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शासन व्यवस्था

सामुदायिक संसाधनों के हस्तांतरण पर प्रतिबंध

  • 01 Jan 2020
  • 4 min read

प्रीलिम्स के लिये:

सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण

मेन्स के लिये:

सामुदायिक संसाधनों का महत्त्व

चर्चा में क्यों ?

सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के अनुसार, देश के कई क्षेत्रों में लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ता है, ऐसी स्थिति में सरकार को संपत्ति के व्यवसायीकरण के लिये गाँव के तालाब जैसे “अमूल्य” सामुदायिक संसाधनों को शक्तिशाली व उद्योगपति वर्ग को हस्तांतरित करने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रमुख बिंदु:

  • सर्वोच्च न्यायालय की दो सदस्यीय बेंच के अनुसार, गाँव के सार्वजनिक स्थल (Common) गाँव के समुदाय की जीवन-रेखा है जो जीवन-निर्वाह के लिये विभिन्न आवश्यक संसाधन प्रदान करते हैं। संविधान के अनुच्छेद-21 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार के अनुपालन हेतु इन सार्वजनिक स्थलों का संरक्षण आवश्यक है।
  • न्यायालय के अनुसार, राज्य किसी अन्य स्थल पर जल स्रोत निर्माण के वायदे के बावजूद ग्रामीण लोगों को उनके प्राथमिक जल स्रोत के प्रयोग से वंचित नही कर सकता। सरकार का यह रवैया “पर्यावरण के यांत्रिक अनुप्रयोग” को बढ़ावा” देगा।
  • न्यायालय ने कहा है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मौजूदा जल निकाय को नष्ट करने का प्रतिकूल प्रभाव लोगों को मीलों की यात्रा कर वैकल्पिक स्थल तक पहुँचने के लिये बाध्य करेगा ।
  • पुरातन समय में कुछ सार्वजनिक स्थल सामूहिक लाभ के लिये ग्रामीण समुदाय के प्रयोग हेतु सूचीबद्ध थे । वस्तुतः स्वतंत्रता के बाद शक्तिशाली लोगों की एक भ्रष्ट व्यवस्था ने इन सार्वजनिक स्थलों को व्यक्तिगत कृषि के लिये विनियोजित किया।
  • सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal-NGT) के निर्णय को पलटते हुए ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों व उद्योगपतियों को तीन माह के भीतर सभी अवरोधों को समाप्त करने और जल निकायों को बहाल करने का आदेश दिया है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal - NGT) की स्थापना 18 अक्तूबर, 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम (National Green Tribunal Act), 2010 के अंतर्गत की गई थी।
  • NGT की स्थापना के साथ ही भारत विशेष पर्यावरण अधिकरण (Specialised Environmental Tribunal) स्थापित करने वाला दुनिया का तीसरा (और पहला विकासशील) देश बन गया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में ही ऐसे किसी अधिकरण की स्थापना की गई थी।
  • NGT का मुख्यालय नई दिल्ली में है, जबकि अन्य चार क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल, पुणे, कोलकाता एवं चेन्नई में स्थित हैं।

स्रोत: द हिंदू

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