रैपिड फायर
प्रलय मिसाइल
- 01 Jan 2026
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट से दूर एक ही लॉन्चर से स्वदेशी रूप से विकसित दो प्रलय मिसाइलों का सफल प्रक्षेपण किया।
- यह परीक्षण पिनाका लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट और K-4 पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल सहित मिसाइल परीक्षणों की एक तीव्र शृंखला का हिस्सा है, जो भारत के मिसाइल शस्त्रागार के आधुनिकीकरण और विविधता लाने पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
प्रलय मिसाइल:
- परिचय: यह एक ठोस प्रणोदक, सतह-से-सतह पर मार करने वाली, कम दूरी (150 किमी से 500 किमी) की, अर्द्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी पेलोड क्षमता 500 किलोग्राम से 1000 किलोग्राम है।
- वारहेड क्षमता: यह विभिन्न लक्ष्यों के विरुद्ध कई प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम है और इसे मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है।
- मार्गदर्शन और नेविगेशन: यह प्रणाली उच्च परिशुद्धता और उड़ान के दौरान उत्कृष्ट गतिशीलता सुनिश्चित करने के लिये एक उन्नत इनर्टियल नेविगेशन सिस्टम (INS) और रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर से सुसज्जित है।
- परिचालन संबंधी लाभ: इसके परिचालन संबंधी लाभों में सबसे महत्त्वपूर्ण इसका अर्द्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेप वक्र है। उड़ान के दौरान कम ऊँचाई पर युद्धाभ्यास करने की क्षमता के कारण, इसे पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में इंटरसेप्ट करना या रोकना अत्यधिक कठिन हो जाता है।
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