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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • मेडिकल एथिक्स से क्या अभिप्राय है? इससे जुड़े नैतिक पहलू कौन-कौन से हैं?

    05 Oct, 2017 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न

    उत्तर :

    उत्तर की रूपरेखा-
    • मेडिकल एथिक्स की परिभाषा दें।
    • चिकित्सकीय आचार-शास्त्र से जुड़े पहलुओं का उल्लेख करें। 
    • निष्कर्ष लिखें।

     नीतिशास्त्र की वह शाखा जिसके अंतर्गत हम चिकित्सा-प्रणाली एवं चिकित्सकों के व्यवहार से जुड़े मुद्दों का नैतिक मूल्यांकन करते हैं, चिकित्सा आचार-शास्त्र या मेडिकल एथिक्स कहलाता है। इसमें मुख्यतः चिकित्सकों के चिकित्सा व्यवहार का नैतिक मूल्यांकन किया जाता है तथा उनके कार्यों को नैतिक संदर्भ में उचित या अनुचित ठहराया जाता है। 

    चिकित्सकों के आचार-शास्त्र से जुड़े नैतिक पहलू निम्नलिखित हैं –

    • एक चिकित्सक का प्रमुख उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिये। उसे धन या पुरस्कार की चाह को गौण रखते हुए चरित्र को ऊँचा रखना चाहिये।
    • किसी भी चिकित्सक को कानून में प्रतिबंधित कार्यों को करने से बचना चाहिये, जैसे- जन्म पूर्व भ्रूण लिंग परीक्षण आदि। 
    • चिकित्सक को अपने व्यवसाय के उद्देश्य और मानवता की सेवा के लिये हर उस रोगी का इलाज करने की चेष्टा करनी चाहिये, जिसके रोग का इलाज करने में वह सक्षम हो। 
    • एक चिकित्सक को चाहिये कि वह रोगी के हित को सर्वोपरि रखकर परामर्श दे और अनावश्यक परामर्श देने से हमेशा बचे। उदाहरण के तौर पर देखा गया है कि चिकित्सक मौद्रिक लाभ के लिये अपने रोगियों को अनावश्यक जाँचों की सलाह दे देते हैं।   
    • एक चिकित्सक को महामारी और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिये प्रशासन की मदद करनी चाहिये, साथ ही उसे स्वास्थ्य निधि और संसाधनों के गलत इस्तेमाल को रोकने की कोशिश करनी चाहिये। 
    • चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े कुछ अनैतिक कार्यों जैसे- मरीज़ों को लुभाने वाले विज्ञापन, स्वयं ही दवा की बिक्री करना, अनैतिक तरीके से कमीशन लेना, अंगों की तस्करी जैसे घृणित कार्य, दवा कंपनियों आदि से धन या उपहार स्वीकार करना आदि से एक चिकित्सक को बचना चाहिये। 

    हम अक्सर अखबारों या मीडिया के अन्य माध्यमों से चिकित्सकों द्वारा शल्य-क्रिया, नसबंदी या अन्य चिकित्सा शिविरों के दौरान लापरवाही के तथा मौद्रिक लाभ कमाने के लिये उनके द्वारा किये गए निकृष्टतम कार्यों के बारे में पढ़ते-सुनते रहते हैं। ऐसी घटनाओं के कारण समाज के सबसे प्रतिष्ठित पेशे पर से लोगों का विश्वास कमज़ोर होता है। जिसकी परिणति आए दिन चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ होने वाली हिंसा के रूप में नज़र आती है। स्वास्थ्य एक प्रकार का मानवाधिकार ही है, अतः चिकित्सकों तथा अन्य चिकित्सा पेशेवरों को मेडिकल एथिक्स के सिद्धांतों का गंभीरता से पालन करना चाहिये।

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