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भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0

  • 10 Feb 2026
  • 36 min read

स्रोत: पीआईबी

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय बजट 2026–27 ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा के साथ भारत की प्रौद्योगिकी रणनीति में एक निर्णायक कदम को चिह्नित किया। ISM 1.0 के तहत विकसित पारिस्थितिक तंत्र पर आगे बढ़ते हुए, यह नया चरण नीति निर्माण और क्षमता सृजन से आगे बढ़कर संघनन, तकनीकी गहराई और वैश्विक एकीकरण की ओर संक्रमण को दर्शाता है।

भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 क्या है?

  • परिचय: ISM 2.0 का लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला में एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्द्धी भागीदार के रूप में स्थापित करना है, साथ ही आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया–मेक फॉर द वर्ल्ड के उद्देश्यों को आगे बढ़ाना है। इस लक्ष्य के समर्थन के लिये वित्त वर्ष 2026–27 में ₹1,000 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
  • मुख्य फोकस क्षेत्र:
    • स्वदेशी विनिर्माण: आयात पर निर्भरता और आपूर्ति व्यवधानों को कम करने के लिये भारत में ही सेमीकंडक्टर उपकरण, रसायन, गैसें और सामग्री का उत्पादन।
    • फुल-स्टैक IP विकास: सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी चिप समाधानों के लिये एंड-टू-एंड भारतीय सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा के विकास को बढ़ावा देना।
    • अनुसंधान एवं कौशल विकास: अनुप्रयुक्त अनुसंधान और उन्नत विनिर्माण कौशल को समर्थन देने के लिये उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना।
    • आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ता: भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू और वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखलाओं को मज़बूत करना
  • विनिर्माण: दिसंबर 2021 में स्वीकृत ISM 1.0 के तहत भारत पहले ही एक मज़बूत आधार तैयार कर चुका है, जिसमें ₹76,000 करोड़ के प्रोत्साहन परिव्यय के साथ 50% तक वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
    • दिसंबर 2025 तक छह राज्यों में ₹1.60 लाख करोड़ के निवेश वाली दस परियोजनाओं को मंज़ूरी दी जा चुकी है, जिनमें सिलिकॉन फैब्स, कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स, उन्नत पैकेजिंग और परीक्षण (टेस्टिंग) सुविधाएँ शामिल हैं।
  • बाज़ार का आकार: भारत का सेमीकंडक्टर बाज़ार वर्ष 2023 में 38 अरब डॉलर से बढ़कर वर्ष 2024–25 में 45–50 अरब डॉलर हो गया है और वर्ष 2030 तक इसके 100–110 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
    • भारत एक वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2029 तक घरेलू चिप मांग में 70–75% आत्मनिर्भरता हासिल करना है और वर्ष 2035 तक 3 नैनोमीटर तथा 2 नैनोमीटर विनिर्माण क्षमताओं के साथ एक अग्रणी सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनना है।
  • पारिस्थितिक तंत्र: इस मिशन को सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिक तंत्र के विकास हेतु संशोधित कार्यक्रम द्वारा पूरा किया गया है, जिसके लिये वर्ष 2026–27 में ₹8,000 करोड़ का वित्तीय परिव्यय प्रस्तावित है।
    • यह कार्यक्रम निवेश को तेज़ी से बढ़ाने, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग क्षमताओं का विस्तार करने तथा उच्च गुणवत्ता वाले रोज़गार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखता है।

सेमीकंडक्टर के लिये प्रमुख पहलें

  • डिज़ाइन आधारित इंसेंटिव (DLI) योजना: फैबलेस कंपनियों को समर्थन प्रदान करती है तथा सेमीकंडक्टर आईपी (IP) डेवलपमेंट और मानव संसाधन के विस्तार को प्रोत्साहित करती है।
  • डिजिटल इंडिया RISC-V कार्यक्रम: लाइसेंस के बनने में लगने वाले शुल्क के बिना ओपन-सोर्स प्रोसेसर के विकास को बढ़ावा देता है।
  • चिप्स टू स्टार्टअप कार्यक्रम: विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को उन्नत डिज़ाइन टूल्स एवं फैब्रिकेशन सुविधाओं तक पहुँच सक्षम करता है।
  • स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर का विकास: आयातित चिप्स पर निर्भरता कम करने हेतु DHRUV64 जैसे प्रोसेसरों का विकास।

Semiconductors

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वर्ष 2026–27 में ISM 2.0 के लिये बजट आवंटन क्या है?
वित्त वर्ष 2026–27 के लिये इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 हेतु ₹1,000 करोड़ का आवंटन किया गया है।

2. ISM 1.0 से ISM 2.0 में प्रमुख परिवर्तन क्या है?
ISM 2.0 का फोकस इनिशियल ईकोसिस्टम की स्थापना से परे समेकन, उन्नत विनिर्माण, स्वदेशी बौद्धिक संपदा (IP) तथा वैश्विक एकीकरण पर केंद्रित है।

3. भारत के लिये सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह आपूर्ति-शृंखला सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, प्रौद्योगिकीय संप्रभुता तथा वैश्विक व्यवधानों के प्रति लचीलापन सुनिश्चित करती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न 

प्रारंभिक परीक्षा: 

प्रश्न. भारत में सौर ऊर्जा उत्पादन के संदर्भ में, नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजिये: (2018)

  1. भारत प्रकाश-वोल्टीय इकाइयों में प्रयोग में आने वाले सिलिकॉन वेफर्स का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
  2. सौर ऊर्जा शुल्क का निर्धारण भारतीय सौर ऊर्जा निगम के द्वारा किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a)    केवल 1   

(b)    केवल 2

(c)    1 और 2 दोनों   

(d)    न तो 1, न ही 2

उत्तर: (d)

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