपने कुत्तों को खुला छोड़ने हेतु हतोत्साहित होंगे, जिससे क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या कम हो सकती है।
        • इससे कुत्ते पालने में ज़िम्मेदारी को प्रोत्साहन मिल सकता है और आवारा कुत्तों के काटने की संभावना को कम किया जा सकता है।
      • दोष:
        • यह कुछ मालिकों के लिये अत्यधिक बोझिल हो सकता है और वे इनका अनुपालन करने का विरोध कर सकते हैं, जिससे प्रवर्तन एजेंसियों के लिये अतिरिक्त चुनौतियाँ हो सकती हैं।
        • नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये प्रवर्तन एजेंसियों को अतिरिक्त कर्मचारियों को नियुक्त करने या अधिक संसाधन खर्च करने की आवश्यकता हो सकती है।
    • कुत्तों की संख्या नियंत्रण से संबंधित कार्यक्रम चलाना: जैसे कि स्पायिंग और न्यूट्रिंग कार्यक्रम।
      • गुण:
        • आवारा कुत्तों की संख्या में कमी आ सकती है
        • कुत्तों के पालने में ज़िम्मेदारी को बढ़ावा मिलेगा
      • दोष:
        • ऐसे कार्यक्रमों को लागू करने और कुत्ते पालने वाले लोगों को इस संदर्भ में सहमत करने के क्रम में संभावित कठिनाइयाँ हो सकती हैं।
    • जागरूकता को बढ़ावा देना: कुत्ते पालने वाले लोगों को संभावित खतरों के बारे में जागरूक करना।
      • गुण:
        • इससे सार्वजनिक सुरक्षा के साथ कुत्ते पालने में लोग ज़िम्मेदारी दिखाएँगे।
      • दोष:
        • कुत्ते के मालिक इस प्रकार की पहलों का विरोध कर सकते हैं।
        • यह कदम समय लेने वाला होने के साथ प्रभावी जागरूकता और शिक्षा अभियानों को विकसित और लागू करने में समय और संसाधनों की अधिक आवश्यकता होगी।

    निष्कर्ष:

    कुत्ते पालने से संबंधित कठोर विनियमों को लागू करने और कुत्तों की संख्या नियंत्रण से संबंधित कार्यक्रम शुरू करने से आवारा कुत्तों की संख्या को कम करने के साथ ज़िम्मेदारीपूर्ण तरीके से कुत्तों के पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। सार्वजनिक जागरूकता और प्रशिक्षण से कुत्ते के काटने की घटनाओं को रोकने के साथ लोक सुरक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। मेयर के रूप में मैं सभी विकल्पों पर विचार करते हुए समुदाय की सुरक्षा और पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए तार्किक निर्णय लूँगा।

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