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प्रिलिम्स फैक्ट्स

  • 03 Sep, 2021
  • 8 min read
प्रारंभिक परीक्षा

प्रिलिम्स फैक्ट्स: 03 सितंबर, 2021

63वाँ रमन मैग्सेसे पुरस्कार

(63rd Ramon Magsaysay Award)

हाल ही में ‘रमन मैग्सेसे पुरस्कार-2021’ की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 31 अगस्त को फिलीपींस की राजधानी ‘मनीला’ में एक औपचारिक समारोह में प्रदान किया जाता है।

Ramon-Magsaysay-Award

प्रमुख बिंदु

  • ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ वर्ष 1957 में स्थापित किया गया था और इसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
  • इसका नाम फिलीपींस गणराज्य के तीसरे राष्ट्रपति ‘रेमन मैग्सेसे’ के नाम पर रखा गया है।
  • इस पुरस्कार का उद्देश्य एशिया में ऐसे व्यक्तियों एवं संगठनों को पहचानना और सम्मानित करना है, जिन्होंने सार्वजनिक मान्यता के लक्ष्य के बिना विशिष्टता हासिल की है और उदारता से दूसरों की मदद की है।
  • वर्ष 2009 तक यह पुरस्कार पारंपरिक रूप से पाँच श्रेणियों में दिया जाता था:
    • सरकारी सेवा; सार्वजनिक सेवा; सामुदायिक नेतृत्व; पत्रकारिता, साहित्य एवं रचनात्मक संचार कला; शांति एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ।
  • हालाँकि वर्ष 2009 के बाद से ‘रेमन मैग्सेसे अवार्ड फाउंडेशन’ प्रतिवर्ष ‘इमर्जेंट लीडरशिप’ के क्षेत्र से पुरस्कार विजेताओं का चयन करता है।
  • पुरस्कार विजेताओं को एक प्रमाण पत्र, रेमन मैग्सेसे की छवि के साथ एक पदक एवं नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
  • इस पुरस्कार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एशिया के ‘नोबेल पुरस्कार’ के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • वर्ष 2021 के विजेता: बांग्लादेश से डॉ. फिरदौसी कादरी (वैक्सीन वैज्ञानिक), पाकिस्तान से मुहम्मद अमजद साकिब (माइक्रोफाइनेंस में अग्रणी), फिलिपीन से रॉबर्टो बैलोन (फिशर और सामुदायिक पर्यावरणविद्), संयुक्त राज्य अमेरिका से स्टीवन मुंसी (मानव अधिकार कार्यकर्त्ता) और ‘वॉचडॉक (खोजी पत्रकारिता संबंधी इंडोनेशियाई समूह)।

विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 03 सितंबर, 2021

प्रणब मुखर्जी

31 अगस्त, 2021 को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पूण्यतिथि मनाई गई। भारतीय राष्ट्रीय काॅन्ग्रेस के पूर्व नेता प्रणब मुखर्जी ने वर्ष 2012 से वर्ष 2017 तक बतौर राष्ट्रपति अपनी सेवाएँ दी थीं। इससे पूर्व उन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर भी कार्य किया और अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने विदेश मामलों, रक्षा और वाणिज्य मंत्रालयों का भी कार्यभार संभाला। बंगाल के बीरभूम ज़िले में जन्मे प्रणब मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की और कानून की भी पढ़ाई की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने विद्यानगर कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर के रूप में और बंगाली पत्रिका 'देशेर डाक' के पत्रकार के रूप में भी काम किया। राष्ट्रीय राजनीति में मुखर्जी की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई, जब वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मार्गदर्शन में राज्यसभा के लिये चुने गए। प्रधानमंत्री ‘पी.वी. नरसिम्हा राव’ के कार्यकाल के दौरान उन्हें योजना आयोग का प्रमुख नियुक्त किया गया और बाद में वे विदेश मंत्री के रूप में भी नियुक्त किये गए। अपने समग्र राजनीतिक कार्यकाल के दौरान प्रणब मुखर्जी ने सूचना के अधिकार, रोज़गार के अधिकार, मेट्रो रेल और इसी तरह के कई अन्य घटनाक्रमों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

संसदीय आउटरीच कार्यक्रम

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के पंचायती राज संस्थानों के सशक्तीकरण के लिये ‘संसदीय आउटरीच कार्यक्रम’ का उद्घाटन किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और पंचायत स्तर सहित सभी स्तरों पर लोकतंत्र को मज़बूत करना संसद का उत्तरदायित्त्व है। यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जो ज़मीनी स्तर पर शासन एवं नियोजन संस्था को मज़बूत करने का प्रयास करता है। कुल चार ‘संसदीय आउटरीच कार्यक्रम’ आयोजित किये जाने हैं, इसमें पहला कार्यक्रम 08 जनवरी, 2021 को देहरादून (उत्तराखंड) में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 445 पंचायत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। वहीं दूसरा कार्यक्रम मेघालय और अन्य उत्तर पूर्वी राज्य के लिये शिलांग में आयोजित किया गया, जबकि तीसरा और चौथा कार्यक्रम क्रमशः लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिये आयोजित किया जाना है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जन जागरूकता एवं भागीदारी बढ़ाना, ज़मीनी स्तर के नेताओं के बीच आत्मविश्वास को बढ़ावा देना और सरकार द्वारा क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं के विषय में जागरूकता फैलाना है। 

इनोवेशन मिशन पंजाब

पंजाब के मुख्यमंत्री ने हाल ही में 'इनोवेशन मिशन पंजाब' (आईएमपंजाब) लॉन्च किया है, जो एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी है, जिसका उद्देश्य वैश्विक निवेशकों और विशेषज्ञों को स्टार्टअप को उत्प्रेरित करने के लिये एक साथ लाना है। मिशन पंजाब की विकास क्षमता को उजागर करेगा और रोज़गार सृजन  एवं निवेश को आमंत्रित करके राज्य में एक संपन्न अर्थव्यवस्था का निर्माण करेगा। साथ ही यह मिशन निवेश, परामर्श व बाज़ार पहुँच के लिये भागीदारों के एक वैश्विक पूल का भी निर्माण करेगा। यह मिशन पंजाबी डायस्पोरा की ताकत का भी लाभ उठाएगा, जिससे उन्हें महिलाओं के बीच उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित कार्यक्रम चलाने के अलावा राज्य की इस नई विकास पहलों में भाग लेने की अनुमति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 450 स्टार्टअप और 20 से अधिक इन्क्यूबेटरों के साथ एक उभरता हुआ उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है।


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