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स्टेट पी.सी.एस.

  • 09 Dec 2023
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उत्तर प्रदेश Switch to English

नीति आयोग के एबीपी की पहली डेल्टा रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले के कौशांबी ब्लॉक को मिला दूसरा स्थान

चर्चा में क्यों?

7 दिसंबर, 2023 को नीति आयोग द्वारा घोषित एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) की पहली डेल्टा रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले के कौशांबी ब्लॉक को दूसरा स्थान मिला। तेलंगाना के आसिफाबाद के तिरियानी कुमुरम भीम ब्लॉक को रैंकिंग में पहला स्थान मिला है।

प्रमुख बिंदु

  • ब्लॉकों को भौगोलिक दृष्टि से भी छह जोनों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन से दो ब्लॉकों को रैंकिंग दी गई है।
  • जोन 1, जिसमें पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ द्वीप भी शामिल हैं, में पहले और दूसरे स्थान पर क्रमश: अमरी ब्लॉक (पश्चिम कर्बी आंगलोंग, असम) और नगोपा ब्लॉक (सैतुअल, मिज़ोरम) रहे।
  • जोन 2, जिसमें उत्तर भारतीय राज्य शामिल हैं, में उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले के हर्रैया ब्लॉक ने पहला और गाजीपुर ज़िले के विरनों ब्लॉक ने दूसरा स्थान हासिल किया।
  • दक्षिणी राज्यों वाले जोन 3 में, मस्की ब्लॉक (रायचूर, कर्नाटक) और नारनूर (आदिलाबाद, तेलंगाना) को शीर्ष रैंकर घोषित किया गया।
  • पश्चिमी भारतीय राज्यों में, जिसमें जोन 4 शामिल है, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली ज़िले में सिरोंचा और अहेरी ब्लॉक विजेता बनकर उभरे।
  • जोन 5 के तहत मध्य भारत में मध्य प्रदेश के धार ज़िले का तिरला ब्लॉक और बड़वानी ज़िले का पाट ब्लॉक विजेता रहे।
  • जोन 6 में शामिल पूर्वी भारत में बिहार के सीवान ज़िले का आंदर और झारखंड के दुमका में रामगढ़ शीर्ष स्थान पर रहे।
  • सभी श्रेणियों में विजेताओं को शीर्ष रैंक के लिये 1.5 करोड़ रुपए और दूसरे रैंक के लिये 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।
  • ब्लॉकों की रैंकिंग की गणना ब्लॉकों के प्रदर्शन और जून, 2023 के महीने में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) में प्राप्त प्रगति के आधार पर की गई।
  • केपीआई के आधार पर ब्लॉकों की रैंकिंग करना कार्यक्रम की एक मुख्य रणनीति है, जो प्रतिस्पर्द्धी और सहकारी संघवाद की भावना पर आधारित है। यह पहला मौका है कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ब्लॉकों की रैंकिंग की गणना की गई है।
  • एबीपी के अलावा, अक्टूबर 2023 महीने के लिये एडीपी रैंकिंग की भी घोषणा की गई, जिसमें रायगड़ा (ओडिशा) और जमुई (बिहार) ने क्रमश: पहली और दूसरी रैंक हासिल की। एडीपी की विषयगत और समग्र श्रेणियों में शीर्ष रैंक पाने वालों को सम्मानित किया गया।
  • नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने नीति आयोग के सदस्यों के साथ ‘वॉल ऑफ फेम’ का उद्घाटन किया। वॉल ऑफ फेम 2047 तक विकसित भारत बनाने की कल्पना के साथ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम और आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालता है। यह देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी ब्लॉक और आकांक्षी ज़िलों की उपलब्धियों की सराहना करता है।
  • विदित हो कि एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) 7 जनवरी, 2023 को शुरू किया गया था। एबीपी भारत के सबसे कठिन और अपेक्षाकृत अविकसित ब्लॉकों में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिये शासन में सुधार पर केंद्रित है। भारत के 27 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों के 329 ज़िलों के 500 ब्लॉक इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
  • 500 आकांक्षी ब्लॉकों का 31 मार्च, 2023 और 30 जून, 2023 की पहली तिमाही का आधारभूत डेटा 11 मंत्रालयों की प्रबंधन सूचना प्रणाली के माध्यम से प्राप्त किया गया था। पहली डेल्टा रैंक की गणना पहली तिमाही में हुए सुधार के आधार पर की गई है।


