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भारतीय स्किमर्स

  • 12 Jan 2023
  • 3 min read

हाल ही में शुरू की गई एशियाई जलपक्षी गणना, 2023 (AWC के लिये अनुशंसित अवधि 7- 22 जनवरी) के अनुसार, आंध्र प्रदेश में गोदावरी का मुहाना भारतीय स्किमर (Rynchops albicollis) के लिये एक प्रमुख एवं सुरक्षित निवास स्थान बन गया है।

भारतीय स्किमर्स:

  • परिचय:
    • भारतीय स्किमर का एक अन्य सामान्य नाम इंडियन सिज़र्स बिल (Indian Scissors Bill) है। 
    • भारतीय स्किमर भारत के पश्चिमी और पूर्वी तटीय मुहानों पर पाए जाते हैं। ये सर्दियों में विशाल क्षेत्रों में फैल जाते हैं। 
    • इस प्रजाति को मध्य भारत में चंबल नदी के पास, ओडिशा के कुछ हिस्सों और आंध्र प्रदेश में देखा जा सकता है।  
  • प्रमुख खतरे:
    • अधिवास का नुकसान, नदी के समीप व्यापक और अनियंत्रित वृद्धि से नदी तंत्र में व्यवधान।
  • सुरक्षा की स्थिति:

कोरिंगा वन्यजीव अभयारण्य: 

  • सरकार ने वर्ष 1978 में खारे पानी के मगरमच्छ के पुनर्वास और अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों, जैसे ओलिव रिडले कछुए एवं भारतीय ऊदबिलाव के संरक्षण के लिये गोदावरी मैंग्रोव प्रणाली के एक हिस्से को कोरिंगा वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किया था।
  • निवासी और प्रवासी पक्षियों की लगभग 120 प्रजातियाँ प्रजनन करने और अपने घोंसले बनाने के लिये इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। 

एशियाई जलपक्षी गणना: 

  • प्रत्येक जनवरी माह में एशिया और ऑस्ट्रेलेशिया (प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, न्यू गिनी और पड़ोसी द्वीपों से मिलकर बना क्षेत्र) के हज़ारों स्वयंसेवक अपने देश में आर्द्रभूमि का भ्रमण कर वाटरबर्ड की गिनती करते हैं। यह नागरिक-विज्ञान कार्यक्रम विश्व भर में आर्द्रभूमि और जलपक्षी के संरक्षण एवं प्रबंधन का समर्थन करता है।
  • वेटलैंड्स इंटरनेशनल द्वारा चलाए जा रहे इंटरनेशनल वॉटरबर्ड सेंसस (IWC) में AWC को वैश्विक वॉटरबर्ड मॉनीटरिंग प्रोग्राम के एक महत्त्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया गया है।

स्रोत: द हिंदू

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