रैपिड फायर
सतत विकास लक्ष्यों पर नीति आयोग और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के मध्य सहयोग
- 03 Mar 2026
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नीति आयोग तथा जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) ने “सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में जापान-भारत सहयोगात्मक कार्यों के संवर्द्धन हेतु परियोजना चरण II” के लिये चर्चा अभिलेख (Record of Discussions) पर हस्ताक्षर किये।
- उद्देश्य एवं प्रसार: परियोजना का उद्देश्य छह प्रमुख क्षेत्रों (वैश्विक साझेदारी, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा आधारभूत अवसंरचना) में नीतिगत ढाँचे एवं क्रियान्वयन तंत्र को सुदृढ़ करना है।
- प्रमुख क्षेत्र: यह पहल संस्थागत क्षमता-निर्माण, उन्नत निगरानी एवं मूल्यांकन प्रणाली तथा आकांक्षी ज़िलों एवं आकांक्षी खंडों में SDGs के प्रभावी स्थानीयकरण पर केंद्रित है।
- गतिविधियाँ: मुख्य गतिविधियों में जन-से-जन आदान-प्रदान, क्षमता-निर्माण कार्यक्रम, जापान–भारत ज्ञान मंचों का आयोजन तथा श्रेष्ठ प्रथाओं की पहचान एवं प्रसार सम्मिलित हैं।
भारत-जापान विकास साझेदारी
- सहायता का ऐतिहासिक पैमाना: जापान वर्ष 1958 से भारत का सबसे बड़ा द्विपक्षीय दाता रहा है, जिसकी कुल संचयी आधिकारिक विकास सहायता (ODA) 4.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह परिवहन, ऊर्जा और जल जैसे क्षेत्रों में 84 से अधिक संचालित परियोजनाओं का समर्थन कर रहा है।
- अगले दशक के लिये मार्गदर्शक ढाँचा: 'अगले दशक के लिये भारत-जापान संयुक्त विज़न' (अगस्त 2025) सहयोग के लिये 8 रणनीतिक दिशाओं को रेखांकित करता है, जिसमें उन्नत आर्थिक संबंध, प्रौद्योगिकी साझेदारी और स्वच्छ ऊर्जा संबंधी पहलें शामिल हैं।
- दोनों देशों ने अगले दशक में जापान से भारत में 68 अरब अमेरिकी डॉलर के निजी निवेश का नया लक्ष्य रखा है।
- हालिया वित्तीय प्रतिबद्धता: मार्च 2025 में जापान की ODA के तहत बुनियादी ढाँचे और सतत विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये कुल 11,181 करोड़ रुपये के 6 ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए।
- वित्तीय स्थिरता को दृढ़ता: आर्थिक लचीलेपन को बढ़ाने के लिये बायलेटरल स्वैप अरेंजमेंट को 75 अरब अमेरिकी डॉलर पर नवीनीकृत किया गया (फरवरी 2026 से प्रभावी)।
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