बिहार Switch to English

गया के पटवा टोली के बुनकरों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘वीवर्स ऑफ होप’ ने जीता यूनेस्को पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

7 दिसंबर, 2023 को मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार गया के निकट पटवा टोली के बुनकरों के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘वीवर्स ऑफ होप’ को यूनेस्को की तरफ से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • फिल्म के निर्देशक शिंजन चटर्जी ने बताया कि यह डाक्यूमेंट्री फिल्म गया के निकट पटवा टोली के बुनकरों के जीवन पर आधारित है।
  • विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि प्रतियोगिता यूनाइटेड नेशन एजुकेशनल साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाईजेशन (यूनेस्को) और कामनवेल्थ मीडिया सेंटर फॉर एशिया (सीईएमसीए) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी।
  • डॉक्यूमेंट्री फिल्म को नकद पुरस्कार के साथ विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • फिल्म निर्माण में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मास कम्युनिकेशन और मीडिया विभाग के छात्रों ने अपना अहम योगदान दिया।
  • फिल्म निर्माण में मीडिया विभाग के शिवम भदानी, शिंजन चटर्जी, तूबा रहमान, प्रगति कुमारी, मेघा कुमारी, अदिति सिंघल, ऋचा कुमारी, दीक्षित सिंह और शीलू रागिनी थे।


बिहार Switch to English

नीति आयोग के एबीपी की पहली डेल्टा रैंकिंग में पूर्वी भारत में बिहार के सीवान ज़िले का आंदर ब्लॉक शीर्ष पर

चर्चा में क्यों?

7 दिसंबर, 2023 को नीति आयोग द्वारा घोषित एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) की पहली डेल्टा रैंकिंग में जोन 6 में शामिल पूर्वी भारत में बिहार के सीवान ज़िले के आंदर ब्लॉक को शीर्ष स्थान मिला है।

प्रमुख बिंदु

  • एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) की पहली डेल्टा रैंकिंग में तेलंगाना के आसिफाबाद के तिरियानी कुमुरम भीम ब्लॉक को पहला और उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले के कौशांबी ब्लॉक को दूसरा स्थान मिला।
  • ब्लॉकों को भौगोलिक दृष्टि से छह जोनों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन से दो ब्लॉकों को रैंकिंग दी गई है।
    • जोन 1, जिसमें पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ द्वीप भी शामिल हैं, में पहले और दूसरे स्थान पर क्रमश: अमरी ब्लॉक (पश्चिम कर्बी आंगलोंग, असम) और नगोपा ब्लॉक (सैतुअल, मिजोरम) रहे।
    • जोन 2, जिसमें उत्तर भारतीय राज्य शामिल हैं, में उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले के हर्रैया ब्लॉक ने पहला और गाजीपुर ज़िले के विरनो ब्लॉक ने दूसरा स्थान हासिल किया।
    • दक्षिणी राज्यों वाले जोन 3 में, मस्की ब्लॉक (रायचूर, कर्नाटक) और नारनूर (आदिलाबाद, तेलंगाना) को शीर्ष रैंकर घोषित किया गया।
    • पश्चिमी भारतीय राज्यों में, जिसमें जोन 4 शामिल हैं, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली ज़िले में सिरोंचा और अहेरी ब्लॉक विजेता बनकर उभरे।
    • जोन 5 के तहत मध्य भारत में मध्य प्रदेश के धार ज़िले का तिरला ब्लॉक और बड़वानी ज़िले का पाट ब्लॉक विजेता रहे।
    • जोन 6 में शामिल पूर्वी भारत में बिहार के सीवान ज़िले का आंदर और झारखंड के दुमका में रामगढ़ शीर्ष स्थान पर रहे।
  • सभी श्रेणियों में विजेताओं को शीर्ष रैंक के लिये 1.5 करोड़ रुपए और दूसरे रैंक के लिये 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।
  • ब्लॉकों की रैंकिंग की गणना ब्लॉकों के प्रदर्शन और जून, 2023 के महीने में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) में प्राप्त प्रगति के आधार पर की गई।
  • केपीआई के आधार पर ब्लॉकों की रैंकिंग करना कार्यक्रम की एक मुख्य रणनीति है, जो प्रतिस्पर्द्धी और सहकारी संघवाद की भावना पर आधारित है। यह पहला मौका है कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ब्लॉकों की रैंकिंग की गणना की गई है।
  • एबीपी के अलावा, अक्टूबर 2023 महीने के लिये एडीपी रैंकिंग की भी घोषणा की गई, जिसमें रायगड़ा (ओडिशा) और जमुई (बिहार) ने क्रमश: पहली और दूसरी रैंक हासिल की। एडीपी की विषयगत और समग्र श्रेणियों में शीर्ष रैंक पाने वालों को सम्मानित किया गया।
  • विदित हो कि एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) 7 जनवरी, 2023 को शुरू किया गया था। एबीपी भारत के सबसे कठिन और अपेक्षाकृत अविकसित ब्लॉकों में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिये शासन में सुधार पर केंद्रित है। भारत के 27 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों के 329 ज़िलों के 500 ब्लॉक इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।


