हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • भारत में कुपोषण की समस्या को देखते हुए राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की गई। खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह किस प्रकार महत्त्वपूर्ण है? चर्चा करें।

    16 May, 2020 सामान्य अध्ययन पेपर 3 पर्यावरण

    उत्तर :

    हल करने का दृष्टकोण:

    • भूमिका

    • राष्ट्रीय पोषण मिशन का महत्त्व एवं विशेषताएँ

    • निष्कर्ष

    भारत में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी 30 से अधिक सरकारी योजनाएँ चलाई जाने के बावजूद भी भारत आज कुपोषण की समस्या से जूझ रहा है। वर्ष 2017-18 में शुरू किये गए राष्ट्रीय पोषण मिशन का उद्देश्य कुपोषण तथा जन्म के समय बच्चों का वज़न कम होने संबंधी समस्याओं को प्रत्येक वर्ष 2 प्रतिशत तक कम करना है। यह मिशन गर्भवती महिलाओं, माताओं तथा बच्चों के समग्र विकास तथा पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करने को समर्पित है। इसका लक्ष्य स्टंटिंग, कुपोषण, एनीमिया आदि को कम करना है।

    मिशन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

    • कुपोषण का समाधान करने हेतु विभिन्न स्कीमों के योगदान की मैपिंग करना।
    • अत्यधिक मजबूत अभिसरण तंत्र प्रारंभ करना।
    • संचार, प्रौद्योगिकी आधारित ‘रियल आइम’ निगरानी प्रणाली।
    • लक्ष्यों को समय से प्राप्त करने वाले राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को प्रोत्साहित करना।
    • आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की ऊँचाई का मापन प्रारंभ करना।
    • सामाजिक लेखा परीक्षा करना आदि।

    स्वतंत्रता के बाद जनसंख्या वृद्धि हुई किंतु उस अनुपात में अन्न उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि न हुई फलत: भूखमरी बड़ी। हरित क्रांति द्वारा उत्पादन बढ़ाने का सफल प्रयत्न किया गया। तत्पश्चात् सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंत्योदय अन्य योजना, अन्नपूर्णा योजना, काम के बदले अनाज योजना आदि प्रारंभ की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन भी कुपोषण तथा भूखमरी को कम करने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास था जिसका उद्देश्य तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि करना था।

    उपरोक्त प्रयासों के बावजूद भारत में 5.7 करोड़ बच्चे कुपोषण का शिकार है, दुनिया में भूखे लोगों की आबादी में भारत की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत के लगभग है। उल्लेखनीय है कि इसका कारण भारत में खाद्यान्न की कमी नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों तक न पहुँच पाना है तथा योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के लिये किसी कार्यक्रम का अभाव है। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिये सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ की शुरुआत की गई।

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close