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छत्तीसगढ स्टेट पी.सी.एस.

  • 21 Jan 2022
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छत्तीसगढ़ राज्य हज समिति गठित

चर्चा में क्यों?

20 जनवरी, 2022 को राज्य शासन के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य हज समिति के गठन की अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के अनुसार समिति के पदेन सदस्यों को छोड़कर अन्य सदस्यों का कार्यकाल राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से तीन वर्ष होगा।

प्रमुख बिंदु

  • जारी अधिसूचना के अनुसार वन एवं जलवायु परिवर्तन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर को छत्तीसगढ़ राज्य हज समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। 
  • इसी प्रकार मुस्लिम धर्म ज्ञान एवं मुस्लिम कानून विशेषज्ञ के रूप में रायपुर के मौलाना कारी सैयद अशफाक अहमद, मौलाना डॉ. कारी इमरान अशरफी, मौलाना असगर मेहंदी को राज्य हज समिति का सदस्य बनाया गया है। 
  • मुस्लिम समुदाय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में अनुभव रखने वाले इम्तियाज अहमद (सूरजपुर), डॉ. रूबिना अल्वी (राजनांदगांव), शमीम अख्तर (रायपुर) को सदस्य नियुक्त किया गया है। 
  • इसके साथ ही राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और राज्य हज कमेटी कार्यपालन अधिकारी-सचिव को पदेन सदस्य मनोनीत किया गया है।

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एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ रायपुर पुलिस का सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता अभियान

चर्चा में क्यों?

हाल ही में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने रायपुर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता पर चलाए गए सप्ताहव्यापी अभियान में एक ही दिन में 1,02,468 नागरिकों द्वारा सड़क सुरक्षा के लिये संकल्प लेने को एक रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कर लिया है। 

प्रमुख बिंदु

  • रायपुर के इन नागरिकों ने रायपुर पुलिस द्वारा ‘सुनो रायपुर’थीम पर 26 दिसंबर, 2021 से 1 जनवरी, 2022 तक सप्ताह भर आयोजित किये गए इस अभिनव अभियान के दौरान एक जनवरी को सड़क सुरक्षा संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर कर नए साल में सड़क सुरक्षा का संकल्प लिया है। 
  • रायपुर पुलिस द्वारा सक्रिय स्वयंसेवकों की मदद से ‘सुनो रायपुर’नाम से चलाए गए इस अभियान में कई बच्चे अपने बड़ों को सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश देकर रायपुर पुलिस का समर्थन करने के लिये आगे आए थे। 
  • ‘सुनो रायपुर’का शुभारंभ एसएसपी रायपुर प्रशांत अग्रवाल द्वारा 26 दिसंबर को मैग्नेटो मॉल रायपुर में जागरूकता कार्यक्रम के रूप में किया गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और लापरवाही से वाहन चलाकर या बुनियादी सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। 
  • उन्होंने लोगों से किसी भी तरह के बाइक स्टंट या स्पीड ड्राइविंग का प्रयास करते समय अपने परिवार और दोस्तों के बारे में सोचने का अनुरोध किया। लोगों को ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने के लिये सुनिश्चित करने हेतु चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी रखने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिये।
  • ‘सुनो रायपुर’अभियान के दौरान रायपुर पुलिस की टीमों और 300 सक्रिय स्वयंसेवकों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, बाज़ार क्षेत्रों, मुख्य चौकों, स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यातायात नियमों के बारे में लोगों को जागरूक किया।
  • इस अभियान के दौरान दिलचस्प और शैक्षिक संदेशों वाले पैम्फलेट, तख्तियाँ, हैंडआउट्स, वीडियो स्क्रीन का इस्तेमाल किया गया। इस जागरूकता अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिये रायपुर पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी व्यापक रूप से उपयोग किया गया।
  • गौरतलब है कि भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। अकेले रायपुर ज़िले में ही हर साल करीब 450 लोगों की मौत हो जाती है।
  • इन मौतों के पीछे मुख्य कारण तेज़ गति से वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना और हेलमेट न पहनना है। बुनियादी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने से दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।
  • इस अभियान को रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन, यंग इंडियंस, सुरक्षित भव फाउंडेशन, सिख केयर इंडिया, आभा फाउंडेशन, आवाज़ फाउंडेशन, स्पर्श एक कोशिश, हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन, कोपल वाणी, मिशन संभव, वक्ता मंच और सौभाग्य फाउंडेशन, मारूति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल, प्रांजल सेवा समिति जैसे कई गैर-सरकारी संगठनों और संघों के स्वयंसेवकों द्वारा समर्थन और सहयोग दिया गया।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता अमिता ने की बर्फीली यूटी कांगरी चोटी पर चढ़ाई