राजस्थान Switch to English

बीकानेर में अंतर्राष्ट्रीय ऊँट महोत्सव का आगाज 11 जनवरी से

चर्चा में क्यों?

5 दिसंबर, 2023 को बीकानेर के कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये बीकानेर में अंतर्राष्ट्रीय ऊँट महोत्सव 11 से 14 जनवरी तक होगा।

प्रमुख बिंदु

  • ज़िला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि इस बार ‘आइकंस ऑफ बीकानेर’ की थीम पर ऊँट उत्सव आयोजित होगा। इसमें स्थानीय कला, संगीत और संस्कृति में विशेष उपलब्धियाँ हासिल करने वाले कलाकारों को उत्सव के माध्यम से एक वैश्विक मंच उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • ऊँट उत्सव में 11 जनवरी को क्लासिकल फॉर्म्स ऑफ आर्ट्स के संबंध में विशेष आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शास्त्रीय संगीत व शास्त्रीय नृत्य से जुड़े कलाकारों द्वारा विशेष प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
  • उत्सव के दौरान 12 जनवरी को धरणीधर स्टेडियम में कला व संस्कृति का फ्यूजन शो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोक कला संस्कृति के रंगों के साथ-साथ कंटेंपरेरी आर्ट भी जोड़कर आयोजित होगा। स्थानीय व्यंजन भी इस शो के आकर्षण रहेंगे।
  • ज़िला कलेक्टर ने बताया कि कैमल फेस्टिवल के दौरान काइट फ्लाइंग कंपटीशन का आयोजन भी किया जाएगा। मेले के दौरान प्रतिदिन शहरी परकोटे में पैदल वॉक और तांगा राइड, हवेली संगीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
  • सहायक निदेशक पर्यटन कृष्ण कुमार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय ऊँट उत्सव के दौरान रायसर में सेलिब्रिटी नाइट आयोजित की जाएगी, जिसमें अग्नि नृत्य के साथ-साथ एक विशेष सेलिब्रिटी को प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया जाएगा।
  • उन्होंने बताया कि रायसर के घोड़ों में घुड़दौड़ और घोड़ों के नृत्य भी इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय ऊँट उत्सव में आकर्षण के विशेष केंद्र होंगे। कैमल फार्म में प्रतिवर्ष की भांति ऊँट दौड़ आयोजित होगी। कैमल फार्म में ऊँट श्रृंगार प्रतियोगिता ऊँट दौड़ प्रतियोगिता ऊँट डाँस प्रतियोगिता एवं ऊँट पर कटिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएगी।

 


मध्य प्रदेश Switch to English

आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम की रैंकिंग में धार ज़िले के तिरला विकासखंड को भारत के मध्य क्षेत्र में प्रथम स्थान

चर्चा में क्यों?

