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राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग

  • 01 Jan 2020
  • 5 min read

प्रीलिम्स के लिये:

राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय

मेन्स के लिये:

राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग और इसके निहितार्थ, स्वच्छता और स्वास्थ्य

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) ने 31 दिसंबर, 2019 को स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की पहली और दूसरी तिमाही के परिणामों की घोषणा की।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • स्वच्छता रैंकिंग पहली बार लीग प्रारूप में आयोजित की जा रही है। गौरतलब है कि रैंकिंग को तीन तिमाहियों (अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर और अक्तूबर से दिसंबर, 2019) एवं शहर की जनसंख्या के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ध्यातव्य है कि यह सर्वेक्षण जून, 2019 में शुरू किया गया था।
  • इंदौर और जमशेदपुर लगातार दो तिमाहियों में क्रमशः 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और 1 लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणियों में स्वच्छता चार्ट में सबसे ऊपर हैं।
  • कोलकाता दोनों तिमाहियों में 49 बड़े शहरों की रैंकिंग में सबसे नीचे रहा क्योंकि पश्चिम बंगाल ने इस देशव्यापी अभ्यास में भाग नहीं लिया। किंतु पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने तीसरी तिमाही में स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने का आश्वासन दिया है।
  • 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में इंदौर पिछले स्वच्छता सर्वेक्षणों की तरह वर्ष 2019 की पहली दो तिमाहियों के लिये स्वच्छता सर्वेक्षण में भी प्रथम स्थान पर बना हुआ है, जबकि पहली तिमाही में भोपाल और दूसरी तिमाही में राजकोट दूसरे स्थान पर और पहली तिमाही में सूरत जबकि दूसरी तिमाही में नवी मुंबई तीसरे स्थान पर काबिज़ है।
  • 1 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले शहरों में पहली व दूसरी तिमाही में जमशेदपुर प्रथम स्थान पर बना रहा, जबकि पहली तिमाही में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र दूसरे और खरगौन (मध्य प्रदेश) तीसरे स्थान पर और दूसरी तिमाही में चंद्रपुर (महाराष्ट्र) दूसरे और खरगौन तीसरे स्थान पर काबिज़ रहे हैं। गौरतलब है कि नई दिल्ली दूसरी तिमाही में दूसरे स्थान से खिसक कर छठे स्थान पर पहुँच गई है।

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  • शहरों की स्वच्छता का एक राष्ट्रीय स्तर का सर्वेक्षण 4 जनवरी से शुरू होगा जो कि स्वच्छ भारत 2020 की रैंकिंग के लिये अंतिम होगा।
  • इसके अलावा छावनी क्षेत्र वर्ग में पहली तिमाही में तमिलनाडु के सेंट थॉमस माउंट छावनी और दूसरी तिमाही में दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र पहले स्थान पर रहे।

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पृष्ठभूमि

  • शहरों में बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम उठाते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने पहली बार जनवरी 2016 में ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2016’ आयोजित किया था। इसके अंतर्गत 73 शहरों की रैंकिंग की गई थी।
  • इसके बाद जनवरी-फरवरी 2017 के दौरान ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’ कराया गया था जिसके तहत 434 शहरों की रैंकिंग की गई।
  • सर्वेक्षण के तीसरे चरण अर्थात् ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2018’ का बड़े पैमाने पर आयोजन किया गया। इसके तहत 4203 शहरों एवं कस्बों में सर्वेक्षण कराया गया जिसे 66 दिनों की रिकॉर्ड अवधि में पूरा किया गया।
  • इसके साथ ही यह विश्व में अब तक का सबसे व्यापक स्वच्छता सर्वेक्षण बन गया है जिसके दायरे में लगभग 40 करोड़ लोग आते हैं।
  • गौरतलब है कि पिछले तीनों स्वच्छता सर्वेक्षणों की रैंकिंग में इंदौर (मध्य प्रदेश) प्रथम स्थान पर रहा।

स्रोत: द हिंदू

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