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स्टेट पी.सी.एस.

  • 12 Oct 2021
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बिहार Switch to English

बिहार देश का पहला राज्य, जहाँ सभी घरों में लगेंगे प्रीपेड मीटर

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के सभी घरों में प्रीपेड मीटर लगाने संबंधी ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रमुख बिंदु

  • 1110 करोड़ रुपए की लागत की इस परियोजना को अगले 42 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • परियोजना के पूरा होते ही बिहार देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहाँ सभी घरों में प्रीपेड मीटर लगे होंगे।
  • प्रीपेड मीटर लगाने का कार्य साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के साथ पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कॉर्पोरेशन और एनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड के द्वारा किया जाएगा।
  • स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिये किसी भी उपभोक्ता से अतिरिक्त राशि नहीं ली जाएगी। खर्च का वहन बिजली कंपनियाँ करेंगी
  • स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में तीन फीसदी छूट दी जाएगी।

हरियाणा Switch to English

परिवार पहचान-पत्र योजना

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को हुई हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण की पहली बैठक में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा एक नवंबर से विभिन्न विभागों की सभी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ केवल परिवार पहचान-पत्र के माध्यम से दिये जाने का निर्देश दिया गया।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि परिवार पहचान-पत्र योजना का प्रारंभ हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2020 में किया गया था।
  • परिवार पहचान-पत्र के तहत प्रत्येक परिवार को एक इकाई मानते हुए आठ अंकों की विशिष्ट परिवार आई.डी. प्रदान की जा रही है।
  • इसका उद्देश्य हरियाणा में सभी परिवारों का प्रामाणिक, सत्यापित और विश्वसनीय डाटा तैयार करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक लाभार्थी को बाधामुक्त रूप में प्रदान किया जा सके।

झारखंड Switch to English

मोबाइल वैन से एक लाख टीका लगाने वाला ज़िला

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को राँची में मोबाइल वैन से कोविड-19 रोधी टीका लगाने की संख्या एक लाख को पार कर गई, जिससे राँची यह उपलब्धि हासिल करने वाला झारखंड का प्रथम ज़िला बन गया।

प्रमुख बिंदु

  • राँची में कोरोना से बचाव के लिये 28 मई, 2021 को मोबाइल वैन से टीकाकरण की शुरुआत की गई थी, जिसने 11 अक्टूबर, 2021 को एक लाख का आँकड़ा छूकर यह रिकॉर्ड बनाया।
  • प्रारंभ में केवल 2 मोबाइल वैनों के द्वारा टीकाकरण शुरू किया गया था, किंतु वर्तमान में 11 मोबाइल वैनों की सेवा ली जा रही है।
  • विदित हो कि कोविड-19 टीकाकरण को लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तकनीकी समस्या तथा एक बड़ी आबादी का इंटरनेट फ्रेंडली न होने जैसी समस्या का निराकरण के उद्देश्य से मोबाइल वैक्सीनेशन की शुरुआत की गई थी, जिसमें लोग ज़िला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए फोन नंबर (7546028221) पर कॉल करके वैक्सीनेशन के लिये आग्रह कर सकते हैं।
  • इस प्रक्रिया के कारण खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा स्लम एरिया के असमर्थ लोगों को व्यापक लाभ हुआ।

झारखंड Switch to English

झारखंड उच्च न्यायालय को मिला एक और न्यायाधीश

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को राष्ट्रपति द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुभाष चंद का झारखंड उच्च न्यायालय में तबादला के लिये अधिसूचना जारी की गई।

प्रमुख बिंदु

  • जस्टिस सुभाष चंद की नियुक्ति के साथ झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या 20 हो जाएगी, जबकि झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पद 25 हैं, अर्थात् 5 पद अभी भी रिक्त हैं।
  • ध्यातव्य है कि इससे पूर्व 6 अक्टूबर, 2021 को भी झारखंड उच्च न्यायालय में 4 नए जजों की नियुक्ति के लिये राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी तथा 8 अक्टूबर, 2021 को इन जजों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी।
  • 8 अक्टूबर, 2021 को अंबुज नाथ, गौतम कुमार चौधरी, नवनीत कुमार, संजय प्रसाद को झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रविरंजन ने शपथ दिलाई थी।
  • विदित हो कि सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने झारखंड उच्च न्यायालय में नियुक्ति के लिये 5 जजों के नाम की सिफारिश की थी।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मिशन मोड पर गोठानों से बिजली उत्पादन