7 दिसंबर, 2023 को भारत सरकार के आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम की रैंकिंग में धार ज़िले के तिरला विकासखंड को भारत के मध्य क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर नीति आयोग द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर तिरला विकासखंड को 1.5 करोड़ रुपए पुरस्कार दिया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम अंतर्गत देश के 329 ज़िलों के 500 विकासखंडों को सम्मलित किया गया है, जिसमे मध्य प्रदेश से चयनित 42 विकासखंड में धार ज़िले का विकासखंड तिरला भी शामिल है।
  • नीति आयोग के निर्देशानुसार सर्वप्रथम विकासखंड द्वारा चिंतन शिविर का आयोजन कर आकांक्षी विकासखंड को प्रेरणादायी विकासखंड में परिवर्तित करने के लिये नीति आयोग के मापदंडों पर रणनीति तैयार की गई।
  • रणनीति तैयार किये जाने के उपरांत धरातल पर कार्यों को संपन्न किया जा रहा है, जिसे गति प्रदान करने के लिये 30 सितंबर, 2023 को भारत मंडपम नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संकल्प सप्ताह का शुभारंभ किया गया।
  • आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चयनित 500 आकांक्षी विकासखंडों में समस्त विभागों के कार्यों में गति प्रदान कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना है।
  • विदित हो कि मध्य प्रदेश ज़िला धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन और ज़िला पंचायत के सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन तथा जनपद पंचायत तिरला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिम्मी बाहेती के नेतृत्व में आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम अंतर्गत स्वास्थ एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत अधोसंरचना एवं सामाजिक विकास जैसे कुल पाँच मापदंडों पर ज़िला धार के विकासखंड तिरला ने उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है।


हरियाणा Switch to English

उत्कृष्टता को पहचानने और पुरस्कृत करने के लिये ‘सुशासन पुरस्कार योजना’ की शुरुआत

चर्चा में क्यों?

6 दिसंबर, 2023 को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2023’ को अधिसूचित किया है।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्य सचिव ने बताया कि ‘हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना’ विशिष्ट उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिसमें सुशासन में उत्कृष्ट योगदान की पहचान और पुरस्कृत करना शामिल है।
  • यह योजना राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक प्राधिकरणों, मिशन, सोसायटियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ग्रुप ए, बी, सी और डी में सभी कर्मचारियों व अधिकारियों पर लागू होगी।
  • इस योजना में प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्ट पर लगे कर्मियों को शामिल नहीं किया गया है।
  • यह पुरस्कार राज्य और ज़िला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर दिये जाएंगे।
  • राज्यस्तरीय फ्लैगशिप पुरस्कार योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लागू प्रमुख योजनाओं में असाधारण योगदान पर दिये जाएंगे। विजेता टीमों को ट्रॉफी, प्रशंसा-पत्र और प्रत्येक फ्लैगशिप योजना के लिये 51,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस पुरस्कार को टीम के सदस्यों के बीच समान रूप से वितरित किया जाएगा, जिसमें रैंक या पद मायने नहीं होगा।
  • राज्यस्तरीय पुरस्कार के तहत विभिन्न पहलुओं और योजनाओं में असाधारण प्रदर्शन करने वालों को प्रदान किया जाएगा। विजेता टीमों को ट्रॉफी, प्रशंसा प्रमाण-पत्र और नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसमें पहला पुरस्कार 51,000 रुपए, दूसरा पुरस्कार 31,000 रुपए और तीसरा पुरस्कार 21,000 रुपए का होगा। फ्लैगशिप स्कीम अवार्ड्स के साथ नकद इनाम टीम के सदस्यों के बीच समान रूप से वितरित किया जाएगा।
  • ज़िला स्तर पर अनुकरणीय योगदान करने पर ज़िला स्तरीय पुरस्कार दिया जाएगा। विजेता टीमों को ट्रॉफी, उपायुक्त की सिफारिश के आधार पर प्रशंसा-पत्र और टीम के सदस्यों के बीच समान रूप से 31,000 रुपए का प्रथम पुरस्कार, 21,000 रुपए का दूसरा पुरस्कार और 11,000 रुपए का तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा।
  • पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिये, ज़िला स्तरीय पुरस्कारों के लिये ट्राफियाँ और प्रशंसा-पत्र ज़िले के उपायुक्त की सिफारिश पर एवं राज्य स्तर पर छह पुरस्कार और असाधारण प्रदर्शन के लिये तीन पुरस्कार दिये जाएंगे।
  • आवेदक अपने आवेदन अधिकार प्राप्त समिति या ‘ज़िला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति’ को प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर, 2023 है। सुशासन दिवस पर 25 दिसंबर, 2023 को पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा।


