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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    कॉर्पोरेट गवर्नेंस के सार तत्त्व क्या हैं? इनका क्या औचित्य है। (150 शब्द)

    08 Dec, 2022 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न

    उत्तर :

    हल करने का दृष्टिकोण

    • कॉरपोरेट गवर्नेंस की संक्षिप्त व्याख्या करते हुए अपने उत्तर की शुरुआत कीजिये'।
    • कॉर्पोरेट गवर्नेंस के तत्त्वों और उनके औचित्य पर चर्चा कीजिये।
    • तदनुसार निष्कर्ष दीजिये।

    परिचय

    कॉरपोरेट गवर्नेंस में अनिवार्य रूप से कंपनी के कई हितधारकों जैसे शेयरधारकों, वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों, ग्राहकों, आपूर्तिकर्त्ताओं, निवेशक, सरकार और समुदाय के हितों को संतुलित करना शामिल है।

    मुख्य भाग

    • कॉरपोरेट गवर्नेंस के तत्त्व:
      • जवाबदेही – जवाबदेही का अर्थ है एक ऐसी स्थिति जिसमें कोई भी व्यक्ति उसके द्वारा किये गए कार्य में कुछ भी गलत होने पर संतोषजनक कारण देने की आवश्यकता के लिये ज़िम्मेदार होता है। कॉर्पोरेट गवर्नेंस जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
        • जवाबदेही यह सुनिश्चित करती है कि कार्यकारी प्रबंधक यानी प्रबंधक, कर्मचारी निदेशक मंडल (BOD) के लिए जिम्मेदार हैं।
        • इसके अलावा, जवाबदेही यह सुनिश्चित करती है कि अगर कुछ भी बुरा होता है तो कर्मचारी निदेशक मंडल शेयरधारकों के प्रति जवाबदेह है।
      • पारदर्शिता: कॉर्पोरेट गवर्नेंस वित्तीय स्थिति, प्रदर्शन, स्वामित्व सहित कंपनी के सभी भौतिक मामलों पर समय पर, सटीक प्रकटीकरण सुनिश्चित करता है।
      • बोर्ड की बैठकें: बोर्डरूम व्यावसायिक स्थान है जहाँ निदेशक मंडल अपने अधिकार के अधीन कार्य करता है। वे एक विशेष एजेंडे और अच्छी योजना के साथ औपचारिक बैठकें आयोजित करते हैं जिससे बैठक का रचनात्मक कार्यान्वयन होता है। एक बोर्ड की बैठक निर्णय लेन का महत्त्वपूर्ण अंग है।
      • बोर्ड और कर्मचारियों की संरचना: बोर्ड को सही पदों पर उचित दृष्टिकोण वाले विशेष लोगों को शामिल करने की आवश्यकता है, जो उचित मिशन पर कार्य कर सकें जो की सफल कॉर्पोरेट गवर्नेंस की ओर जाता है।
      • बोर्ड और निगम का नेतृत्व: सुशासन सहभागी है। किसी भी उच्च प्रदर्शन वाले निगम की उत्पादकता के पीछे एक समर्पित निदेशक मंडल और सीईओ द्वारा किया गया उनका नेतृत्व है।
        • एक निगम की प्रतिष्ठा और मूल्य उसके नेतृत्त्वकर्त्ताओं के माध्यम से आंका जाता है। नेतृत्त्वकर्त्ताओं ने अंतिम लक्ष्य और दृष्टि, आपसी सम्मान, विश्वास, पारस्परिक संचार तथा एक दूसरे के बीच उनकी साझेदारी के लिये समर्थन की साझा समझ पर निर्मित रचनात्मक साझेदारी के लिये प्रतिबद्ध किया है।
    • कॉर्पोरेट गवर्नेंस के तत्त्व का औचित्य:
      • ईमानदारी और पारदर्शिता: कंपनी की प्रत्येक गतिविधि की ईमानदारी और पारदर्शी निगरानी को बढ़ावा देने के लिये कॉर्पोरेट प्रशासन महत्त्वपूर्ण है। यह कंपनी को कंपनी के नियमों और मानकों को बनाए रखने में मदद करता है। कॉर्पोरेट गवर्नेंस भी निदेशकों के प्रशिक्षण और विकास में सहायता करता है ताकि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
      • विदेशी पूंजी तक पहुँच: कंपनी में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिये अच्छा कॉर्पोरेट गवर्नेंस महत्त्वपूर्ण है, जो वैश्विक बाज़ार के खिलाड़ियों को विश्वसनीयता और विश्वास हासिल करने में मदद करता है।
      • निवेशक का संरक्षण: एक कंपनी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस से कॉर्पोरेट उद्यमों की दक्षता में सुधार करके निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सकती है।
      • वित्तीय रिपोर्टिंग और जवाबदेही में निष्पक्षता: कॉरपोरेट गवर्नेंस ठोस, पारदर्शी और विश्वसनीय वित्तीय रिपोर्टिंग सुनिश्चित करता है। कॉरपोरेट गवर्नेंस कर्मचारियों और प्रबंधकों की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिये उनके कार्य के प्रति जवाबदेही भी बनाता है।
      • शेयरधारक संबंधी संवाद में सुधार: शेयरधारक संवाद निर्णय लेने की प्रक्रिया में मतदान के अधिकार को संदर्भित करता है। यह एक और तरीका है जिससे निवेशक कंपनियों के साथ संवाद कर सकते हैं। शेयरधारकों के लिये इस अधिकार को स्थापित करने हेतु कॉरपोरेट गवर्नेंस महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    निष्कर्ष

    अच्छा कॉरपोरेट गवर्नेंस यह सुनिश्चित करता है कि एक संगठन के निदेशक मंडल नियमित रूप से मिलें, व्यवसाय पर नियंत्रण बनाए रखें तथा स्पष्ट रूप से ज़िम्मेदारियों को परिभाषित करें। यह एक मज़बूत ज़ोखिम प्रबंधन प्रणाली तथा किसी भी अच्छे व्यवसाय की आधारशिला भी सुनिश्चित करता है।

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