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शासन व्यवस्था

डिजिटल भुगतान उत्सव

  • 10 Feb 2023
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

डिजिटल भुगतान उत्सव, डिजिटल क्रांति, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, MyGov, एकीकृत भुगतान इंटरफेस, डिजिटल लॉकर, मेघराज, डिजिटल इंडिया BHASHINI, डिजिटल इंडिया।

मेन्स के लिये:

डिजिटल भारत, सरकार की नीतियाँ और डिजिटल परिवर्तन से संबंधित हस्तक्षेप।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 'डिजिटल भुगतान उत्सव' की शुरुआत की, यह एक व्यापक अभियान है जो कई महत्त्वपूर्ण पहलों के साथ-साथ पूरे भारत में डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करता है।

  • यह अभियान 9 फरवरी से 9 अक्तूबर, 2023 तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और पहलों की एक शृंखला के साथ भारत के डिजिटल रूप में परिवर्तन की यात्रा को प्रदर्शित करेगा।

आयोजन के प्रमुख बिंदु:

  • लक्ष्य:
    • इस अभियान का लक्ष्य G20 डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप (DEWG) इवेंट के हिस्से के रूप में देश में, विशेष तौर पर लखनऊ, पुणे, हैदराबाद और बंगलूरू शहरों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने है।
  • प्रयासों की सराहना:
    • डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले बैंकों, बैंकरों और फिनटेक कंपनियों को 28 डिजीधन पुरस्कार प्रदान किये गए।
    • यह पुरस्कार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने के लिये इन संगठनों के प्रयासों को मान्यता देता है।
  • महत्त्व:
    • इस व्यापक अभियान के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को जारी रखने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिये सरकार, उद्योग और नागरिकों सहित विभिन्न हितधारकों को एकजुट किये जाने की उम्मीद है।
    • ये पहलें भारत और देश के बाहर यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) की पहुँच के दायरे को और विस्तृत करेंगी। इसका लक्ष्य भारत के असंबद्ध क्षेत्रों को जोड़ने और UPI को वैश्विक भुगतान विधि बनाना है।
      • नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) कुछ देशों के साथ साझेदारी कर इस दिशा में पहले से ही काम कर रही है।

अन्य डिजिटल पहलें:

  • डिजिटल इंडिया भाषिनी:
  • डिजिटल इंडिया जेनेसिस (GENESIS):
    • डिजिटल इंडिया जेनेसिस '(जेन-नेक्स्ट सपोर्ट फॉर इनोवेटिव स्टार्टअप्स) भारत के टियर- II और टियर- III शहरों में सफल स्टार्टअप की खोज, समर्थन, विकास तथा उन्हें सफल बनाने हेतु एक राष्ट्रीय गहन-तकनीकी स्टार्टअप मंच है।
  • माय स्कीम:
    • यह सरकारी योजनाओं तक पहुँच की सुविधा प्रदान करने वाला एक सर्च और डिस्कवरी मंच है।
    • इसका उद्देश्य वन-स्टॉप सर्च और डिस्कवरी पोर्टल को प्रस्तुत करना है, जहाँ उपयोगकर्त्ता उन योजनाओं को खोज सकते हैं जिनके लिये वे पात्र हैं।
  • मेरी पहचान:
    • यह नागरिक लॉगिन के लिये राष्ट्रीय एकल साइन ऑन (NSSO) है।
    • यह एक प्रयोक्ता प्रमाणीकरण सेवा है जिसमें क्रेडेंशियल्स का एक एकल समुच्चय एकाधिक ऑनलाइन अनुप्रयोगों या सेवाओं तक पहुंँच प्रदान करता है।
  • चिप्स स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम:
    • इस C2S कार्यक्रम का उद्देश्य बैचलर, परास्नातक और अनुसंधान स्तरों पर सेमीकंडक्टर चिप के डिज़ाइन के क्षेत्र में विशेष जनशक्ति को प्रशिक्षित करना तथा देश में अर्द्धचालक डिज़ाइन में शामिल स्टार्टअप के विकास के लिये उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना है।
    • यह संगठनात्मक स्तर पर सलाह देने की पेशकश करता है और संस्थानों को डिज़ाइन के लिये अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराता है।
  • डिजिटल लॉकर (डिजीलॉकर):
    • यह उपयोगकर्त्ताओं को उनके दस्तावेज़ सत्यापन और भंडारण हेतु डिजिटल स्थान प्रदान करके कागज़ रहित शासन को सक्षम बनाता है।
    • यह भारत को जनसंख्या के पैमाने पर डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं के निर्माण के नेतृत्त्वकर्त्ता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
  • मेघराज:
    • क्लाउड कंप्यूटिंग के लाभों का उपयोग और दोहन करने हेतु सरकार ने एक महत्त्वाकांक्षी पहल GI क्लाउड शुरू की है, जिसे मेघराज नाम दिया गया है।
    • इस पहल का उद्देश्य सरकार के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ( Information and Communication Technology- ICT) खर्च को अनुकूलित करते हुए देश में ई-सेवाओं के विस्तार में तेज़ी लाना है।
  • इंडियास्टैक ग्लोबल:

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम:

  • परिचय:
    • इसे वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था।
    • इस कार्यक्रम को भारतनेट, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया, औद्योगिक गलियारों आदि जैसी कई महत्त्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के लिये सक्षम किया गया है।
  • विज़न क्षेत्र:
    • प्रत्येक नागरिक हेतु डिजिटल बुनियादी ढाँचा।
    • मांग आधारित शासन और सेवाएँ।
    • नागरिकों का डिजिटल सशक्तीकरण
  • उद्देश्य:
    • ज्ञान हेतु भविष्य के लिये भारत को तैयार करना।
    • परिवर्तनकारी होने के लिये IT (भारतीय प्रतिभा- Indian Talent ) + IT (सूचना प्रौद्योगिकी- Information Technology) = IT (इंडिया टुमॉरो- India Tomorrow) को महसूस करना है।
    • परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिये प्रौद्योगिकी को केंद्र में रखना।
      • कई विभागों को कवर करने वाला एक अम्ब्रेला कार्यक्रम।

 UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न: 

प्रिलिम्स:

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन भारत सरकार की "डिजिटल इंडिया" योजना का लक्ष्य/उद्देश्य है/हैं? (वर्ष 2018)

  1. चीन के समान भारत की अपनी इंटरनेट कंपनियों का गठन करना।
  2. हमारी राष्ट्रीय भौगोलिक सीमाओं के भीतर अपने बड़े डेटा केंद्र बनाने के लिये बिग डेटा एकत्र करने वाले विदेशी बहुराष्ट्रीय निगमों को प्रोत्साहित करने हेतु एक नीतिगत ढाँचा स्थापित करना।
  3. हमारे कई गाँवों को इंटरनेट से जोड़ना और हमारे कई स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों एवं प्रमुख पर्यटन केंद्रों में वाई-फाई लाना।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)


मेन्स:

प्रश्न. "चौथी औद्योगिक क्रांति (डिजिटल क्रांति) के उद्भव ने सरकार के अभिन्न अंग के रूप में ई-गवर्नेंस की शुरुआत की है"। विचार-विमर्श कीजिये। (वर्ष 2020)

स्रोत: पी.आई.बी.

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