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NDB के साथ ऋण समझौता

  • 18 Dec 2020
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत सरकार ने ग्रामीण विकास और बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा देने के लिये न्यू डेवलपमेंट बैंक (New Development Bank- NDB) के साथ 1 बिलियन अमेरिकी डाॅलर के ऋण समझौते की घोषणा की है।

प्रमुख बिंदु:

  • सरकार और NDB ने COVID-19 के कारण बिगड़ी भारत की आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिये 1 बिलियन अमेरिकी डाॅलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये:
  • इस ऋण की अवधि 30 वर्ष है जिसमें 5 वर्ष की छूट भी शामिल है।
  • यह ऋण विशेष रूप से उन प्रवासी श्रमिकों की मदद करने में सहायक होगा जो महामारी के कारण शहरी क्षेत्रों से लौट गए हैं और अपनी आजीविका खो चुके हैं।
  • वायरस के प्रसार को रोकने के लिये पोस्ट लॉकडाउन ने आर्थिक गतिविधि को धीमा कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों सहित अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के रोज़गार और आय को क्षति पहुँची है।
  • विश्व बैंक ने भारत की सामाजिक सुरक्षा के आधार को मज़बूत करने, छत्तीसगढ़ में आदिवासी परिवारों के लिये पोषण-सहायक कृषि को बढ़ावा देने, नगालैंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ाने और राज्यों में मौजूदा बाँधों की सुरक्षा तथा प्रदर्शन में सुधार के लिये 800 मिलियन अमेरिकी डाॅलर से अधिक की चार परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है।

न्यू डेवलपमेंट बैंक

(New Development Bank- NDB):

  • यह BRICS देशों द्वारा संचालित एक बहुपक्षीय विकास बैंक है।
  • BRICS दुनिया की पाँच अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं- ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के लिये एक संक्षिप्त शब्द (Abbreviation) है। 
  • वर्ष 2013 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' की स्थापना पर सहमति व्यक्त की गई थी तथा वर्ष 2014 में ब्राज़ील के फोर्टालेज़ा में छठे BRICS शिखर सम्मेलन (6th BRICS Summit at Fortaleza) में इसकी स्थापना की गई थी।
  • NDB की प्रारंभिक अधिकृत पूंजी 100 बिलियन डॉलर थी। 
  • NDB का मुख्यालय शंघाई, चीन में है।

संगठनात्मक संरचना:

  • NDB के वर्तमान संगठनात्मक ढाँचे में 1 अध्यक्ष, 4 उपाध्यक्ष तथा अन्य कुछ कार्यकारी सदस्य शामिल हैं। अध्यक्ष का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है। 

NDB में मताधिकार प्रणाली:

  • विश्व बैंक में जहाँ पूंजी शेयर के आधार पर देशों को मताधिकार प्राप्त होता है, के विपरीत 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' में प्रत्येक भागीदार देश को वर्तमान में समान मताधिकार प्राप्त है तथा किसी भी देश के पास वीटो पावर नहीं है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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