झारखंड Switch to English

नीति आयोग के एबीपी की पहली डेल्टा रैंकिंग में पूर्वी भारत में झारखंड के दुमका ज़िले का रामगढ़ ब्लॉक दूसरे स्थान पर

चर्चा में क्यों?

7 दिसंबर, 2023 को नीति आयोग द्वारा घोषित एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) की पहली डेल्टा रैंकिंग में जोन 6 में शामिल पूर्वी भारत में झारखंड के दुमका ज़िले के रामगढ़ ब्लॉक को दूसरा स्थान मिला है।

प्रमुख बिंदु

  • एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) की पहली डेल्टा रैंकिंग में तेलंगाना के आसिफाबाद के तिरियानी कुमुरम भीम ब्लॉक को पहला और उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले के कौशांबी ब्लॉक को दूसरा स्थान मिला।
  • ब्लॉकों को भौगोलिक दृष्टि से छह जोनों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन से दो ब्लॉकों को रैंकिंग दी गई है।
    • जोन 1, जिसमें पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ द्वीप भी शामिल हैं, में पहले और दूसरे स्थान पर क्रमशः अमरी ब्लॉक (पश्चिम कर्बी आंगलोंग, असम) और नगोपा ब्लॉक (सैतुअल, मिजोरम) रहे।
    • जोन 2, जिसमें उत्तर भारतीय राज्य शामिल हैं, में उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले के हर्रैया ब्लॉक ने पहला और गाजीपुर ज़िले के विरनो ब्लॉक ने दूसरा स्थान हासिल किया।
    • दक्षिणी राज्यों वाले जोन 3 में, मस्की ब्लॉक (रायचूर, कर्नाटक) और नारनूर (आदिलाबाद, तेलंगाना) को शीर्ष रैंकर घोषित किया गया।
    • पश्चिमी भारतीय राज्यों में, जिसमें जोन 4 शामिल हैं, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली ज़िले में सिरोंचा और अहेरी ब्लॉक विजेता बनकर उभरे।
    • जोन 5 के तहत मध्य भारत में मध्य प्रदेश के धार ज़िले का तिरला ब्लॉक और बड़वानी ज़िले का पाट ब्लॉक विजेता रहे।
    • जोन 6 में शामिल पूर्वी भारत में बिहार के सीवान ज़िले का आंदर ब्लॉक पहले और झारखंड के दुमका में रामगढ़ ब्लॉक दूसरे स्थान पर रहे।
  • सभी श्रेणियों में विजेताओं को शीर्ष रैंक के लिये 1.5 करोड़ रुपए और दूसरे रैंक के लिये 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।
  • ब्लॉकों की रैंकिंग की गणना ब्लॉकों के प्रदर्शन और जून, 2023 के महीने में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) में प्राप्त प्रगति के आधार पर की गई।
  • केपीआई के आधार पर ब्लॉकों की रैंकिंग करना कार्यक्रम की एक मुख्य रणनीति है, जो प्रतिस्पर्द्धी और सहकारी संघवाद की भावना पर आधारित है। यह पहला मौका है कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ब्लॉकों की रैंकिंग की गणना की गई है।
  • विदित हो कि एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) 7 जनवरी, 2023 को शुरू किया गया था। एबीपी भारत के सबसे कठिन और अपेक्षाकृत अविकसित ब्लॉकों में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिये शासन में सुधार पर केंद्रित है। भारत के 27 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों के 329 ज़िलों के 500 ब्लॉक इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। 


छत्तीसगढ़ Switch to English

एसईसीएल हरित आवरण को बढ़ाने के लिये ‘मियावाकी’ वृक्षारोपण विधि का उपयोग करेगा

चर्चा में क्यों?

