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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • ‘हाल ही में संयुक्त राष्ट्र संघ ने Covid-19 महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में 1% कमी होने का अनुमान लगाया है’ Covid-19 के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा करें तथा इस समस्या से निपटने हेतु उपायों को रेखांकित करें।

    09 May, 2020 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था

    उत्तर :

    हल करने का दृष्टिकोण:

    • भूमिका 

    • Covid-19 महामारी का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

    • समाधान

    • निष्कर्ष

    हाल ही में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्र्स्तुत एक बयान में यह कहा गया कि Covid-19 महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग 1% की गिरावट आ सकती है और यदि पर्याप्त राजकोषीय उपायों द्वारा समय रहते इसमें सुधार नहीं किया गया तो अर्थव्यवस्था में अधिक गिरावट की भी आशंका रहती है।

    संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक विभाग के अनुसार Covid-19 महामारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर रही है। विश्व के लगभग सभी देशों में लाखों श्रमिकों के समक्ष नौकरी का संकट तथा विभिन्न सरकारों द्वारा दिये जाने वाले प्रोत्साहन पैकेज़ों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

    • आर्थिक सहयोग तथा विकास संगठन (OECD) के अनुसार लॉकडाउन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सकल घरेलू उत्पाद के एक-तिहाई भाग को प्रभावित कर सकता है। महामारी रोकथाम के लिये किये जाने वाले प्रयास GDP की वार्षिक वृद्धि में 2% तक की कमी कर सकते हैं।
    • कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ मंदी का शिकार हो रही है।
    • आपूति श्रृंखला प्रभावित होने से विनिर्माण कंपनियों तथा सामाजिक दूरी के कारण उपभोक्ता गतिविधियों में कमी से अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
    • प्रत्यक्ष आय सहायता उपाय अल्पावधि में सामाजिक-आर्थिक प्र्भावों को सीमित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है।
    • कर स्थान, सब्सिडी, प्रत्यक्ष नकद भुगतान आदि प्रत्यक्ष भी सरकार द्वारा किये जा रहे हैं।
    • इस संकट के समय सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों द्वारा बुर्जुग, बेरोज़गारों तथा अन्य वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाने की भी आवश्यकता है।
    • व्यापार तथा विकास पर हाल ही जारी की गई UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार Covid-19 के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।
    • विश्व व्यापार संगठन का पूर्वानुमान है कि वर्ष 2020 में वैश्विक व्यापार में 13-32 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।
    • खुदरा तथा थोक व्यापारियों, रियल एस्टेट संपत्ति तथा पेशेवर सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पडे़गा।
    • इस दौरान विकसित अर्थव्यवस्थाओं में 15% तथा अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में 25% तक आर्थिक उत्पादन में गिरावट आ सकती है।
    • इसके अतिरिक्त खुदरा व्यापार, मनोरंजन, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी उद्योग इससे बुरी तरह प्रभावित होगें।
    • उपभोक्ता खर्च में तेज़ी से ही रही गिरावट विकासशील देशों से उपभोक्ता वस्तुओं के आयात को प्रभावित करेगी।

    उपाय: इसके परिणाम काफी हद तक महामारी की अवधि तथा नीति, प्रतिक्रियाओं की प्रभावशीलता पर निर्भर करते हैं। ऐसे में सरकारों तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को साथ मिलकर इस महामारी के आर्थिक प्रभावों से लड़ने की आवश्यकता है। G-20 देशों ने Covid-19 के सामाजिक, आर्थिक तथा वित्तीय प्रभावों का मुकाबला करने के लिये लक्षित राजकोषीय नीति, आर्थिक उपायों तथा गारंटी युक्त योजनाओं की हिस्सेदारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक निवेश का फैसला लिया है।

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