हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • संसार के शहरी निवास-स्थानों में ताप-द्वीप बनने के कारण बताइये।

    16 Jan, 2019 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल

    उत्तर :

    भूमिका:


    नगरीकरण की प्रव्रिया द्वारा संबंधित नगर एवं उसके पास के क्षेत्रों के तापमान विकिरण एवं ऊष्मा संतुलन में परिवर्तन हो जाता है। नगरों के केंद्रीय व्यवसाय क्षेत्र में उच्च तापमान की स्थिति को ‘ऊष्मा द्वीप’ कहा जाता है। नगर के केंद्र से बाहर की ओर जाने पर तापमान में उत्तरोत्तर व्रमश: गिरावट आती जाती है।

    विषय-वस्तु


    विषय-वस्तु के मुख्य भाग में हम शहरी निवास-स्थानों में ताप-द्वीप बनने के कारणों पर प्रकाश डालेंगे-

    • संसार के शहरी निवास स्थानों में निम्न कारकों एवं व्रियाविधियों द्वारा ताप द्वीप का निर्माण होता है-
    • नगरीय क्षेत्रों की पक्की संरचना में वनस्पति का आवरण न्यून होता है जिसके परिणामस्वरूप ये सामान्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक सौर विकिरण का अवशोषण करते हैं।
    • सौर विकिरण के अलावा मानव जनित स्रोतों से भी अतिरिक्त ऊष्मा प्राप्त होती है जैसे- औद्योगिक प्रतिष्ठान, मोटर वाहन, घरों एवं शक्तिगृहों से उत्सर्जित ऊष्मा।
    • आधुनिक नगरों के भवनों में प्रयुक्त निर्माण सामग्री जैसे- ईंट, सीमेंट, इस्पात आदि भी ऊष्मा के अवशोषण में वृद्धि करते हैं। इसके अतिरिक्त नगरों में निर्मित सड़कों में प्रयुक्त सामग्रियों से भी ऊष्मा का अवशोषण बढ़ जाता है एवं रात्रि के समय इस ऊष्मा का उत्सर्जन किया जाता है। यह भी ऊष्मा द्वीप बनने में सहायक होता है।
    • शहरी इलाकों में ऊँची इमारतें वायु की गति में बाधाएँ उत्पन्न करती हैं। वायुगति की के नियम के अनुसार इसके परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि हो जाती है।
    • बड़े नगरों में सतह पर जल के अभाव में वाष्पीकरण न होने से ऊष्मा खर्च नहीं हो पाती। इसके कारण भी नगर के केंद्र का तापमान आस-पास के क्षेत्रों से ज्यादा रहता है।
    • नगर का जनसंख्या घनत्व तथा भवनों के संकेंद्रण का सीधा संबंध ऊष्मा द्वीप के निर्माण से जुड़ा हुआ है।

    निष्कर्ष:


    अंत में संक्षिप्त, संतुलित एवं सारगर्भित निष्कर्ष लिखें-

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close