6 दिसंबर, 2023 को पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के कोयला बेल्ट क्षेत्र में वन आवरण को बढ़ावा देने के लिये साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) अपने परिचालन क्षेत्रों में पहली बार जापान की लोकप्रिय ‘मियावाकी’ पद्धति का उपयोग करके वृक्षारोपण करेगी।

प्रमुख बिंदु

  • कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी एसईसीएल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गेवरा क्षेत्र में दो हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी जंगल विकसित करने के लिये लोकप्रिय जापानी तकनीक का उपयोग करेगी।
  • यह परियोजना लगभग 4 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम (CGRVVN) के साथ साझेदारी में लागू की जाएगी।
  • मियावाकी तकनीक का उपयोग करके वृक्षारोपण दो वर्षों की अवधि में किया जाएगा, जिसमें लगभग 20,000 पौधे लगाए जाएंगे। वृक्षारोपण में बड़े पौधे, जैसे- बरगद, पीपल, आम, जामुन आदि; मध्यम पौधे, जैसे- करंज, आँवला, अशोक आदि और छोटे पौधे, जैसे- कनेर, गुड़हल, त्रिकोमा, बेर, अंजीर, नींबू आदि शामिल होंगे।
  • विदित हो कि वृक्षारोपण की मियावाकी पद्धति की शुरुआत 70 के दशक में जापानी वनस्पतिशास्त्री और पादप पारिस्थितिकी विशेषज्ञ अकीरा मियावाकी ने की थी। वृक्षारोपण की इस तकनीक में प्रत्येक वर्ग मीटर के भीतर देशी पेड़, झाड़ियाँ और ग्राउंडकवर पौधे लगाना शामिल है। यह कम जगह में तेजी से घने जंगल को विकसित करने के लिये एक आदर्श विधि है।
  • मियावाकी वृक्षारोपण के लिये चुनी गई प्रजातियाँ आमतौर पर ऐसे पौधों की होती हैं, जिन्हें बहुत अधिक रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है और वे कठोर मौसम एवं पानी की कमी की स्थिति में जीवित रह सकते हैं तथा मौज़ूदा परिस्थितियों में तेजी से बढ़ सकते हैं। इससे कम समय में एक घना जंगल विकसित करने में मदद मिलती है।
  • एसईसीएल में मियावाकी वृक्षारोपण की पायलट परियोजना से कम समय में देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा खदान के आसपास हरित आवरण बढ़ाने में मदद मिलेगी। फलदार, एवेन्यू और सजावटी पेड़ों की स्वदेशी प्रजातियों से बना जंगल स्थानीय समुदायों और वन्यजीवों के लिये भी लाभकारी सिद्ध होगा। परियोजना के तहत विकसित जंगल धूल के कणों को सोखने में एवं सतह के तापमान को नियंत्रित करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
  • उल्लेखनीय है कि भारत की अग्रणी कोयला कंपनियों में से एक होने के अलावा एसईसीएल अपनी खदानों के आसपास हरित आवरण को बढ़ावा देने एवं पर्यावरण को संरक्षित करने और कोयला खनन के प्रभावों को कम करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
  • अपनी स्थापना के बाद से अब तक एसईसीएल 3 करोड़ से अधिक पौधे लगा चुका है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने 475 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित आवरण का विकास किया है तथा 10.77 लाख पौधे लगाए हैं, जो कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों में सबसे अधिक है।
  • कंपनी ने हाल ही में 2023-24 से 2027-28 तक पाँच साल की अवधि के लिये 169 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर वृक्षारोपण और इसके बाद 4 वर्षों के रखरखाव के लिये छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम (सीजीआरवीवीएन) और मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम (एमपीआरवीवीएन) के साथ समझौता किया है।


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