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत पशुपालकों, गोबर संग्राहकों को गोबर खरीदी, लाभांश के रूप में महिला स्वयं सहायता समूहों तथा गोठान समितियों के खाते में कुल 7.36 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित करते हुए कहा कि गाय के गोबर से बिजली का उत्पादन ‘मिशन मोड’ पर किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने 16 सितंबर से 30 सितंबर तक खरीदे गए गोबर के बदले पशुपालकों और गोबर संग्राहकों के खाते में 1.87 करोड़ रुपए, लाभांश की राशि के रूप में महिला स्व-सहायता समूह को 2.14 करोड़ रुपए तथा गोठान समितियों को 3.25 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि गोठानों से उत्पन्न बिजली राज्य सरकार द्वारा खरीदी जाएगी, जिससे गाँवों को राजस्व प्राप्त होगा। रायपुर, बेमेतरा और दुर्ग ज़िले में पहले से ही तीन गोठान बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। जल्द ही गाँवों को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
  • उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के मिशन मोड में संचालन के लिये गोधन न्याय मिशन का गठन किया जा रहा है, जिसके तहत गोठानों में जरूरी अधोसंरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जाएगा। किसानों, पशुपालकों, स्व-सहायता समूहों और गोठान समितियों के आय में वृद्धि करने के उपाय किये जाएंगे।
  • उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 10,501 गोठानों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 7460 गोठान निर्मित हो चुके हैं। गोधन न्याय योजना में अब तक 52 लाख 21 हज़ार क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महिला स्वयं सहायता समूहों’ को गाय के गोबर को वर्मी कम्पोस्ट में परिवर्तित करने का सीमित कार्य ही नहीं दिया जाएगा बल्कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं की मदद से विभिन्न रोज़गारमूलक गतिविधियाँ प्रारंभ की जाएंगी। 
  • गोठानों में जैविक खाद बनाने, सामुदायिक किचन गार्डन के अलावा मशरूम उत्पादन, मत्स्यपालन, बकरीपालन, मुर्गीपालन और गाय के गोबर से विभिन्न उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • इस अवसर पर कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि गोठानों को बहुस्तरीय आर्थिक गतिविधियों के लिये ग्रामीण औद्योगिक पार्कों में बदला जा रहा है

छत्तीसगढ़ Switch to English

पीडीएस के तहत 58.91 लाख परिवारों को मुफ्त चावल

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राज्य में मई से नवंबर 2021 तक कुल 58.91 लाख परिवारों को मुफ्त चावल दिए जाने का लक्ष्य है।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए गरीब और ज़रूरतमंद राशन कार्ड धारकों को मुफ्त चावल देने की घोषणा की थी।
  • आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत कुल 51.20 लाख परिवार आते हैं और उन्हें 3 रुपए प्रति किलो चावल का भुगतान करना होगा। 
  • छत्तीसगढ़ सरकार की ‘अन्नपूर्णा अन्न योजना’ के तहत अंत्योदय परिवारों को 35 किलो चावल और प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलो चावल दिया जाता है।
  • पीएमजीकेएवाई के तहत अंत्योदय और प्राथमिकता वाले राशन कार्ड रखने वाले परिवार के प्रत्येक सदस्य को केंद्र की योजना के अंतर्गत 5 किलो अतिरिक्त चावल मिलता है।

उत्तराखंड Switch to English

अन्नोत्सव कार्यक्रम

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छह लाभार्थियों को राशन किट वितरित करते हुए ‘अन्नोत्सव कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • ‘अन्नोत्सव कार्यक्रम’, ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के तहत प्रारंभ किया गया महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक लाभार्थी को खाद्य एवं सम्मान प्रदान करना है।
  • राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे इस कार्यक्रम के तहत राज्य के गरीब लाभार्थियों को 14 लाख राशन किट्स उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) के माध्यम से वितरित की जाएंगी।
  • उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से निपटने के लिये वर्ष 2020 में भारत सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ प्रारंभ की गई थी, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को एन.एफ.एस.ए. (NFSA) के अंतर्गत मिलने वाले 5 किग्रा. अनुदानित अनाज़ के अतिरिक्त 5 किग्रा. मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जाएगा।

उत्तराखंड Switch to English

ऋषिकेश एम्स में इनविट्रो फर्टिलाइज़ेशन (I.V.F.) सुविधा का शुभारंभ

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चर्चा में क्यों?

11 अक्टूबर, 2021 को ऋषिकेश एम्स के निदेशक डॉ. अरविंद राजवंशी द्वारा एम्स के गाइनेकोलॉजी विभाग में आईवीएफ (I.V.F.)  केंद्र का उद्घाटन किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • इसके साथ ही ऋषिकेश एम्स उत्तराखंड राज्य का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहाँ इनविट्रो फर्टिलाइज़ेशन की सुविधा उपलब्ध है।
  • एम्स ऋषिकेश यह सुविधा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार 45 वर्ष तक की महिलाओं और 50 वर्ष तक की आयु के पुरुषों के लिये प्रदान करेगा।
  • उल्लेखनीय है कि आईवीएफ (I.V.F.) एक सहायक प्रजनन तकनीक है, जिसके अंतर्गत प्रयोगशाला में किसी मादा के अंडाशय से प्राप्त अंडों का संपर्क द्रव माध्यम में शुक्राणुओं से कराया जाता है। इस प्रक्रिया से प्राप्त निषेचित अंडे को मादा के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया से पैदा हुए बच्चों को ही ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ कहा जाता है।
  • आईवीएफ (I.V.F.) तकनीक का जनक रॉबर्ट एडवर्ड को माना जाता है।

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