चर्चा में क्यों?

19 जनवरी, 2022 को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा ज़िले की पर्वतारोही आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता अमिता श्रीवास ने प्राचीन हिमालय के लद्दाख श्रेणी की 6070 मीटर ऊँची बर्फीली यूटी कांगरी चोटी की चढ़ाई की। उन्होंने 14 जनवरी को चढ़ाई शुरू की और 19 जनवरी को यूटी कांगरी के शिखर पर पहुँचीं।

प्रमुख बिंदु

  • अमिता की पर्वत चोटी पर यह चौथी बड़ी चढ़ाई थी। विवेकानंद माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट माउंट आबू से वर्ष 2018 में रॉक क्लाइंबिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद सबसे पहले उन्होंने 2019 में उत्तरी सिक्किम में व पश्चिमी सिक्किम के बड़े शिखरों पर विजय हासिल की थी। 
  • इसके बाद 8 मार्च, 2021को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तीकरण का मिशन लेकर अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो पर चढ़ने का रिकॉर्ड बनाया। तंजानिया स्थित किलिमंजारो की 5895 मीटर ऊँची चोटी पर पहुँचने के बाद उन्होंने‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’का भी संदेश दिया था।
  • अमिता ने बताया कि यूटी कांगरी पर सफलता उनके एवरेस्ट मिशन की प्रारंभिक तैयारी का एक पायदान है। उनके इस मिशन में दिल्ली सहित तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक राज्यों के 11 सदस्य थे। इनमें से 2 लोग पहले से ही एवरेस्ट की चढ़ाई कर चुके हैं। 
  • उन्होंने बताया कि 4700 मीटर ऊँचाई पर स्थित उनके बेस कैंप में माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान था। अंतिम चढ़ाई के समय यह माइनस 31.4 डिग्री तक कम हो गया था। शिखर पर चढ़ाई के दौरान 50 कदम पहले ही अचानक एवलांच (बर्फ के बड़े टुकड़े का गिर जाना) आ गया था।
  • अमिता श्रीवास की उपलब्धियों को देखते हुए ज़िला प्रशासन द्वारा यूटी कांगरी में पर्वतारोहण के लिये 80 हज़ार रुपए प्रदान किये गए। इससे पहले उनके पर्वतारोहण को प्रोत्साहित करने के लिये सीएसआर मद से 2 लाख 70 हज़ार रुपए पर्वतारोहण के लिये प्रदान किये गए थे।

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राज्यपाल ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम (संशोधन) विधेयक पर किये हस्ताक्षर

चर्चा में क्यों?

20 जनवरी, 2022 को छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम, 1965 (क्र. 19 सन 1956) में संशोधन हेतु प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिया।

प्रमुख बिंदु 

  • इस अधिनियम की धारा 12 में संशोधन किया गया है कि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम 1956 (क्र. 19 सन 1956) की धारा 12-क की उपधारा (2) के परंतुक में, अंक ‘65’ के स्थान पर, अंक ‘70’ प्रतिस्थापित किया जाए।  अर्थात् इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति की आयु सीमा 65 वर्ष के स्थान पर 70 वर्ष होगी।
  • यह अधिनियम इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2021 कहलाएगा। इसका विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा। यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा।

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