दृष्टि ज्यूडिशियरी का पहला फाउंडेशन बैच 11 मार्च से शुरू अभी रजिस्टर करें
ध्यान दें:

टू द पॉइंट


भारतीय इतिहास

पालकालीन स्थापत्य

  • 07 Jan 2019
  • 2 min read
  • पालकालीन स्थापत्य के इस दौर में विक्रमशिला विहार, ओदंतपुरी विहार, जगदल्ला विहार आदि का निर्माण हुआ।
  • धर्मपाल द्वारा निर्मित सोमापुर महाविहार (बांग्लादेश) सबसे बड़ा बौद्ध विहार है जिसे यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया।
  • नालंदा महाविहार की स्थापना तो गुप्तकाल (कुमारगुप्त) में हुई, किंतु पाल शासकों ने भी इसके विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
हीनयानी चैत्य-गृह महायानी चैत्य-गृह
प्रारंभिक दौर में हीनयानी चैत्य बनाए गए थे। परवर्ती दौर में महायानी चैत्य बनाए गए थे।
इसका कालखंड प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व से तृतीय शताब्दी तक है। इसका कालखंड प्रथम शताब्दी ईस्वी सन् से 5वीं शताब्दी ईस्वी सन् तक है।
इसमें चैत्य के निकट वाले विहार में रहने वाले लोग भी हीनयानी थे। इसमें चैत्य के निकट वाले विहार में रहने वाले लोग भी महायानी थे।
इसमें बुद्ध के प्रतीकों का ही चलन है। कहीं भी बुद्ध को मानव रूप में नहीं दर्शाया गया है। इसमें बुद्ध को मानव रूप में दर्शाया गया है।
हीनयानी चैत्यगृहों का क्रम है-भाजा, पीतलखोड़ा, कोण्डानी , अजंता-9 , अजंता-10 ,पांडवलेनी, विदिशा, कार्ले, कन्हेरी। कार्ले इसमें सर्वोत्तम चरम अवस्था है। महायानी चैत्यगृहों का क्रम है- भट्टीप्रोलू, गोली, जगैइपेट, घंटशाल, नागार्जुनकोंडा, अमरावती, अजंता-19, अजंता-26, एलोरा। इसमें चरम और सर्वोत्तम है- अमरावती चैत्य
close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2